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मेरी मौसेरी बहन की है.
मेरा नाम अमित है, मैं अभी चौबीस साल का हूं. मैं पटना का रहने वाला हूं. मेरी मौसी की लड़की का नाम अदिति है.
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
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स समय मैं पटना में ही रहकर कॉम्पिटिशन की तैयारी कर रहा था.
उधर मेरी मौसेरी बहन अदिति ने अपनी कॉलेज की परीक्षा पास कर ली थी और उसे मेडिकल की तैयारी करनी थी.
मेरी मौसी ने मुझसे कहा- अदिति भी पटना में ही रहकर मेडिकल की तैयारी करना चाहती है तो हमने उसके लिए एक हॉस्टल देखा है. उसे कभी किसी चीज़ की हेल्प चाहिए हो, तो कर देना.
मैंने कहा- ठीक है.
अदिति अपने हॉस्टल के कमरे में शिफ्ट हो गई लेकिन कुछ दिन बाद उसकी तबियत खराब हो गई क्यूंकि उसके हॉस्टल में खाना अच्छा नहीं मिलता था.
अदिति ने मुझे कॉल किया- मेरी तबियत खराब है. प्लीज़ मुझे डॉक्टर को दिखा दो.
मैंने उसे डाक्टर को दिखाया तो डॉक्टर ने कहा- अदिति को टायफायड हो गया है … और यह बहुत कमजोर भी हो गई है. इसे आराम की जरूरत है.
डॉक्टर को दिखा कर जब मैं उसे हॉस्टल छोड़ने जाने लगा तो वो बोली- मैं वहां अब नहीं रहूंगी. वहां ना तो खाना अच्छा मिलता है और न ही मेरा मन लगता है. मुझे अकेले रहने में बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता है.
मैंने कहा- तो अब क्या घर जाओगी?
वो बोली- नहीं, घर जाऊंगी तो मम्मी से बहुत डांट पड़ेगी. मैं आपके पास ही आपके साथ रहूंगी. यहां से कोचिंग सेंटर भी नजदीक है और मेरा भी मन लगा रहेगा.
मैंने ये बात अपनी मौसी से कही, तो पहले वो गुस्साईं लेकिन फिर वो मान गईं.
अदिति अब खुश हो गई.
मेरा एक रूम का फ्लैट था, जिसमें मैं अकेला रहता था.
मैं अदिति के हॉस्टल से उसका सभी सामान ले आया.
उस समय गर्मी का मौसम था तो खाना खाने के बाद मैंने अपना बिस्तर नीचे जमीन पर बिछा लिया और वो बेड पर लेट गई.
मेरे कमरे में एक ही बेड था.
हम दोनों बातें करते करते सो गए.
इस तरह हम दोनों भाई बहन एक ही कमरे में रहने लगे.
एक दिन की बात है, मेरी कोचिंग के टीचर की तबियत खराब थी, तो पढ़ाई नहीं हुई और छुट्टी से दे दी गई.
मैं अपने रूम की ओर चल दिया.
उधर आकर मैंने देखा कि अदिति ने दरवाजे को चाभी से लॉक कर दिया था.
हालांकि हमारे पास दो चाभी थीं. एक मेरे पास और एक उसके पास. मैं गेट खोलकर अन्दर आ गया.
फिर जैसे ही मैंने गेट को लॉक किया, तो मुझे बाथरूम से अजीब तरह की आवाज सुनाई दीं.
जब मैंने जाकर देखा तो बाथरूम का गेट खुला था और अदिति अपने मोबाईल में एडल्ट फिल्म देखकर पूरी नंगी होकर अपनी चूत में उंगली कर रही थी.
मोबाइल में से चुदाई की आवाजें आ रही थीं और उसी वजह से मेरे आने की आहट मेरी बहन को नहीं मिल सकी थी.
वो अपनी चुत में उंगली करने में भी मस्त थी.
मैं भी वहीं खड़ा होकर देखने लगा और अपने मोबाइल से उसकी वीडियो बनाने लगा.
थोड़ी ही देर में उसका शरीर अकड़ गया और वो शांत हो गई.
उसकी उंगली अभी भी चूत में ही थी.
उस ऐसा करते देखकर मैं गर्म हो गया था और भूल गया था कि वो मेरी बहन है.
