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जब की जब मैंने 10त के एग्ज़ॅम क्लीयर किए ओर आगे की पढ़ाई के लिए मुझे मेरे पेरेंट्स ने मुझे मेरी बड़ी (मामा कि लड़की) दीदी ऋतु के पास भेजने का सोच लिया मैं उन से मिलने के बारे में सोच कर बहुत खुश भी था ओर ये सोच कर दुखी भी था की अब अगले कुछ सालों तक मुझे मेरे पेरेंट्स ओर सिस्टर से दूर रहना होगा.
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
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ऋतु दीदी की शादी हो चुकी थी जब वो 18 साल की थी ओर उन के हज़्बेंड ने अन छोड कर दूसरी शादी कर ली ओर अब वो उसे में रही रही रहे थे. दीदी चंडीगढ़ में अकेली रहती थी. इस लिए मुझे उन के पास जाना था ओर मुझे अपनी आगे की पढ़ाई भी अब उन के साथ रही कर ही करनी थी. एग्ज़ॅम्स के लग बैग 1 मंथ के बाद मेरी पूरी फॅमिली मुझे दीदी के पास छोडने आई थी. हम सब बहुत खुश थे दीदी से मिल कर ओर दीदी भी.
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दीदी ने मुझे गले लगा लिया ओर मेरा हेड चूम लिया. फिर हम सब 2 दिन तक साथ रहे ओर फिर मेरी फॅमिली मुझे दीदी के पास छोड कर वापस अपने घर आ गये. अब चंडीगढ़ में मैं ओर दीदी ही थी. चुकी अभी एग्ज़ॅम्स ओवर हुए थे तो सब कॉलेज्स की हॉलिडेज़ चल रहे थे ओर मैं ओर दीदी दोनों घर पर ही रहते थे.
मेरे पेरेंट्स ने मुझे पड़े लाड़ प्यार से पाला था इस लिए दीदी भी मुझे ऐसे ही रखती थी. वो खुद ही मुझे अपने हाथ से खिलती थी. दीदी मुझे से बहुत प्यार करती थी ओर वैसे भी उन का कोई चाइल्ड नहीं था. एक दिन दीदी घर में झुक कर झाड़ू लगा रही थी ओर उन्होंने अपनी नाइटी पहन रखी थी. दीदी घर में सलवार सूट ही पहनती थी ओर कभी कभी जीन्स ओर टी-शर्ट भी.
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उस दिन दीदी जब झाड़ू लगा रही थी तो मुझे उन की क्लीवेज दिखने लगी. पहले तो मैंने कुछ ध्यान नहीं दिया लेकिन जब दीदी ओर नज़दीक आ गयी तब मुझे ओर भी ज्यादा दीदी की चुचियाँ दिखाई दे रही थी. मैं लगातार दीदी की चुचियों को ही देख रहा था ओर तभी दीदी ने मुझे देख लिया ओर बोली क्या देख रहे हो. मैंने कहा कुछ नहीं दीदी ओर दीदी फिर से अपने काम लग गयी.
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त को मैं ओर दीदी एक ही बेड पर साथ सोते थे ओर आज दिन में दीदी की चुचियाँ देख कर मुझे रात में ऐसा लगा जैसे मेरे लंड से कुछ निकल गया हो ओर मेरा आंडरवेयर गीला हो गया . मैं कुछ दे रेज़ ही लेता रहा लेकिन जब लगा आंडरवेयर चिप-छिपा होने लगा हे तब मैंने दीदी को उठाने की कोशिश करने लगा. मैंने दीदी से कहा दीदी उठो ओर दीदी उठा गयी ओर कहने लगी इतनी रात को क्या बात हे. मैंने कहा दीदी मेरा आंडरवेयर गीला हो गया हे शायद मैंने नींद में सो सो कर दिया हे. मैंने दीदी को बता दिया क्योंकि उस टाइम मुझे सेक्स के बारे में कुछ नहीं पता था फिर दीदी ने कहा चलो बाथरूम में मैं तुम्हारा आंडरवेयर चेंज करवा देती हूँ.
