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ये वाक्या तकरीबन साल भर पहले की है तो मेरी उम्र कोई २१ साल होगी तो मेरी चचेरी बहन रेखा की उम्र १९ साल की, मेरी लम्बाई ६’० फीट के आसपास तो सुडौल बदन जिसको देख कोई भी लड़की या औरत एक बार तो जरूर सोचेगी की काश ये मेरे साथ शारीरिक सम्बन्ध एक ही बार सही पर बना ले तो रेखा मेरे बड़े चाचा की बेटी है जोकि कानपुर में ही बी ए की डिग्री में दाखिला ली है और उसके छरहरे बदन, सुराहिनुमा गर्दन और लंबी काली जुल्फें किसी को भी उसका दीवाना बना दे तो उसके दोनों बूब्स उम्र के हिसाब से बड़े बड़े तो कमर पतली और चूतड़ तो उसकी तेज चाल के साथ देखने लायक, दोनों फांक स्प्रिंग की तरह आपस मै टकराती है। रेखा और मेरे बीच का रिश्ता कूड़ेदान में जा चुका था और हम दोनों एक दूसरे के साथ सेक्स का आनंद लेने लगे तो उसकी चुत की सील तोड़कर मैं धन्य हो उठा, बिल्कुल ही कसी हुई चुत जिसपर हल्के रोएं और लालिमा लिए बुर के दरार स्पष्ट पर फांक आपस में सटे हुए तो एक दिन ये जानकर कि मॉम, डैड और मेरी बहन तीनो पैतृक गांव जाने वाले हैं खुशी से झूम उठा लेकिन तभी मॉम बोली ” सुनो राहुल, जरा रेखा से बात कराना
( मैं गंभीर होता हुआ ) सो क्या काम है
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( मॉम ) अच्छा तुम उसको फोन तो लगाओ “मैं अपना मोबाइल लाकर मॉम के बगल में बैठा, फिर रेखा को फोन किया तो शाम के ०६:०० बजे थे और वो फोन रीसिभ की “हैलो जानू, क्या हाल है
( मैं ) लो अपनी आंटी से बात करो
( मॉम ) हां, रेखा कल सुबह हमलोग घर जाने वाले हैं, तुमको तो पता ही है कि दूर के रिश्ते में मेरे देवर लगेंगे उनके बेटी की शादी है
……………..
( मॉम ) तो बात ये है कि दो तीन दिन तुम यहीं घर पर रहो अपने भैया के साथ तो इसको मन भी लगेगा और तुम खाना भी बनाने जानती हो
…………
( मॉम ) ठीक है, तुम कल ०९:०० बजे आ जाना, हम लोग भी उसी समय घर के लिए निकलेंगे “फिर मॉम बातें करके मोबाईल मुझे दी “ऐसा है, रेखा कल सुबह आ जाएगी तो तुम भी उसका ध्यान रखना
( मैं ) ठीक है, वैसे मुझे अकेले क्या प्रॉबलम है “तो मॉम उठकर चली गई और मैं काफी खुश था कि दो तीन दिन तक रेखा और मैं घर के चारदीवारी के अंदर ही मजा लेंगे, रात खाना खाने के बाद सोने गया तो मेरी मोबाईल साइलेंट मोड में थी, तकिया पर सर रखकर लेटा और मोबाईल हाथ में लिया की रेखा का कॉल आ रहा था, में कॉल रिसीव किया “बोल बेबी, इतनी रात गए
( रेखा ) जल्दी मिलने की उत्सुकता है
( मैं हंसने लगा ) आराम से सो जा, कल दिन में तुम्हें ही खाना बनाना है
( रेखा बोली ) ओह तो तुम्हें खाने कि भूख है बस
( मैं ) चल कल मिलते हैं “तो रात आराम से सोता रहा, सुबह ०७:३० बजे उठा फिर फ्रेश होकर चाय पीने लगा तो मॉम, डैड और दीदी सब जाने की तैयारी में लगे हुए थे। मैं आज कॉलेज जाने को इच्छुक नहीं था तो अखबार लिए बालकनी में बैठे चचेरी बहन रेखा का इंतजार कर रहा था, तभी मेरे घर के मेन गेट के पास एक ऑटो रिक्शा रुकी तो मैं अखबार रखकर गेट की ओर गया तो रेखा ऑटो चालक को भाड़ा देकर एक छोटा सा बैग उठाई तो मैं उसके हाथ से बैग लेकर उसके साथ अंदर जाने लगा “आंटी सब घर के लिए निकल गईं
