Thread Rating:
  • 5 Vote(s) - 2.2 Average
  • 1
  • 2
  • 3
  • 4
  • 5

Adultery होली दीदी की ससुराल में
#1


होली दीदी की ससुराल में

जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी  हम अकेले हैं.



thanks
[+] 1 user Likes neerathemall's post
Like Reply
Do not mention / post any under age /rape content. If found Please use REPORT button.
#2

ड़कियों पे जब जवानी आती है न तो झट से आ जाती है , बस वही छुटकी के साथ हो रहा था। चेहरा , आँखे उनमें तो भोलापन और शरारत थी लेकि देह जवानी ने दस्तक कब की दे दी है , उसकी चुगली कर रहीथी

जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी  हम अकेले हैं.



thanks
[+] 1 user Likes neerathemall's post
Like Reply
#3

उन्होंने उन मस्त टिकोरों का रस लेना शुरु कर दिया।

पहले झिझक के हलके हलके सहलाया , दबाया फिर जोर जोर से मसलने रगड़ने लगे।



[Image: holi-js.jpg][Image: holi-js.jpg]

छुटकी कुछ सिसकी , कुछ चीखी , कुछ हाथ पैर चलाये ,


जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी  हम अकेले हैं.



thanks
[+] 1 user Likes neerathemall's post
Like Reply
#4

(04-05-2022, 05:01 PM)neerathemall Wrote:  
[Image: Holi-In-wet-Dress-7.jpg]

जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी  हम अकेले हैं.



thanks
[+] 1 user Likes neerathemall's post
Like Reply
#5

(04-05-2022, 05:05 PM)neerathemall Wrote:  
छुटकी के टिकोरे


[Image: 030.jpg]
[Image: anuja-holi.jpg]

जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी  हम अकेले हैं.



thanks
[+] 1 user Likes neerathemall's post
Like Reply
#6

thanks thanks

जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी  हम अकेले हैं.



thanks
Like Reply
#7

Good story
Like Reply




Users browsing this thread: 1 Guest(s)