Posts: 76,182
Threads: 890
Likes Received: 11,668 in 9,578 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
118
दोस्तों मेरे पति राजीव बहुत ही सेक्सी और ठरकी आदमी है। मेरी सुहागरात पर उन्होंने मुझे पूरी तरह से नंगा कर दिया था और मेरी चूत २ घंटे तक वो चाटते और पीते रहे थे। मैं तो सोच रही थी की मेरे पति जादा गर्म बदन नही होंगे, पर मैं पूरी तरह से गलत थी। मेरी पति ने उस पहली रात में मेरी मलाईदार चूत में लंड डाल दिया और मुझे चोदने लगा। मैं सोच रही थी की ये कुछ मिनटों में झर जाएंगे पर मैं फिर से गलत साबित हो गयी थी। मेरे पति ने मुझे ठोकना और पेलना शुरू कर दिया तो वो रुकने का नाम ही नही ले रहे थे। लगातार वो १ घंटे तक मुझे तेज तेज पेलते रहे और तब जाकर उनका माल निकला। मेरी चूत को चोद चोदकर तो पति ने इकदम भुर्ता बना दिया।
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
Posts: 76,182
Threads: 890
Likes Received: 11,668 in 9,578 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
118
जिस बिस्तर पर हम दोनों सुहागरात मना रहे थे उस पर खून ही खून लग गया था। एक घंटे नॉन स्टॉप मेरे पति मुझे बजाते रहे। तब जाकर उनका माल गिरा। दोस्तों मैंने सोचा की चलो आज का काम खत्म हो गया। मैं दूसरी तरफ मुंह करके लेट गयी और आराम करने लगी। मुस्किल से आधा घंटा ही हुआ होगा की पति फिर से गर्म हो गये।
“डार्लिंग……अपनी टाँगे खोलो। फिर से चोदूंगा!!” पति बोले
“सुनिए जी…..क्या आज के लिए इतना काफी नही है। अभी तो आपने पुरे १ घंटा मेरी चूत घिसी है। अब आराम करते है। सुबह मुझे माँ जी के साथ जल्दी उठकर मन्दिर भी जाना है। आप मुझे कल रात जी भरकर चोद खा लेना!!” पति बोले
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
Posts: 76,182
Threads: 890
Likes Received: 11,668 in 9,578 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
118
“अरी डार्लिंग …आज हमारी सुहागरात है। आज हमे सोना नही चाहिए। सिर्फ और सिर्फ चुदाई करना चाहिए” पतिदेव बोले और मेरी दोनों टांगो को उन्होंने फिर से खोल दिया और मेरी चूत में लंड सटाकर मुझे ठोकने लगे। बाप रे…ऐसा चोदू आदमी मैंने पहली बार देखा था। यहाँ मेरा भोसडा फटा जा रहा था और पति थे की आउट होने का नाम ही नही ले रहे थे। दोस्तों पता नही कितना स्टैमिना था उनका। वो मुझे पका पक बजाते ही चले गये और मेरी चिकनी चूत का बुरा हाल हो गया था। मैं “……हाईईईईई…. उउउहह….आआअहह” करके चिल्ला रही थी। पति मेरी चूत को अपने मोटे १०” लौड़े से कूट रहे थे। मेरी तो जान ही निकल रही थी। दोस्तों दूसरे राउंड में पति ने मुझे सुबह ४ बजे तक चोदा और मेरी चूत घिसी, तब जाकर वो आउट हुआ। सुबह मैं किसी बतख की तरह टांग फैला फैलाकर चल रही थी।
“अरी …बहू! इस तरह लंगडाकर क्यों चल रही है!!” मेरी सास ने पूछा
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
Posts: 76,182
Threads: 890
Likes Received: 11,668 in 9,578 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
118
“माँ जी….आपके बेटे ने सारी रात मेरी चूत ली है। मेरे भोसड़े में बहुत दर्द हो रहा था। इन्होने मुझे रात में १ मिनट के लिए भी सोने नही दिया। बस पका पक पेलते रहे!!” मैंने अपनी सास से कहा। वो शर्मा गयी।