( मैं ) नहीं, कार वाले को ०९:०० बजे बुलाए हैं “फिर रेखा डायनिंग हॉल आकर सोफ़ा पर बैठी तो मॉम उधर से तैयार हुए आई तो रेखा उठकर पहले आंटी का पैर छुई तो मॉम “पढ़ाई ठीक से चल रहा है ना
( वो ) जी आंटी, नाश्ता बना दूं
( मॉम ) सबका नाश्ता तैयार कर चुकी हूं, तुम दोनों अपने लिए खाना बना लेना “फिर कार गेट पर लग गई तो ०९:१० बजे डैड, मॉम और दीदी तीनो निकल पड़े, उन लोगों को गुड बाई करके मैं घर के अंदर आया तो रेखा मेन गेट लगाकर अंदर आई “वो मेन गेट के ताला की चाभी किधर है
( मैं मुस्कराया ) बेबी, कुछ देर में कामवाली बाई भी आएगी “तो वो सोफ़ा पर मेरे बगल में बैठकर पूछी “चाय पियोगे
( मैं ) जरूर
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( वो उठी ) ठीक है पहले कपड़े बादल लूं “तो रेखा मेरे सामने से कमर बलखाते हुए रूम घुसी तो मैं पल भर के बाद, उसके रूम की ओर गया, दरवाजा के बाहर से ही पर्दे के किनारे से अंदर झांका तो रेखा की मांसल चूतड़ का दीदार हुआ, चुत पर बिकनी तो उपरी हिस्से पर ब्रा, लेकिन उसके पीठ मेरी ओर थे तो वो बेड पर रखे नाईटी को पकड़ी तो मैं तेजी से रूम घुसकर उसको पीछे से दबोच लिया। राहुल का हाथ रेखा की कमर पर था तो उसके गद्देदार गान्ड पर मैं अपना अगला भाग रगड़ने लगा और उसकी गर्दन को चूमता हुआ अब दूसरा हाथ उसके चूची पर लगाकर दबाने लगा और रेखा “लगता है जनाब पूरी रात मुझे ही याद कर रहे थे
( मैं उसके चेहरा पर चुम्बन देता हुआ ) काफी दिनों से दोनों की मुलाकात नहीं हुई है”रेखा मुड़कर मेरी बाहों में आ गई तो उसके चूचियों का एहसास मेरी छाती को मिलने लगा और मेरा हाथ उसके संगमरमर से जिस्म को सहलाने लगा तो रेखा मेरे ओंठ पर ओंठ रखकर चुम्बन दी, फिर मैं रेखा की रसीली ओंठ को मुंह में लिए चूसने लगा तो हाथ उसके चूतड़ के साईज को मापने में लगा हुआ था। एक २१ साल का छोकरा तो एक १९ साल की लौंडिया, दोनों एक दूसरे से लिपटे खड़े खड़े मजा ले रहे थे तो रेखा की रसीली गुलाबी ओंठ चूसकर मैं उसको सोफ़ा पर बिठाया, घर का दरवाजा बंद रखा था ताकि कामवाली बाई के नॉक करते ही दोनों एक दुसरे से अलग हो जाएं, अब रेखा के लंबे जुल्फों को पकड़े उसका चेहरा अपनी ओर किया तो वो करीब खिसक गई, मेरे ओंठ पर जीभ फेरते हुए मेरे बदन पर बनियान के अंदर हाथ घुसा कर छाती सहलाने लगी और उसकी जीभ मैं मुंह में लेकर चूसने लगा तो एक हाथ उसके बूब्स को दबा रहा था। सोफ़ा पर बैठकर रेखा की जीभ चूसता हुआ चूची मसलने में मस्त था तभी दरवाजा नॉक की आवाज आने लगी और रेखा मेरे चेहरा को पीछे करके जीभ निकाली, फिर उठकर रूम की ओर चली गई तो मैं उठकर दरवाजा खोला, कामवाली बाई रानी अंदर घुसी तो मैं दरवाजा लगाकर उसके पीछे गया और वो मेरी ओर देख बोली “अंकल आंटी घर गए हैं तो मेरी गान्ड के पीछे तुम घूमने लगे