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ओर हम बाथरूम में चले गये ओर दीदी ने मेरी निक्कर ओर आंडरवेयर निकल दिए ओर साइड में रख कर मेरे लंड पर हाथ लगाया तो मैंने कहा दीदी रात को पहले मुझे कभी सो सो नहीं आया था फिर आज कैसे. दीदी ने पानी से मेरे लंड को साफ कर दिया ओर बोली इस उमर में कभी कभी ऐसा हो जाता हे चलो सो जाते हे. फिर नेक्स्ट मॉर्निंग मैंने उठा ओर दीदी मुझे बात के लिए बाथरूम में ले गयी ओर मेरे सारे कपड़े निकल दिए ओर मुझे बात देने लगी फिर दीदी का हाथ मेरे लंड पर लगा ओर दीदी लंड ली सफाई करने लगी ओट तभी लंड कड़ा होने लगा लेकिन मुझे कुछ नहीं पता था की क्या हो रहा हे.
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फिर दीदी ने लंड की सफाई की ओर मैंने दीदी से पूछ दीदी मेरी नूनी ऐसे क्यों बड़ी हो गयी हे तब दीदी ने मुझे बताया की अब तुम बारे हो गये हो तो तुम्हारी नूनी भी बड़ी हो गयी हे ओर अब ये नूनी नहीं लंड बन गया हे. मैंने दीदी से पूछ दीदी लंड क्यों तो दीदी ने कहा टाइम आने पर तुम्हें खुद ही पता चल जाएगा. फिर मैंने दीदी से पूछ दीदी आप की नूनी भी सॉरी लंड भी बड़ा हो गया होगा तो दीदी हंसने लगी ओर बोली पागल फीमेल्स को लंड नहीं होता तो मैंने पूछ तो फिर तुम सो सो कहा से करती हो दीदी ने मुझे कहा फीमेल्स को वेजाइना होती हे जहां से वो सो सो करती हे तो मैंने कहा मुझे देखनी हे
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ओर मैं जिद करने लगा क्यों की सब मुझे से बहुत प्यार करते थे इस लिए मेरी सारी जिद भी मानते थे ओर दीदी भी मान गयी ओर उन्होंने अपनी सलवार निकल दी ओर फिर अपनी आंडरवेयर भी दीदी ने मुझे इशारा करके बताया की इससे वेजाइना कहते हे तो मैंने कहा वेजाइनाऔर........................ तो दीदी ने कहा अरे बुध्धु चुत कहते हे मैंने फिर पूछ अभी तो आप वेजाइना बोल रहे थे ओर अब चुत कह रहे हो. तो दीदी ने मुझे कहा दोनों इसी के नाम हे चुत हिन्दी में ओर वेजाइना इंग्लिश में बोलते हे. फिर मैंने दीदी से पूछ दीदी फ़ीमेल को चुत क्यों होती हे.बड़ी दीदी की चुदाई
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दीदी ने मुझे कहा अब मैं तुझे कैसे बताऊं ओर दीदी कुछ देर सोचने लगी ओर फिर उन्होंने कहा पहले तू प्रॉमिस कर ये सब बातें किसी ओर के साथ नहीं करे गा जो भी पूछना हे मुझे से पूछ लेने मैंने कहा प्रॉमिस दीदी ओर फिर दीदी ने कहा फ़ीमेल को चुत इस लिए होती हे क्योंकि इस से बच्चा पैदा होता हे. मैंने फिर पूछ वो कैसे तो दीदी बोली जब तेरी शादी होगी तब तुझे पता चल जाए गा.