“बेटे लकी [मेरे पति का नाम] इस तरह अंधाधुंध ठुकाई मत किया कर। देख बहू की चूत में कितना दर्द हो रहा है। बेचारी चल भी नही पा रही है। बेटा ध्यान से उसकी पेलाई किया कर” मेरी सास ने अपने लड़के को समझाया। धीरे धीरे हमारा दाम्पत्य जीवन मजे से गुजरने लगा। अब मेरे पति मुझे नई नई स्टाइल से चोदते थे। कभी मिशनरी में, कभी कमर पे लंड पर बिठाकर, कभी सोफे में, कभी गोद में, कभी मेज पर बिठाकर और लिटाकर पेलते थे। इसके अलावा वो मुझे कुतिया बनाकर भी चोदते खाते थे और मेरी गांड १ दिन छोड़कर मार लेते थे। मेरी जिन्दगी मजे से कट रही थी। कभी कभी तो सेक्स और चुदाई की अति हो जाती है। कितनी बार पति ने मेरी चूत को बेरहमी से चोद चोदकर खून निकाल दिया था। मुझे दर्द होता था। मैंने मना करती थी पर पतिदेव का लौड़ा था की बिजली का खम्बा। आउट होने का नाम ही नही लेता था।जब मैं पति को चूत नही देती थी तो वो मुठ मार लेते थे। कुछ दिनों बाद बरसात का मौसम आ गया था। उस दिन जुलाई महीने की ३ तारिक थी। आसमान से पानी झमाझम बरस रहा था।
“डार्लिंग…..कभी तुमने बारिश में चुदाई की है???” पति बोले
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
Posts: 76,182
Threads: 890
Likes Received: 11,668 in 9,578 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
118
“….नही!” मैंने कहा
“चलो यार…आज बारिश में तुम्हारी रसीली चूत मारता है। प्लीस चलो ना” पति बोले और जबर्दस्ती मेरा हाथ पकड़कर मुझे छत पर ले आये। हमारे घर की छत पर मौसम बड़ा ही सुहावना था। गर्मी बिलकुल नही थी क्यूंकि चारो तरह ठंडा ठंडा पानी बरस रहा था। हम मियां बीबी छत पर टहलते रहे और कुछ ही देर में पूरी तरह से भीग गये। पानी तेज बरस रहा था। मेरी साड़ी भीग गयी और मेरा पूरा जिस्म गीला होकर भीग गया। मेरे ३८” के मम्मे भी पूरी तरह से भीग गये थे। और मेरी साड़ी के उपर से दिख रहे थे। मेरा गोरा जिस्म पूरी तरह से पानी में गिला हो चुका था और मैं बहुत सेक्सी माल लग रही थी, इकदम चोदने खाने वाली माल मैं लग रही थी।
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
Posts: 76,182
Threads: 890
Likes Received: 11,668 in 9,578 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
118
पति ने मुझे जमीन पर लिटा लिया और धीरे धीरे मेरा ब्लाउस खोलने लगे। मेरा ब्लाउस भीगकर मेरे दूध में चिपक गया था। पर कुछ देर में मेरे चुदासे पति ने मेरा ब्लाउस खोल दिया और साड़ी निकाल दी। फिर मेरी ब्रा और पेंटी भी निकाल दी। फिर वो खुद भी नंगे हो गये और मेरे ३८” के बड़े बड़े भीगे और पानी में तर दूध वो पीने लगे। दोस्तों, मेरे होठ बहुत सुंदर थे। बिलकुल किसी ताजे गुलाब की पंखुड़ियों की तरह मेरे होठ थे। पति प्यार करने लगे और उनको चुदाई का जूनून चढ़ गया था। उनकी उँगलियाँ मेरे होठ पर थी और उसे छू रही थी। फिर वो मेरे लबो पर अपने लब रखकर मेरे होठ मजे से पीने लगा। आज मैं घर की छत पर कसकर चुदने वाली थी। हम दोनों धीरे धीरे जोश में आ रहे थे। बड़ी देर तक हमारा गरमा गर्म चुम्बन चला। मैंने अपनी जीभ निकालकर पति के मुंह में डाल दी। वो मेरी जीभ चूसने लगे।