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( मैं ) धीरे बोल साली, मॉम तो यहां चचेरी बहन रेखा को छोड़ गई है”तो रानी मुस्कराई फिर झाड़ू उठाकर बालकनी की ओर गई और मैं रेखा के रूम की ओर गया और वो नाईटी पहने बेड पर लेटी हुई थी “बाई कितने देर में काम निपटा देगी
( मैं हंसने लगा ) लगभग एक घंटा, क्यों
( वो ) ठीक है तब तक मैं आराम करती हूं “राहुल के बरमूडा के अंदर लंड अर्ध टाईट अवस्था में था तो मैं रेखा को छोड़कर डायनिंग हॉल आया तो बाई मॉम की रूम से सफाई करके निकल रही थी फिर वो मुझे देख मुस्कुराई और आखिरी कमरे में चली गई जिसमें रेखा आराम फरमा रही थी। मैं तभी उठकर मॉम के रूम घुसा फिर उनके ड्रॉअर में कंडोम के पैकेट खोजने लगा, मुझे मालूम था कि डैड मॉम को कॉन्डम लंड पर लगाकर ही चोदते है तो हमेशा उस ड्रॉअर में कंडोम की पैकेट होती है, लेकिन एक भी नहीं मिला तो मैं सोचा की दिन में एक बार सिर्फ ओरल सेक्स का ही आंनद लेते हैं फिर शाम को मार्केट से कंडोम खरीद लाएंगे, अब रानी किचन में बर्तन मांज रही थी तो मैं किचन जाकर उसे पीछे से दबोच लिया और तुरन्त ही उसकी चूची ब्लाऊज पर से दबा दिया, वो पीछे मुड़कर बोली “घर में इसलिए बहन को छोड़ आंटी गई हैं
( मैं ) पता है लेकिन तुम वक़्त निकालो तो मैं जगह की खोज करता हूं
( वो ) फिलहाल छोड़ो मुझे और कल बताती हूं कि कब और कहां मजा लेना है “तो मैं रानी को छोड़कर रेखा के रूम घुसा तो वो लेटे हुए हाथ में मोबाइल लिए कुछ देख रही थी तभी मैं उसके चेहरे के पास बैठकर उसके हाथ से मोबाईल छीन लिया तो वो हड़बड़ा कर उठी फिर मुझसे मोबाईल मांगने लगी “प्लीज़ भैया, दे दो मेरी मोबाईल
( मैं मोबाईल में पोर्न मूवी देखता हुआ ) अच्छा है पर इस स्टाइल में मजा देना भी होगा
( वो मेरे से मोबाईल छीन ली ) ठीक है फिलहाल तुम जाओ नहीं तो रानी क्या सोचेगी “मैं उठकर रूम से बाहर निकला तो वक़्त १०:४० हो चुके थे और मैं रानी को बोलकर “काम के बाद दरवाजा सटाकर चली जाना
( वो ) ठीक है”तो मैं अपने रूम जाकर कपड़े लिया फिर वाशरूम घुस गया, सोचा कि स्नान करके नाश्ता कर लिया जाय फिर मैं अपने बरमूडा और बनियान उतारकर झरने के नीचे नग्न स्नान करने लगा, मार्च का महीना तो गर्मी थोड़ी बहुत और मैं बदन भींगते ही साबुन लगाने लगा तो पूरा बदन साबुन की झाग से ढका हुआ था और जैसे ही मैं झरना पर हाथ लगाया, मेरी नजर दरवाजे की ओर गई तो मैं रेखा को नग्न अवस्था में देख तड़प उठा और वो १९ साल की मस्त माल जोकि मेरी चचेरी बहन है मेरी ओर मुस्कराते हुए बढ़ने लगी और वो बेझिझक मेरे बदन से लिपटकर मुझे चूमने लगी तो मेरा हाथ उसके चूतड़ से पीठ तक घूम रहा था और वो मेरे ओंठ चूम बोली “अब मुझे भी स्नान करना है ”
