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ने कहा कि आप जैसी कोई मिली नहीं.
मैंने मौका देख के उसे आई लव यू बोल दिया. उसने भी मुझे o लव यू टू बोल दिया. यह पहली बार था जब मैंने किसी लड़की को आई लव यू बोला था.
उसके बाद रात हुई . दीदी मुझे खाना देकर चली गयी और दीपशिखा से बोली कि अगर कुछ कम पड़े तो दे देना. दीपशिखा मेरे पास में बैठ गयी.
मैने उसे अपने हाथों से खिलाया. उसने भी मुझे खिलाया. खाना खाने के बाद मैं बाहर टहलने चला गया.
वापस आया तो वो मेरा बिस्तर लगा रही थी. वहा पे वो अकेली थी. मैने उसे पीछे से पकड़ लिया.
मैने दीपशिखा से पूछा कि क्या मैं किस कर सकता हूँ?
उसने कहा कि क्यों नहीं.
फिर हम दोनो किस करने लगे. इतने में किसी के आने की आहट हुई. हम दोनों अलग हो गए. दीपशिखा की मम्मी आई थी.
फिर वो मेरा बिस्तर लगा के अपनी मम्मी के साथ चली गयी. फिर अगली सुबह अपने घर आ गया.
हम दोनों की फोन पे बाते होने लगी.
हम फोन पे सेक्स की बाते भी करने लगे.
एक बार मैं रक्षाबंधन पे दीदी से राखी बंधवाने गया. उस टाइम भी मैं बस किस करके और उसके चुचे दबा के रह गया.
हम लोग फोन पे रोज सेक्स की बाते करते थे.हम दोनों मिलना चाहते थे . हमें कोई मौका नही मिल रहा था . हम दोनों सेक्स करने के लिए तड़प रहे थे. बस जब भी मौका मिलता तो केवल किस ही कर पाते थे और मैं उसके बूब्स ही दबा पता था. हम दोनों तड़प के रह जाते थे.
एक बार की बात है. में अपनी दीदी के यहां गया. उस समय दीदी मायके गयी हुई थी. मैंने और दीपशिखा ने प्लान बनाया की हम रात में सेक्स करेंगे.
रात हुई . मैंने खाना खाया. वो ठंडी का दिन था. दीपशिखा ने एक रूम में मेरा बिस्तर लगाया. मेरा बिस्तर लगने के बाद मैंने दीपशिखा को किस किया और बोला कि रात को मम्मी सो जाएं तो मेरे रूम का दरवाजा खटखटाना. मैं दरवाजा खोल दूंगा.
इसके बाद वो अपने मम्मी के साथ रूम में चली गयी. करीब 11 बजे उसने मेरे रूम का दरवाजा खटखटाया. मैंने दरवाजा खोला और दीपशिखा को अंदर करके दरवाजा बंद कर दिया.
हम दोनों ने किस करना शुरू कर दिया. करीब 10 मिनट बाद किसी ने दरवाजा खटखटाया. मैने दीपशिखा को दरवाजे के पीछे खड़ा करके दरवाजा खोला तो देखा कि उसकी मम्मी थी.
उसकी मम्मी अंदर आ गयी और उसने दीपशिखा को देख लिया. अब हम दोनों पकड़े गए. उस रात तो उसकी मम्मी ने कुछ नही बोला लेकिन सुबह में मुझे भी और दीपशिखा को बहुत डांटा.
मैं डांट खा के अपने घर आ गया. banghead:
अब हम दोनों सेक्स के लिए तड़प तो रहे थे. हम दोनों मौके की तलाश में थे कि कब मौका मिले.
एक बार दीदी हमारे घर आई थी. उनका लड़का होने को था. मैं किसी काम से उनके ससुराल गया. मैंने और दीपशिखा ने सेक्स करने की पहले ही प्लानिंग कर ली थी . उस दिन हमारे पास मौका था.
मैं वहाँ दोपहर में ही चला गया. मैं वहा पहुचा तो दीपशिखा खुश थी. मैंने उसकी मम्मी के पाँव छुए. फिर दीपशिखा ने पीने के लिए पानी लाया.
वो मुस्कुरा रही थी. हम दोनों इतने बेचैन थे कि उसकी मम्मी के थोड़ा सा बाहर जाते ही हम किस करने लगते.
दीपशिखा बोलती की रुको मेरे राजा.
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
(This post was last modified: 15-08-2022, 11:40 AM by
neerathemall. Edited 3 times in total.)
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अब बिस्तर पे लेट गया और वो मेरे ऊपर आ गयी. उसने अपनी चूत में लोड़ा सेट किया और मेरे लोड़ा पे बैठ गयी और ऊपर नीचे करने लगी.
मैं दोनो हाथो से उसके चुचे दबा रहा था और नीचे से धक्का भी दे रहा रहा.
करीब 20 मिनट की चुदाई के बाद मैंने दीपशिखा से कहा कि मेरा माल निकलने वाला है. तो उसने कहा कि अंदर ही गिरा दो. इस बीच वो 3 बार झड़ चुकी थी. मेरी स्पीड तेज़ हो गयी और मैं उसकी कमर पकड़ के धकापेल चुदाई करने लगा.
करीब एक मिनट की चुदाई करने के बाद मेरा माल निकल गया और उसकी चूत से बहने लगा.
हम दोनों किस करने लगे और 5 मिनट तक उसकी अवस्था में रहे. फिर हमने कपड़े पहने. उसकी माँ के भी आने का टाइम हो गया था. उसने बिस्तर को सही किया. आधे घंटे बाद उसकी माँ आ गयी.
रात हुई. मैने खाना खाया.
फिर उसके बाद किस किया. रात में वो अपने माँ के साथ सोती थी तो रात में हम सेक्स नही कर सकते थे.
सुबह में मैं अपने घर आ गया. उसके बाद हमने कई बार सेक्स किया. एक बार तो दीदी खाना बना रही थी. उनके कमरे में उनका लड़का सो रहा था. उसी बिस्तर पे हमने सेक्स किया.
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
(This post was last modified: 15-08-2022, 11:46 AM by
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