मैंने उससे नजदीक जाकर कहा- अदिति ये तुम क्या कर रही थीं और ये सब कबसे कर रही हो?
वो मुझे देखकर डर गई और शर्म से अपने एक हाथों से चूचियों को और दूसरे हाथ से अपनी चूत को छिपाने लगी.
उसके नंगे बदन को देख कर मुझे अब उसे चोदने को बहुत मन कर रहा था.
मैंने उसके इस कारनामे का वीडियो भी बना लिया था.
वो मैंने फिर से चालू कर दिया और अदिति ने अपनी चुत में फिंगरिंग की फिल्म देखी तो वो घबरा गई.
मैंने अदिति से पूछा- क्या तुमने कभी किसी के साथ सेक्स किया है?
वो कुछ नहीं बोली.
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ने दुबारा उससे पूछा लेकिन उसने कुछ नहीं कहा.
अब मैंने तेज स्वर कहा- अगर तुम सच नहीं बताओगी, तो मैं ये वीडियो मौसी को दिखा दूंगा.
वो डर से बोल पड़ी- प्लीज़ ये वीडियो मम्मी को नहीं दिखाना … नहीं तो मेरी पढ़ाई बंद हो जाएगी.
मैंने उसकी तरफ देखा और इशारा किया कि बताओ.
उसने बताया कि मैं एक दिन गूगल पर कुछ सर्च कर रही थी, तो एक लिंक पर क्लिक हो गया और यही सब खुल गया. मुझे अच्छा लगा तो मैं उसे और देखने लगी. उसी से मैंने ये सब सीखा है.
मैंने फिर से पूछा कि क्या तुम्हारा कोई ब्वॉयफ्रेंड है?
उसने कहा- नहीं.
मैं भी उन दिनों एडल्ट फिल्म बहुत देखता था लेकिन मैंने कभी किसी को नहीं चोदा था.
आज मौका था, इस मौके को मैं जाने देना नहीं चाहता था.
मैंने उससे कहा- मेरी भी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है. अगर तुम मेरी गर्ल फ्रेंड बन जाओगी तो हम दोनों का काम हो जाएगा.
उसने कहा- ये सब ग़लत है.
मैंने उससे कहा- मैं तुम्हारे साथ जो भी करूंगा, किसी से नहीं बताऊंगा.
वो भी डरते डरते मान गई.
उसका भी शायद चुदने का मन था.
मैंने देखा कि उसकी चूत पर बाल थे.
मैंने उससे कहा- तुम अभी रुको, मैं एक मिनट में आ रहा हूं.
कमरे में जाकर मैंने अपने कपड़े उतारे, सिर्फ चड्डी पहने रखी.
मैं वीट क्रीम ले आया.
बाथरूम में जाकर सबसे पहले मैंने उसकी चूत के बाल साफ़ किए, फिर मैंने अपने बाल भी साफ़ कर लिए.
इस काम में ही हम दोनों को इतना मजा आने लगा था कि हमारे बीच की सारी झिझक खत्म हो गई थी.
मेरी बहन मेरे लंड के बाल साफ़ कर रही थी और मैं उसकी चूत के बाल साफ़ कर रहा था.
मैंने चूत की झांटें साफ़ करते हुए ही उसकी चूत में उंगली करना शुरू कर दी थी जिससे वो बेहद कामुक हो गई थी और मेरे लंड से चुदने के लिए मरी जा रही थी.
झांटें साफ़ करने के बाद हम दोनों साथ में ही नहाये … इससे हमें एक दूसरे से लंड चूत रगड़ने में काफी मजा आ रहा था.
नहाने के बाद मैंने उसके शरीर को टॉवेल से पौंछा और उसे नंगी ही गोद में उठाकर बेड पर ले गया.
हम दोनों ने एक कंबल ओढ़ लिया और साथ में ही लेट गए.
मेरा लंड तो सलामी दे रहा था. अब वो मुझसे नजर नहीं मिला रही थी.
मैंने एक पोर्न वीडयो स्टार्ट की और उसे भी देखने को कहा तो वो भी वीडियो देखने लगी.
कुछ देर के बाद मैंने महसूस किया कि वो अपनी चूचियों को हाथ से दबा रही थी.