मैं झरना के नीचे अपनी चचेरी बहन रेखा के साथ था तो मेरे बदन पर लगे झाग उसके नग्न जिस्म से रगड़ खा रहे थे और वो मेरे गर्दन में हाथ डाले मेरे ओंठ पर चुम्बन देने लगी तो मेरा हाथ उसकी चिकनी चूतड़ पर फिसल रहा था फिर रेखा मेरे ओंठ को मुंह में लेकर चूसने लगी तो मुझे उसके चुत की छेद का स्पर्श मिला और धीरे से उंगली घुसाने लगा तो रेखा मेरे ओंठ को अपने मुंह में लेकर चूसती रही और उसके मध्यम आकार के चूचियों का एहसास मेरी छाती को मिल रही थी, तुरन्त मेरे ओंठ छोड़कर बोली “जरा झरना खोलो और मुझे स्नान करवाओ “तो मैं झरना खोला और दोनों झरना के नीचे थे तो मेरे बदन से झाग साफ होने लगा तो रेखा की खूबसूरत जिस्म भींगने लगी, वो मेरे छाती से लेकर कमर तक को रगड़कर साफ करने लगी तो मैं उसकी चुत में उंगली करता हुआ उसके एक स्तन को पकड़ दबाने लगा। पल भर के बाद मेरा बदन साफ हो चुका था तो रेखा पूर्ण नग्न अवस्था में भींगी हुई खड़ी थी, मैं झरना बंद करके बॉडी शैंपू लिया फिर उसके पैर को फैलाकर जमीन पर घुटने के बल होकर उसकी जांघों को फैलाया तो उसकी चुत चमक रही थी और राहुल बुर को चूमने लगा तो रेखा मेरे बाल सहलाते हुए “उह ओह ये कोई स्नान कराने का तरीका है जानू
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( मैं उसको देख मुस्कराया ) जानू अब तेरी चुत चाटूंगा फिर तू मेरे मुंह में रस छोड़ेगी साथ ही अगर जोर का लगे तो मूत भी देना
( वो ) चाट चुपचाप, मैं भला अपने आशिक के मुंह में क्यों मूतने लगुं “तो उसकी चुत के दोनों फांक फैलाया और जीभ से चाटते हुए जांघ पर हाथ फेर रहा था और रेखा “ओह आह बहुत गुदगुदी होने लगी, अब प्लीज़ मुझे लंड चूसने दे” मैं पल भर बुर चाटकर उठा तो वो मुझे देखते हुए जमीन पर बैठकर लंड पकड़ ली, अपने दोनों पैर के बल होकर वो लंड को अपने ओंठ पर रगड़ने लगी तो मैं मस्त हो रहा था फिर रेखा अपने मुंह में सुपाड़ा लेकर चूसने लगी तो मैं समझो स्वर्ग की सैर कर रहा था पर रेखा चुदवाने में भी एक्सपर्ट हो चुकी थी तो मुखमैथुन तो उसकी जरूरत थी, तुरन्त ही मेरा पूरा लंड अंदर घुसा कर चूसने लगी तो मैं उसके सर के पीछे हाथ लगाकर लंड चूस्वाता रहा लेकिन सब्र का बांध टूट गया तो उसके मुंह में ही लंड का धक्का देते हुए उसकी मुंह की चुदाई करने लगा और वो भी मेरे कमर को पकड़े अपने सर को आगे पीछे कर रही थी। रेखा मेरे पैर के सामने बैठे मेरे लंड को चूसकर मस्त कर चुकी थी, मैं उसके मुंह में लंड डाले खड़े खड़े उससे लंड चुसवा रहा था “उह ओह आह अब छोड़ो “तो वो लंड मुंह से निकालकर जीभ से चाटने लगी, पल भर बाद वो उठी तो राहुल उसके नग्न बदन पर शैंपू रगड़ने लगा और रेखा मेरे टाईट लंड को पकड़ धीरे धीरे हिला रही थी। मैं उसके बूब्स से गर्दन फिर पेट से कमर तक शैंपू करके जमीन पर बैठा तो उसके ब्रेड पकोड़ा समान चुत को सहलाता हुआ उसके मोटे चिकने जांघ पर शैंपू रगड़ने लगा, वो मुस्कुराते हुए पूछी “लेकिन राहुल अभी तो तुझे फूल एंट्री नहीं मिलने वाली
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( मैं उसके चुत को चूमकर उसपर भी शैंपू लगाने लगा ) सो क्यों बेबी, अपनी दिल मुझे दे रखी हो और बिल ( छेद ) किसी और को
