Posts: 76,182
Threads: 890
Likes Received: 11,668 in 9,578 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
118
मेरी दीदी जवान युवती हो गई थी ,उसके रिश्ते की बात चल रही थी,कुछ ही दिनों में उसकी शादी हो गई. शादी के साल भर बाद जीजाजी ने नई नौकरी दिल्ली में ज्वाइन कर ली. मैं दिल्ली में ही किराए पर रहता था जो बहुत ही छोटा था. मेरी दीदी का नाम काव्या माधवन है और वो मुझसे 4 साल बड़ी है और वो मुझे अभी तक छोटा बच्चा ही समझती है. d
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
Posts: 76,182
Threads: 890
Likes Received: 11,668 in 9,578 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
118
शादी के बाद दीदी की चूंचियां बड़ी हो गई है,बदन और गदरा गया है,चेहरे में चमक आ गई है,उसके चुतड भर कर गोल मटोल हो गए हैं जो कमर के नीचे मटकी की तरह लगती है. कुल मिला कर वो एक गदराई हुए आंटी की तरह मस्त और सेक्सी हो गई है. जब वो चलती है तो उसके चुतड ऐसे हिलते हैं की लंड तन कर खड़ा हो जाता है. जब वो झुकती है तो उसकी मस्त-मस्त चुंचियां दिखाई देती है तो मन करता है की बस पकड़ कर मसल डालूं लेकिन मन को दबा कर रह जाता हूँ क्योकि वो मेरी बहन लगती है. कभी-कभी तो चूत को याद कर के मुठ मारे बिना चैन नहीं आता है. एक दिन मैंने उससे यूँ ही मजाक में पूछ लिया-दीदी मुझे मामा कब बनाओगी.
वो बोली- अभी तो मेरे खेलने-खाने के दिन हैं.
उसने खाने शब्द पर जोर देकर कहा था और खिल-खिला कर हंस पड़ी. मैंने कहा- अच्छा दीदी क्या खाती हो. उसने मुझे तिरछी नज़रों से देखते हुए कहा- दीदी से ऐसे थोड़े ही पूछते हैं ,अभी तो हमलोग फॅमिली-प्लानिंग का सोच रहे हैं. मैंने अनजान बनते हुये पूछा-फ़ेमिली प्लानिंग क्या होता है दीदी. इस में जरुरत के हिसाब से बच्चा पैदा करते हैं और ये पिल्स,कण्डोमसे कण्ट्रोल होता है ,मैं तो पिल्स यूज करती हूँ और फिर मस्त चुद. दीदी ने चुदाई अधुरा छोड़ दिया,मेरा तो लंड खड़ा हो गया,मुझे लग रहा था दीदी मुझे लाइन दे रही है.
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
Posts: 76,182
Threads: 890
Likes Received: 11,668 in 9,578 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
118
ने शरारत से पूछा-धमाधम क्या दीदी,उसका मुंह लाल हो गया था ,वो मुझे तिरछी नज़रों से देखते हुए हसने लगी. दीदी बोली-बता दूंगी तो बुरा तो नहीं मानोगे. दीदी मस्त अदा से मुझे देख रही थी,उसकी चुंचियां अब और मस्त लगी थी . मैंने जोश में आते हुए कहा-बता दो न दीदी. दीदी शरमाते हुए बोली- तुम्हारे जीजाजी मुझे धमाधम चोदते हैं. मेरा लंड खड़ा होने लगा,मुझे लगने लगा की दीदी भी मुझसे कुछ चाहती है.
मेरी हालत ख़राब होने लगी थी..
मुझे दीदी की चूत के बारे में सोचने लगा था,उसे भी मेरा खड़ा लंड नज़र आ रहा था. मेरी बहन तो बहुत ही चालू है सोचते हुए मैंने कहा-दीदी,चोदते कैसे हैं. उसने मेरे पेंट पर बने तम्बू को देखकर हँसते हुए कहा- साले तुझे अब ये भी बताना पड़ेगा. फिर क्या था मैंने उसे अपनी ओर खींच लिया,वो सीधा मेरे सीने पर आ गिरी. उसकी छाती उपर नीचे हो रही थी,मेरा लंड खड़ा होकर 8 इंच का हो गया था.
