Posts: 76,182
Threads: 890
Likes Received: 11,668 in 9,578 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
118
मै लखीमपुर में रहता हूँ। मेरी उम्र 27 साल की है। मेरा कद 6 फुट है। मैं बहुत ही खूबसूरत लगता हूँ। मेरा लंड 9.5 इंच का है। इतना बडा लंड बहुत कम ही लोगो कक होता है। सारी लड़किया मेरे मोहल्ले की मुझ पर मरती हैं। कुछ अच्छी लड़कियों के साथ मै भी सेक्स कर चुका हूँ। लड़कियों की फूली चूंची को दबाना मुझे बहुत अच्छा लगता है। मुझे सबसे पहले सेक्स करने का मौका दिया था। मेरी पड़ोस में रहने वाली रीता ने। उसी ने मुझे ब्लू फिल्म दिखा कर सेक्स का पाठ पढ़ाया। मुझे आज भी वो दिन याद हैं। जब उसने मुझसे पहली बार चुदवाया था। तभी से मेरी चुदाई की प्यास नहीं बुझी। इनके बदले में मेरी चुदाई कि प्यास और बढ़ गई। तभी से मेरी लंड को चूत के दर्शन होने लगे। मेरा लंड जब भी किसी मस्त हॉट और सेक्सी लड़की को देखता है। मेरा लंड तोप की तरह खड़ा हो जाता है। मै हमेशा अपने पास अपने रूम में कॉण्डोम रखता हूँ। क्योंकि चूत और भूत कभी भी मिल सकती है। मुझे स्ट्रावैरी फ्लेवर कॉण्डोम बहुत पसंद है। मै उसकी महक से खुश हो जाता हूँ। मै हर बार चुदाई से पहले ही कॉण्डोम रख लेता हूँ। दोस्तों अब मै अपनी कहानी पर आता हूँ।
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
Posts: 76,182
Threads: 890
Likes Received: 11,668 in 9,578 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
118
मैं एक अमीर परिवार का लड़का हूँ। मेरे पापा एक डॉक्टर हैं। मेरी मम्मी भी टीचर हैं। मेरी मम्मी दो बहन हैं। जिनको मैंने चोद है। वो मेरी मौसी हैं। वो इलाहाबाद में रहती हैं। उनकी अभी शादी नही हुई है। वो अभी भी पढ़ रही है। उनकी उम्र 28 साल की रही होगी। देखने में एकदम मस्त माल लगती थी। उनकी चूंचियों को देखकर मेरा लंड खड़ा हो जाता था। मेरा एक पेपर था इलाहाबाद में तो मुझे मम्मी ने मौसी के रूम पर रुक जाने को कहा। मै रात में इलाहाबाद पहुचा। मौसी के रूम पर गया। मौसी को देखते ही मेरा लंड हमेशा की तरह खड़ा हो गया। मौसी का नाम ऋतु था। लेकिन मैं प्यार से मासी कहता था। हम और मासी रात को खाना खाएं। मासी के साथ उनकी बेड पर लेट गया। मासी कुछ देर बाद सो गई। लेकिन मुझे नींद नहीं आ रही थी। मैं मासी को घूर घूर कर देख रहा था। दूसरे दिन मेरा पेपर था तो मैं भी मुठ मार के सो गया। दुसरे दिन सुबह उठा। ब्रश करके नहाया और चाय पी के मैं पेपर देने चला गया। लेकिन मुझे मासी को चूचियां और उनका बदन मेरे दिमाग में बार बार घूम रहा था। मैंने किसी तरह पेपर दिया।
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
Posts: 76,182
Threads: 890
Likes Received: 11,668 in 9,578 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
118
उनके बाद मैंने जल्दी से मासी के 32,28,34 के फिगर को देखने जल्दी से रूम पर आ गया। आज तो मासी बहुत ही ज्यादा हॉट और सेक्सी लग रही थी। मासी के रूम पर आते ही जी करने लगा आज तो मासी को चोद डालूँ। मासी ने लाल रंग सलवार और समीज पहना था। मुझे मासी के बदन पर बहुत ही अच्छा लग रहा था। मासी की समीज में पीछे नेट था। मासी के ब्रा किं पट्टियां साफ़ साफ़ दिख रही थी।मेरा लंड तो बेकाबू होता जा रहा था। मैं घर जाने को कहने लगा। मासी ने मुझे रोक लिया कहने लगी इतने दिन बाद आये हो तो रूक के जाओ। दो तीन दिन बाद चले जाना। मासी ने मम्मी से बता दिया। मुझे तो मासी की चुदाई करने की नजर आने लगी। मासी और हम बहुत खुश थे। मासी और हम शाम को घूम कर आये। रात में खाना खाकर पढ़ाई की मासी ने। मैंने भी कुछ देर पढ़ा। मासी सो गई। लेकिन मुझे नींद कहाँ आने वाली थी। मासी की चुदाई की तरकीब सोचते सोचते 1 बज गए। मेरा लंड खड़ा था। मैंने अपने पैजामे से ही अपने लंड को मासी की गांड में छुआने लगा। मासी सो रही थी। मैं अपने लंड को छुआ के आनंद ले रहा था। मासी ने करवटे बदली। इस बार मासी की चूत मेरे लंड के सामने थी। मासी की चूत पर अपना हाथ रख दिया। मासी ने हाथ हटा दिया। मासी ने भी मेरा तना लंड देखा। मेरा पैजामे को तंबू की तरह ताने हुए था। मौसी की भी चूत में कुछ कुछ होने लगा। मौसी मेरे लंड को देख रही थी।
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
Posts: 76,182
Threads: 890
Likes Received: 11,668 in 9,578 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
118
मौसी को लगा मै सो रहा हूँ। मौसी ने धीरे से मेरे लंड को एक ऊँगली से छुआ। मेरा लंड छूते ही और बड़ा हो गया। मासी डर कर अपनी अंगुली उठा ली। मेरा लंड मासी को सलाम कर ही चुका था। मासी का भी मूड कुछ चुदवाने के लिए होने लगा। मासी मेरे पास चिपक कर अपना गांड मेरी तरफ करके लेट गई। मासी की गांड में मैंने अपना लंड छुआ दिया। मासी की गांड में मेरा लंड लग रहा था। मासी कुछ नहीं बोल रही थी। मासी को मैंने चोदने का पूरा मूड बना लिया। मैंने सोचा जो होगा देखा जायेगा। आज तो मैं मासी को चोद कर ही मानूंगा। मैंने मासी की गांड पर धक्का मारा। मासी कुछ न कही। मैंने अपना पैर उठाया और मासी की गांड पर रखकर चढ़ गया।