( वो मुड़कर बोली ) दे तो रही हूं डियर, मेरी गान्ड मारेगा तो नया टेस्ट मिलेगा पर छेद तो बिन कंडोम के या दवाई के, ना बाबा ना
( रेखा के चूतड़ को चूमने लगा ) कोई बात नहीं, रात को ही तुझे चोदूंगा “फिर रेखा के गद्देदार चूतड़ के दरार में जीभ फेरता हुआ उसके पेट से चुत तक पर हाथ फेर रहा था और वो “अबे साले, क्या नंगी लड़की को ऐसे स्नान कराया जाता है, गान्ड चाटने में लगा है कुत्ते
( मैं उसके चूतड़ से पैर तक को शैंपू करता हुआ रगड़ने लगा ) बोल साली चुदक्कड़, जब तेरी गान्ड में लंड पेलूंगा ना तब बाप बाप करेगी”तो वो चुप रही और मैं उठकर उसके पीठ पर शैंपू लगा दिया फिर दोनों आमने सामने खड़े होकर झरना का नल चालू किए और एक दूसरे से लिपटकर स्नान करने लगे, रेखा की सेक्सी जिस्म मेरे से रगड़ खा रही थी तो मेरा हाथ उसके गान्ड की गोलाई को मापने में लगा हुआ था और तभी दोनों का बदन पानी से झाग को साफ कर दिया तो भाई बहन का स्नान हो गया। दोनों एक ही टॉवेल से एक दूसरे के बदन को पोंछने लगे फिर नंगे ही रूम आ गए और रेखा एक दर्पण के सामने खड़ी होकर अपने खूबसूरत जिस्म को निहारने लगी तो मैं उसके पीछे खड़ा था “अब मेकअप हो गया हो तो जरा एक कप कॉफी बनाओ तो
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वो मेरी ओर होकर ) मेकअप, साले दिख नहीं रहा है कि मैं निर्वस्त्र हूं और दो दिन ऐसे ही रहेंगे “फिर मैं नंगे ही डायनिंग हॉल में जाकर बैठ गया तो रेखा किचन के अंदर कॉफी बना रही थी, पल भर बाद वो आकर टेबल पर कप रखी तो उस क्रम में जैसे ही झुकी उसकी दोनों चूचियां थोड़ी लटक सी गई और मैं एक चूची पकड़कर दबा दिया तो वो मेरा हाथ हटाकर मेरे बगल में बैठ गई। दोनों नग्नावस्था में साथ बैठकर कॉफी पीने लगे तो मेरा ६-७ इंच लम्बा और डेढ़ इंच मोटा लंड फनफना रहा था और रेखा कॉफी पीते हुए मेरे लंड को पकड़ ली “इसको देखकर कौन साली अपनी चुत नहीं चूद्वाएगी
( मैं हंसते हुए बोला ) तेरी मॉम “तो वो थोड़ा झेंप गई, कप खाली हुआ फिर दोनों बेडरूम घुसे और रेखा बेड पर डॉगी स्टाइल में होकर अपनी इच्छा जताई तो मैं उसके चूतड़ के सामने बैठकर उसको सहलाने लगा और बोला “सो किया, किसके अंदर डालूं
( वो पीछे देख मुस्कुराई ) तेरी मर्जी वैसे चुत ही ठीक रहेगा “तो फिर मुझे क्या दिक्कत, तुरन्त ही उसके जांघों को फैलाकर लंड पकड़े चुत में घुसाने लगा तो रेखा की चुत आराम से मेरा आधा लंड निगल गई, उसके चुत की झिल्ली फटे लगभग ७-८ महीने हो चुके थे तो वो मेरे संग दर्जनों बार चुद्वा चुकी है और उसके चुत की लचक थोड़ी ढीली पड़ चुकी थी तो रेखा की कमर को पकड़े मैं जोर का धक्का उसकी चुत में दे मारा और वो “अबे हरामी आराम से पेल, लगता है अपनी मॉम को चोद रहा है
( मैं दनादन लंड पेलता हुआ ) मौका देगी तो उस साली को भी रुला दूंगा