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बात ले कर हम ब्रेकफास्ट करने लगे लेकिन मेरे माइंड में अभी भी कुछ क्वेस्चन घूम रहे थे जो मुझे परेशान कर रहे थे. ब्रेकफास्ट करने के बाद में उदास हो कर अपने रूम में चला गया ओर कुछ देर के बाद दीदी भी रूम में आई ओर पूछने लगी क्या हुआ पहले तो मैं कुछ नहीं बोला ओर दीदी के बार बार पूछने पर मैंने दीदी से कहा पहले तो आप बोलती हो सिर्फ़ मुझे से पूछो जो पूछना हे ओर फिर बताती भी नहीं हो. दीदी ने कहा क्या बताती नहीं हूँ. मैंने कहा यही की बच्चा कैसे पैदा होता हे
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दीदी बोली ओके मैं बताती हूँ पर तू ऐसे उदास मत हो ओर फिर दीदी ने मुझे से कहा जब मेल का लंड फ़ीमेल की चुत में जाता हे ओर अपना पानी छोड देता हे तो उस पानी से फ़ीमेल को बच्चा होता हे ओर जो रात को तेरा निकला था उसी पानी से बच होता हे. मैं फिर से उदास हो कर बैठ गया तो दीदी बोली अब क्या हुआ मैंने सब बता तो भैया'. फिर मैंने कहा मुझे एक बार करके देखना हे तो दीदी ने कहा मेरे साथ नहीं अपनी वाइफ के साथ
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र फिर कुछ दिन ऐसे ही निकल गये ओर फिर एक दिन रात को मेरा लंड कड़ा हो गया ओर पता नहीं मुझे कैसे जगह आ गये तो मैंने देखा दीदी की नाइटी घुटनों से ऊपर आई हुई थी मैंने उठ कर दीदी के करीब गया ओर धीरे से नाइटी को ऊपर करने लगा ओर कुछ ही देर के बाद मुझे दीदी की चुत दिखने लगी. मुझे पता नहीं क्या हुआ मैंने अपनी एक उंगली चुत पर रखी ओट सहलाने लगा ओर चुत को खोल कर देखने लगा. फिर एक उंगली चुत में डालने लगा तो दीदी को जगह आ गये ओर दीदी ने कहा क्या कर रहे हो तो मैंने कहा दीदी मैं चुत के अंदर देख रहा था ओर फिर मैंने दीदी से रिकवेस्ट करने लगा की प्लीज़ मुझे एक बार अंदर डालने दो. पर दीदी नहीं मानी ओर मेरे मुंह से निकल गया फिर ठीक हे मैं कल सुबह ही अपने घर चला जाता हूँ मेरे घर पर सब मेरी बात मानते हे. दीदी भी मुझे से बहुत प्यार करती थी इस लिए ये सुन कर उन की आंखों से आँसू निकल आए
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न्हें रोता देख कर मैं भी रोने लगा ओर फिर मैंने दीदी से कहा प्लीज़ आप रोना बंद करो मैं आप को छोड कर कहीं नहीं जाऊंगा लेकिन मुझे एक बार करने दो प्लीज़ ओर दीदी ने कहा भाई ये सब भाई बहन के बीच नहीं होता हे अब मैं तुम्हें कैसे समझाऊ. ओर फिर मेरे बार बार बोलने पर दीदी मान गयी लेकिन बोली सिर्फ़ एक ही बार कमरा ओर जैसे मैं बोलू वैसे ही मैंने कहा ठीक हे दीदी ओर दीदी को थॅंक्स बोला.
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फिर दीदी ने अपनी सलवार निकल दी ओर पैंटी भी ओर मेरे भी सारे कपड़े निकल दिए अब मैं बिलकुल नंगा था ओर दीदी ने सिर्फ़ ब्रा ओर सूट पहन रखा था. फिर मैंने कहा दीदी सूट को भी निकल दो तो कुछ देर के बाद दीदी ने सूट भी निकल दिया पर ब्रा नहीं निकल ओर दीदी बेड पर लेट गयी ओर मुझे अपने ऊपर आने को कहा मैं दीदी के ऊपर चढ़ गया ओर दीदी ने मेरे लंड को हाथ में लिया ओर दीदी के हाथ लगते ही लड़ कड़ा होने लगा ओर देखते ही देखते लंड 7 इंच लंबा हो गया दीदी ने कहा तेरा तो बहुत लंबा हे ओर फिर दीदी ने लंड को चुत के मुंह पर रख ओर रगड़ने लगी.