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
Posts: 76,182
Threads: 890
Likes Received: 11,668 in 9,578 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
118
मासी ने फिर भी कोई विरोध नही किया।
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
Posts: 76,182
Threads: 890
Likes Received: 11,668 in 9,578 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
118
मैंने मासी की एक बूब्स को पकड़ के दबा रहा था। मासी का बूब्स बहुत ही सॉफ्ट था। मासी की बूब्स को मै दबा रहा था।
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
Posts: 76,182
Threads: 890
Likes Received: 11,668 in 9,578 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
118
मासी चुपचाप अपना बूब्स दबवा रही थी। मैंने मासी के नीचे से हाथ डालकर मासी की दोनों बूब्स को पकड़ लिया।
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
Posts: 76,182
Threads: 890
Likes Received: 11,668 in 9,578 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
118
मासी की दोनों चूचियों को मै दबा रहा था। मासी की पीछे पीठ पर किस करने लगा। मासी की पीठ पर किस करते ही मासी भीं कण्ट्रोल नहीं कर पा रही थी।
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
Posts: 76,182
Threads: 890
Likes Received: 11,668 in 9,578 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
118
मासी ने भी इधर उधर होना शुरू किया।
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
Posts: 76,182
Threads: 890
Likes Received: 11,668 in 9,578 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
118
मासी अपना मुँह मेरी तरफ करके लेट गई।
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
Posts: 76,182
Threads: 890
Likes Received: 11,668 in 9,578 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
118
मैंने मासी की लाल लाल होंठो को छूकर अपना होंठ मासी के होंठो पर रख दिया। मैं कुछ भी करता मासी कोई विरोध नहीं करती थी। मेरी हिम्मत बढ़ती ही जा रही थी।
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
Posts: 76,182
Threads: 890
Likes Received: 11,668 in 9,578 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
118
मासी के लाल लाल होंठो को पीना शुरू किया। मासी की होंठ का रस पीते पीते मैंने अपना हाथ मासी के समीज में पीछे नीचे से डाल दिया। मासी की समीज ऊपर उठ गई।
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
Posts: 76,182
Threads: 890
Likes Received: 11,668 in 9,578 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
118
मासी का चिकना गोरा पेट दिख रहा था। मासी की ढोंढ़ी बहुत ही अच्छी लग रही थी। मासी ने अपनी आँखे खोल दी।
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
Posts: 76,182
Threads: 890
Likes Received: 11,668 in 9,578 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
118
मुझे थोड़ा बहुत ही डर लग रहा था। मासी ने कहा- ये क्या कर रहे हो।
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
Posts: 76,182
Threads: 890
Likes Received: 11,668 in 9,578 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
118
मै चुपचाप उन्ही ब्रा का हुक पीछे से पकडे हाथ घुसेड़े रहा।
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
Posts: 76,182
Threads: 890
Likes Received: 11,668 in 9,578 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
118
मासी ने मुझसे न चुदवाने को कहा।
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
Posts: 76,182
Threads: 890
Likes Received: 11,668 in 9,578 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
118
लेकिन मेरे बहुत मनाने पर मासी मान गई।
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
Posts: 76,182
Threads: 890
Likes Received: 11,668 in 9,578 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
118
मैंने कहा हम लोग अपनी सेक्स किं प्यास बुझा रहे हैं कोई देख थोड़ी न रहा।
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
Posts: 76,182
Threads: 890
Likes Received: 11,668 in 9,578 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
118
मासी को अपने लंड को छूने वाली बात भी बताई। मासी को पता चल गया कि मैं ये सब देख रहा था।
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.