उसकी सांसे गर्म थी और मेरे चेहरे पर पड रही थी.
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
Posts: 76,182
Threads: 890
Likes Received: 11,668 in 9,578 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
118
ब हमदोनो घर मे सेक्स के लिए तैयार थे. उसने हाथों को मेरे पर लपेटते हुए कहा-तू तो मेरा सोना भाई है, मेरे से शरमाया मत कर और वो मेरे लंड को अपनी टांगों में दबा कर उसका मोटाई नापने लगी. वो अपनी नायटी का फीता खोलकर बिलकुल नंगी हो चुकी थी. मेरा लंड फड़क रहा था,उसने अपनी गीली चूत मेरे लंड से चिपका दिया.
मैं उसको चोदने के लिए मचला जा रहा था, मैंने उसे कस कर जकड लिया और लंड को छेड़ में घुसाने की कोशिश करने लगा. उसने अपनी वासना भरी हुई आवाज़ में कहा-भाई क्या कर रहे हो, मेरे नीचे कुछ चुभ रहा है. उसकी आँखें नशे से भरपुर थी,उसकी गीली चूत का पानी मेरे लंड को चिकना कर रहा था. मैंने सिसकी भरते हुए कहा-बस मज़ा आ रहा है और उसके चूत के होठों को अपने लंड से छेड़ने लगा. वो कसकती हुई आवाज़ में बोली-देखो भाई चोदना मत मुझे,पर लंड को चूत में घुसाना चाह रही थी . उसकी इन्कार में इकरार ने मुझे पागल बना रहा था.
फिर वो बोली-तेरे साथ ऐसे ही सोने में मज़ा आ रहा है पर चुदने की तड़प उसके चेहरे पर साफ नज़र आ रही थी. मैं उसकी छेद के आसपास अपने लंड को रगड़ता ही रहा की अचानक लंड को रास्ता मिल गया और वो मेरी दीदी की रसभरी चूत में घुस गया. वो मुझे वासना भरी आवाज़ में रोक रही थी बोल रही थी रोक लो अपने लंड को नहीं तो मैं चुद जाउंगी पर उसका चूत लंड लेने के लिए मुंह फाड़ रहा था. मैंने कहा-नहीं दीदी तुम नहीं चुदोगी पर उसने अपने गीली चूत का दबाब लंड पर बढ़ते हुए मेरे मुंह में अपनी जीभ डाल दिया.
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
Posts: 76,182
Threads: 890
Likes Received: 11,668 in 9,578 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
118
रा लंड उसकी चूत में घुस चूका था.. :shy:
पर वो अब भी बोल रही थी-भाई देखो तुम्हारा लंड मेरी गीली चूत में घुसा जा रहा है,रोक लो इसको नहीं तो मैं चुद जाउंगी. वो मुझे अपनी बड़ी-बड़ी आँखों से देख रही थी,मेरे लिए बर्दास्त करना मुश्किल हो रहा था . मैंने जोर लगाया और पूरा का पूरा लंड जड़ तक उसकी चूत में पेल दिया और बोला-देखो न दीदी ,ये तो मान ही नहीं रहा है ,कितना मज़ा आ रहा है इसको.
दीदी सिसकियाँ लेते हुए बोली -अपनी दीदी को चोदेगा,बस अब मत करो,देखो मेरी गीली चूत की हालत बिगड़ गई है,तुमने तो फाड़ ही दिया इसे और चोट से मेरे लंड को मसल भी रही थी. मैंने कहा-दीदी तेरी गीली चूत बहुत रसीली है ,देखो न कैसे मुंह फाड़ के लंड को निगल जाना चाहती है और उसे कस कर अपनी बाँहों में दबा लिया.
ऐसे मत बोलो-उसने कहा और अपनी गीली चूत को उछाल कर लंड को एडजस्ट कर लिया फिर उसने अपनी टाँगें फैला दी. मैं उसके उपर आ गया और अपने लंड से मस्ती में उसके साथ घर मे सेक्स करने लगा.
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.