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अब मैं भी दीदी के ऊपर लत गया पर लंड चुत मैं नहीं झड़ रहा था तो दीदी ने मुझे तेल लाने को कहा ओर फिर मैं उठ करते एल लेकर आया तो दीदी ने मेरे लंड ओर अपनी चुत पर तेल लगा ओर मैं फिर से दीदी के ऊपर लत गया ओर लंड को दीदी की चुत पर रखा तो लंड चुत में थोड़ा सा ही गया तो दीदी ने मुझे से कहा एक ज़ोर का धक्का लगाओ ओर मैंने ऐसे ही किया ओर एक ही धक्के में लंड आधे से ज्यादा दीदी की चुत में चला गया मुझे ओर दीदी दोनों को कुछ पेन हो रहा था तो दीदी ने मुझे कुछ देर रुकने को कहा ओर फिर कुछ देर के बाद जब दर्द कम हुआ तो फिर दीदी ने फिर से एक डाचा लगाने को कहा
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स बार मैंने अपनी सारी ताक़त से धक्का लगाया तो सारा लंड चुत में चला गया ओर फिर कुछ देर रुकने के बाद दीदी ने मुझे से कहा की अब लंड को आगे पीछे करो तो मैंने ऐसा ही किया ओर दीदी की चुत में धक्के लगाने लगा. मुझे बहुत मजा आ रहा था ओर ऐसे लग रहा था जैसे मैं जन्नत की सैर कर रहा हूँ ओर अब दीदी भी अपनी गांड उठा कर मेरा साथ दे रही थी ओर कुछ देर के बाद दीदी की चुत से पानी निकल गया ओर चुत ओर भी गीली ओर चिकनी हो गयी ओर अब मैं ज़ोर ज़ोर से धक्के लगा रहा था.
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रीब 15-16 मिनट के बाद मुझे ऐसे लगा जैसे मेरे लंड से कुछ निकलने वाला हे तो मैंने दीदी से कहा दीदी मेरे लंड से कुछ निकलने वाला हे तो दीदी ने कहा कोई बात नहीं तू बस धक्के लगाए जा ओर ऐसे करते करते मेरे लंड से पानी निकल गया ओर दीदी की चुत से भी. मैं ऐसे ही तक कर दीदी के ऊपर लत गया ओर लंड अभी भी दीदी की चुत में ही था. कुछ देर के बाद लंड सिकुड़ गया ओर पाँच की आवाज़ के साथ बाहर आ गया ओर बहुत सारा पानी जो की सफेद रांड़ का था दीदी की चुत से निकल रहा था.
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मैंने दीदी से पूछा दीदी आप की चुत से क्या निकल रहा हे तो दीदी ने कहा कुछ नहीं ये तेरे लंड ओर मेरी चुत का पानी हे जिस से बच्चा बनता हे.फिर दीदी ने मुझे बताया की इससे चुदाई यानि के सेक्स कहते हे ओर तब मुझे पता चला की सेक्स क्या होता हे. फिर दीदी ने मुझे कहा मेरे भाई अब तो तू मुझे कभी छोड कर नहीं जाएगा ना. मैंने दीदी से कहा नहीं दीदी मैं आप को छोड कर कभी नहीं जाऊंगा. फिर दीदी ने मुझे से कहा प्लीज़ भाई ये सब किसी को मत बताना नहीं तो हम दोनों की बहुत बदनामी होगी मैंने दीदी से कहा वो कैसे तो दीदी ने कहा सेक्स सिर्फ़ हज़्बेंड ओर वाइफ ही करते हे भाई-बहन नहीं.
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