मैंने भी मोबाईल को बगल में रख दिया और उसे किस करने लगा.
वो भी मेरा साथ देने लगी.
मैं अपने हाथों से उसकी चूचियां दबाने लगा.
उसे अच्छा लग रहा था.
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धीरे धीरे मैं थोड़ा नीचे आ गया और मैंने जैसे ही उसकी चूत पर किस किया, वो आह आह करने लगी.
अब मैं एक उंगली उसकी चूत पर फेरता जा रहा था और जीभ से चाट भी रहा था.
थोड़ी ही देर में उसका शरीर अकड़ने लगा.
उसने मेरे जीभ को हटा दिया और मेरे हाथ को चूत पर कसकर दबा दी.
थोड़ी देर में वो शांत हो गई.
मैंने उसे अपना लंड चूसने को कहा तो वो मना करने लगी.
मैंने उससे फिर से कहा- इतनी ब्लू फिल्म देखती हो तो लंड चूसना नहीं देखती हो?
वो बोली- हां.
मैंने कहा- तो लंड चूसने में दिक्कत क्या है?
अब वो मान गई थी.
इस बार हम दोनों 69 पोजिशन में आ गए. वो मेरा लंड चूसने लगी और मैं चूत को.
थोड़ी ही देर में वो फिर से गर्म हो गई.
मेरा 7 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा लंड बहुत तन गया था.
मैंने उसे पीठ के बल लिटाया और अपने लंड के सुपाड़े को उसकी चूत पर घिसने लगा.
वो आह आह करने लगी. वो डर रही थी कि इतना मोटा लंड अन्दर कैसे जाएगा.
मैंने अपने लंड के सुपारे को उसकी चूत की छेद पर सैट किया और एक धक्का मारा तो वो चूत से फिसल गया.
फिर से मैंने अपने लंड को चूत के छेद पर लगाकर एक धक्का लगाया तो लंड का सुपारा चूत में घुस गया.
वो दर्द से चिल्लाने लगी.
मैंने अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिए और थोड़ी देर वैसे ही पड़ा रहा.
उसे किस करता रहा.
कुछ देर बाद जब अदिति को थोड़ा आराम हुआ तो मैंने लंड को पीछे खींचकर एक जोर का झटका मारा.
इस बार मेरा लंड उसकी सील को तोड़ते हुए अन्दर घुस गया.
मैंने उसके होंठों से अपने होंठ नहीं हटाए थे, जिससे वो चिल्ला न सकी.
मैं थोड़ी देर रुका रहा और उसे किस करता रहा.
वो मुझे अपने शरीर से अलग कर रही थी लेकिन मैंने उसे हिलने भी नहीं दिया.
जैसे ही मैंने अपने होंठ हटाए, तो मैंने देखा कि उसके चेहरे पर पसीना आ गया था.
उसने रोते हुए मुझसे कहा- प्लीज़ भैया मुझे छोड़ दीजिए, बहुत दर्द हो रहा है और जलन भी हो रही है.
मैंने कहा- बेबी जितना दर्द होना था, वो तो हो गया … बस थोड़ी देर रुक जाओ अब तुम्हें बहुत मज़ा आएगा.
थोड़ी देर बाद जब उसका दर्द थोड़ा कम हो गया तो मैं अपने लंड को आगे पीछे करने लगा.
मुझे तो लग रहा था कि मैंने अपने लंड को किस आग की भट्ठी में डाल दिया है.
हम दोनों के मुँह से आह आह की आवाजें निकल रही थीं.
मौका पाकर मैंने एक और तेज़ झटका मारा तो पूरा लंड अन्दर चूत में चला गया.
वो फिर से रोने लगी और कहने लगी- आप बहुत बुरे हो, आपने अपनी मौसेरी बहन के साथ ग़लत काम किया.
मैंने उसे समझाया- कल को कोई ना कोई तो तुम्हें चोदता ही, तो मैंने ही चोद दिया, तो क्या हुआ. अब देखना तुम्हें भी बहुत मज़ा आएगा.
अब मैं अपना लंड अन्दर बाहर करने लगा.
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जलन तो मुझे भी हो रही थी लेकिन सीलपैक चूत चोदने का मज़ा भी आ रहा था.