हम दोनों बरसात में पूरी तरह से भीग गये थे। मुझे एक विशेष प्रकार का सुख मिलने लगा, चुदाई का नशा धीरे धीरे चढ़ता जा रहा था। फिर पति ने ही अपनी लम्बी जीभ मेरे मुंह में डाल दी। इस तरह हम दोनों एक दूसरे की जीभ चूसने लगे। मैं चुदासी और मदमस्त हो गयी। उफ्फ्फफ्फ्फ़….ये मुझे क्या हो रहा है। इससे पहले मैंने पति के होठो पर कई बार किस किया था पर कभी इतना मजा नही आया था। पर आज तो मुझे अजीब सा नशा चढ़ रहा था। आधे घंटे तक हम दोनों एक दूसरे के होठ और जीभ चूसते रहे। पति मेरे हुस्न को देखकर पागल हो गये थे।
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
Posts: 76,182
Threads: 890
Likes Received: 11,668 in 9,578 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
118
दोस्तों आजतक मैंने कभी छत पर भीगते में सेक्स नही किया था। ये मेरा फर्स्ट टाइम था। पति सीधा होकर जमीन पर लेट गये और मैं उसका लौड़ा चूसने लगी। मैंने अपने बाल खोल लिए थे। जोरदार बारिश से मेरे सारे बाल भीग गये थे और मैं बड़ी सेक्सी माल लग रही थी। ये बात साफ थी की आज मेरे पति सारा दिन इस छत पर कसके चोदने वाले थे। आज मैं भी चुदवाने के फुल मूड में थी। क्यूंकि मौसम बड़ा आशिकाना था। इसलिए मैं अपने पतिदेव की आज्ञा का पालन करने लगी और उनकी टांगो पर लेटकर मैं उनका मोटा १०” लौड़ा चूसने लगी। पानी में भीग भीगकर उनका लौड़ा और भी जादा मोटा लग रहा था। मैंने हाथ में लेकर पति का लंड फेट रही थी और मुंह में लेकर चूस रही थी। गीला लंड तो और भी सेक्सी लग रहा था। मुझे बहुत मजा आ रहा था। मेरे पति मेरे गीले पुट्ठों को सहला रहे थे और मजे से मुझसे लंड चुसवा रहे थे। उनको भी खूब मजा आ रहा था। कुछ देर बाद मुझे बहुत जोश चढ़ गया और मैं सनी लीओन की तरह पति का लौड़ा चूसने लगी।
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
Posts: 76,182
Threads: 890
Likes Received: 11,668 in 9,578 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
118
हाँ दोस्तों आज मुझ पर भी ठुकाई का नशा पूरी तरह से चढ़ रही थी। मेरे जिस्म पर सिर्फ और सिर्फ मंगल सूत्र, हाथ में चूड़िया और पैर में पायल थी। मैंने पति के मूसल जैसे लौड़े को कस कसके चूस रही थी। मैं किसी छिनाल, रंडी की तरह जल्दी जल्दी अपना सिर हिला रही थी और पति का लौड़ा चूस रही थी। मुझे बहुत मजा मिल रहा था। आज पति के लौड़े का सुपाडा तो बहुत बड़ा और गुलाबी लग रहा था। मैं मेहनत से उनका लौड़ा चूस रही थी। फिर पति ने मेरे पेट के नीचे हाथ डाल दिया जो सीधा मेरी चूत पर चला गया। अब मेरे पतिदेव मेरी गीली बुर को अपनी उँगलियों से सहलाने लगा। मैं उनके लौड़े से मंजन करने लगी। मैंने पति की गोलियों में मुंह में भर लिया और चूसने लगी। “..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअअअ….आहा …हा हा हा” वो सिसकने लगे।
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
Posts: 76,182
Threads: 890
Likes Received: 11,668 in 9,578 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
118