( रेखा अपनी चूतड हिलाने लगी ) चल साले, पहले मुझे तो रुला “तो उसकी चुत की मैं जबरदस्त चुदाई करने लगा और वो गान्ड स्थिर रखे बस आहें भर रही थी “उह ओह ओह बहुत मजा आ रहा है जानू, पूरे ताकत से चोद मुझे “और राहुल सेक्सी लौंडिया की चुत चुदाई पूरे गति से करता हुआ मस्त था, उसकी गद्देदार गान्ड से मेरी कमर टकराकर दोनों को मजा दे रही थी तो मैं उसके एक चूची पकड़ दबाने लगा और उसकी चुत की गर्मी तेज थी फिर भी इस वक़्त चुदाई को रोकना मेरे वश में नहीं था और वो गान्ड को फिर से हिलाने लगी “उह ओह निकलेगा फिर चाटकर ही पेलना “और उसकी चुत रज से गीली हो गई तो मैं लंड को चुत से निकालकर उसे बेड पर लेटने को बोला फिर वो खुद अपने जांघें फैलाकर मुझसे चुत चटवाने लगी तो राहुल उसकी चुत मै जीभ घुसा घुसा कर रस का स्वाद लेने लगा फिर रेखा उठकर वाशरूम चलीं गई तो मेरा लंड पूरी तरह से गरम हो चुका था। वक़्त ११:१५ का हो चला था तो फिलहाल नाश्ता भी मैंने नहीं किया था, फिर रेखा आकर बेड पर लेटी तो उसके पर्स जोकि पलंग के पीछे बने शेल्फ पर थी को वो खोली और उससे एक गर्भ निरोधक दवाई मेरी ओर फेंकते हुए बोली “सब इंतजाम लेकर चलती हूं
( मैं टुडे गोली के स्ट्रीप को फाड़ा और चुत सहलाने लगा ) एक बात बता रानी
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( मैं उसकी बुर में उंगली घुसा कर रास्ता को जगाया, फिर टुडे की गोली घुसाने लगा ) ओह मतलब कि किसी ओर से भी
( रेखा मुंहफट की तरह ) सो क्या तेरा ही सिर्फ मेरे जिस्म पर अधिकार है क्या “मैं उसकी बुर में गोली डालकर उसके सीने पर मुंह लगाया और फिर उसकी चूची को मुंह में लिए चूसने लगा, पता था कि दवाई अंदर डालने के बाद कुछ देर में ही वो अंदर पिघलता है और फिर संभोग क्रिया सेफ रहता है। रेखा की चूची चुभलाता हुआ मैं उसके चेहरे को निहार रहा था तो उसके चेहरे से काम की ज्वाला साफ दिख रही थी, फिर उसकी सेक्सी आवाज “उह ओह राहुल अब अंदर फिर से खुजली होने लगी “तो मैं बिना देर लिए रेखा की चूची को मुंह से निकला फिर उसके दोनों जांघें के बीच घुटने के बल बैठकर लंड पकड़ा, अब उसकी चुत के मुहाने पर सुपाड़ा रखा और धीरे से अन्दर करने लगा तो रेखा खुद ही उंगली से चुत फैलाए मेरी मदद कर रही थीं फिर दोनों फांकों के बीच का वो छेद मिला जिसमें लंड डालकर लड़के लड़कियों कि बुर चुदाई करते हैं। रेखा कुछ पल पहले तक ५-६ मिनट मुझसे चुदाई थी सो चुत की लचक बरकरार थी और आराम से उस चिपचिपे बुर के अंदर मेरा २/३ लंड चला गया तो मैं उसकी दोनों जांघों को हाथ में थामे एक जोर का धक्का चुत में दे मारा और वो चिहुंक उठी “उई मां, ये तो आयरन रोड की तरह है”तो मैं बैठे बैठे कुछ देर तक उसको चोदा और वो चुदाई से मस्त थी फिर मैं उसके ऊपर सवार होकर तेज चुदाई करने लगा तो रेखा मुझे अपनी बाहों में जकड़े आराम से चुदाने लगी और मैं २-३ मिनट की चुदाई के बाद चिल्ला उठा “उह ओह बस बेबी अब लंड का वीर्य पिला अपनी रानी को “तो लंड से वीर्य स्खलित होकर उसकी चुत को गीला कर दिया और दोनों उसी अवस्था में पल भर लेटे रहे, आगे मेरी चचेरी बहन रेखा तीन दिन तक कैसे मुझसे सेक्स का आनन्द लेती रही,
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