कुछ देर इसी तरह चोदने के बाद जब चूत पूरी गीली हो गई, तो उसे भी अब मज़ा आने लगा.
अदिति भी अपनी गांड उठा उठा कर चूत चुदाने लगी.
उसकी चूत गीली हो जाने के कारण कमरे में फच फच की आवाज होने लगी.
लगभग दस मिनट बाद हम दोनों एक साथ झड़ गए.
मैंने अपना सारा माल उसकी चूत में ही डाल दिया.
मैं उसके शरीर के ऊपर ही लेट गया और उसे किस करने लगा.
वो भी मुझे किस करने लगी.
मैंने अदिति से पूछा- तुम्हें कैसा लगा?
तो वो बोली- मुझे बहुत अच्छा लगा … अब मैं आपके साथ ही सेक्स करूंगी. मुझे आपसे प्यार हो गया है. आप मुझे धोखा तो नहीं देंगे ना?
मैंने कहा- मैं हमेशा तुमसे ही प्यार करूंगा.
हम दोनों आधे घंटे तक ऐसे ही एक दूसरे के ऊपर लेटे रहे.
फिर वो उठकर बाथरूम जाने लगी तो उससे चला नहीं जा रहा था.
मैंने उसे गोद में उठाया और बाथरूम में गर्म पानी से उसकी चूत को सेंका. मैंने देखा कि उसकी चूत सूज गई थी.
फिर मैंने उसे गोद में ही उठाकर बिस्तर पर लाकर लिटा दिया.
मैंने भी अपने लंड को धोकर कपड़े पहने और अदिति को भी पहनाए.
उसे भूख भी लग गई थी तो मैंने खाना बनाया.
खाना खाने के बाद हम दोनों बिस्तर पर लेट गए.
मेरा उसे फिर से चोदने का मन करने लगा तो मैंने अदिति को होंठों पर किस किया.
किस करते करते उसकी चुचियों को भी दबाने लगा.
अदिति को भी अच्छा लग रहा था, वो भी मेरा साथ देने लगी.
थोड़ी देर बाद मैंने उसके कपड़े उतार दिए और मैं भी नंगा हो गया.
अब हम दोनों 69 में आ गए; वो मेरा लंड चूसने लगी और मैं उसकी चूत को.
थोड़ी देर बाद ही उसके मुँह से आह आह की आवाज निकलने लगी.
अब मैं उठ गया और उसे घोड़ी बना दिया. चूत पर थोड़ा थूक लगाया ताकि अच्छे से गीली हो जाए.
मैं लंड के सुपारे को उसकी चूत पर रगड़ने लगा.
वो भी लंड लेने को बेताब हो गई थी इसलिए उसने खुद ही अपने शरीर को पीछे की ओर धकेल दिया.
इससे मेरा लंड उसकी चूत में घुस गया.
उसे दर्द भी हो रहा था और मज़ा भी आ रहा था.
मैं अपना लंड आगे पीछे करने लगा.
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थोड़ी देर ऐसे ही चोदने के बाद मैंने उसे पीठ के बल लिटाया और फिर से चोदने लगा.
कुछ देर बाद वो झड़ गई तो लंड निकालने को कहने लगी.
मैंने कहा- जान मेरा अभी नहीं हुआ है. बस थोड़ा रुक जाओ.
उसके कुछ देर बाद मैं भी झड़ गया.
इस बार भी मैंने अपना सारा वीर्य उसके चूत में ही डाल दिया.
अगले दिन मैंने उसे गर्भ रोकने की गोली लाकर दे दी.
अब जब भी चोदता हूं तो वीर्य बाहर ही निकाल देता ताकि वो प्रेग्नेंट ना हो जाए.
इस प्रकार मैंने अपनी मौसेरी बहन को चोदा.
अब हम दोनों एक ही बिस्तर में सोते हैं और रोज सेक्स करते हैं.
उसे भी बहुत मज़ा आता है.
फिर हम दोनों की तकदीर ने करवट बदली.
अदिति के एग्जाम के बाद उसकी मम्मी पापा और भाई की एक एक्सिडेंट में मौत हो गई थी.
उसी समय मेरी जॉब लग गई थी तो मैं उसके साथ ही दिल्ली शिफ्ट हो गया था.
यहां आकर हम दोनों ने मंदिर में मैरिज कर ली है.
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