अब पति ने मुझे सीधा लिया दिया और मेरी चूत पीने लगे। बारिश के पानी से मेरी चूत पूरी तरफ से गीली हो चुकी थी। दोस्तों, अपनी तारीफ़ करना ठीक नही है, फिर भी मैं कहूँगी की मेरी चूत बहुत सुंदर थी। चूत को मैं रोज शेव करती थी, कभी झाटे नही उगने देती थी। पति बड़ी देर तक मेरी चूत को निहारते रहे और उसका दीदार करते रहे। फिर वो जीभ लगाकर मेरी फुद्दी पीने लगे। दोस्तों जादातर लड़कियों की चूत अंदर की ओर धंसी हुई होती है, पर मेरी चूत तो खूब बड़ी सी थी और बाहर ही तरह उभरी हुई थी। एकदम फूली हुई गुप्पा सी गुलाबी रंग की चूत थी मेरी। और आज भीगकर तो वो और भी सेक्सी और हॉट लग रही थी।पति तो मेरी चूत पर ऐसे टूट पड़े जैसे आजतक उन्होंने किसी जवान लौंडिया का मस्त भोसड़ा देखा ही नही है। मेरी चूत को किसी कुत्ते की तरह चाटने लगे। मुझे पूरे जिस्म पर सनसनी महसूस होने लगी। बड़ा मजा भी आ रहा था। पति मेरी चूत को मुंह में भरकर ऐसे पी रहे थे लग रहा था जैसे खा ही जाएंगे। ये पल मेरी आजतक की जिन्दगी का यादगार पल था क्यूंकि आजतक मैंने पति को बरसात में अपनी फुद्दी नही पिलाई थी। मैंने सर उठाकर अपने भोसड़े ही तरह देखा। पति की आँखें बंद थी और ओठ मेरे भोसड़े पर लगे हुए थे और गहराई से मेरी चूत पी रहे थे।
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
Posts: 76,182
Threads: 890
Likes Received: 11,668 in 9,578 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
118
कुछ देर बाद उनका लंड मेरी चूत की गहराई में जाकर उसे अच्छी तरह से कूट रहा था। मैं अपने प्यारे पति से चुद रही थी पर उससे नजरें नही मिला पा रही थी। मैंने शर्म और ह्या से अपनी आँखें बंद कर ली थी। आज तक बारिश में मैंने कभी लंड नही खाया था इसलिए। पति मुझे ढचाक ढचाक चोद रहे थे। मेरी चूत की मोटी मोटी फांके पति के मोटे लंड के दबाव से किनारे हो गयी थी और मैं मजे से चुदवा रही थी। पति ने मुझे अपनी बाहों में भर लिया था और मेरी चिकनी मांसल सेक्सी पीठ को अपने हाथो से वो सहला रहे थे और मुझे ढाचाक ढाचाक चोद रहा था। फिर पति ने मुझे पेलते पेलते ही मेरे मुँह पर अपना मुँह रख दिया और मेरे होठ पीते पीते मुझे पेलने लगा। उनके हाथ मेरी नंगी छातियों पर सवार थे। हम दोनों झमाझम बरसात में भीग रहे थे। आज उन्होंने मुझे अपने वश में कर लिया था। उन्होंने मुझे पूरी तरह से सम्मोहित कर लिया था और मजे से पेल रहे थे। मुझे ठोंकते ठोकते आधे घंटे पुरे हो गये थे। वोअभी तक आउट नही हुए थे। मेरा पति मेरे दूध को मुँह में भरके पी रहा था और नीचे से मुझे चोद रहा था। उसका पेट मेरे पेट से लड़ रहा था और चट चट की मधुर आवाज आ रही थी जो बता रही थी की मैं एक असली मर्द से चुद रही हूँ। पति मुझसे जी भर के योनी मैथुन कर रहे थे। उनका लंड मेरी चूत में पूरा अंदर गहराई तक उतर उतर चूका था और बड़े आराम से अंदर बाहर जा रहा था। मुझे चुदवाते वक़्त किसी तरह की कोई दिक्कत नही हो रही थी।
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
Posts: 76,182
Threads: 890
Likes Received: 11,668 in 9,578 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
118
उसके बाद मेरा हसबैंड और जोश में आ गया और गहराई से मुझे ठोकने लगा। ठक ठक की मीठी आवाज मेरी चूत चुदने से आ रही थी। पति मुझे ताबड़तोड़ पेल रहा था। मेरी कमर और गाड़ अपने आप उठ रही थी और उपर की तरह हवा में उठ रही थी। फिर पति कुछ मिनट बाद मेरी चूत में ही आउट हो गया। उसने अपना माल मेरे भोसड़े में ही गिरा दिया। मैं लिपट गयी और उससे प्यार करने लगी। मैं खुद उसके होठ चूसने लगी। उस दिन मेरे पति से शाम ५ बजे तक घर की छत पर भीगते भीगते ही मेरी चूत में लौड़ा दिया और ५ बार मुझे बजाया।
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.