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मैं अपनी कॉलेज की छुट्टियों में अपनी सबसे छोटी भाभी के घर गया हुआ था. मेरे भईया जी आर्मी में थे साल में सिर्फ़ कभी कभार ही घर आया करते थे. उन दिनों में सेकंड इयर के एक्जाम दे चुका था. इसलिए मेरी जवानी अपने सुरूर पर थी.
मेरी भाभी को अभी कोई बच्चा नहीं था, उनकी शादी को अभी दो साल ही हुए थे. लेकिन भईया शादी से पहले ही आर्मी में थे. इसलिए भाभी के साथ ज्यादा टाइम साथ नहीं रह पाए थे. पहले मैंने कभी अपनी भाभी को ग़लत नजर से नहीं देखा था.
लेकिन एक दिन भाभी बाज़ार गई हुई थी कि तभी अचानक बारिश शुरू हो गई. मैं टी वी पर मूवी देख रहा था, मूवी में कुछ सीन थोड़े से सेक्सी थे. जिन्हें देख कर मन के ख्याल बदलना लाजमी था. उस टाइम मेरे मन में बहुत उत्तेजना पैदा हो रही थी. मैं धीरे धीरे अपने लंड को सहलाने लगा.
तभी डोर बेल बजी, मैं अचानक घबरा गया, मुझे लगा जैसे किसी ने मुझे देख लिया हो!
लेकिन मुझे याद आया कि घर में तो कोई है ही नहीं… मैं बेकार में डर रहा था.
मैंने जाकर दरवाजा खोल दिया.
बाहर भाभी खड़ी थी, उनका बदन पूरी तरह पानी से भीगा हुआ था और वो आज पहले से भी ज्यादा जवान और खूबसूरत लग रही थी. मैंने दरवाजा बंद कर दिया और जैसे ही पीछे मुड़ा तो मेरी नज़र भाभी की कमर पर पड़ी जहा पर उनकी गुलाबी साड़ी के बलाउज से उनकी काले रंग की ब्रा बाहर झांक रही थी.
भाभी ने सामान सोफे पर रखा और मुझसे बोली – सावन, मेरा पूरा बदन भीग चुका है इसलिए तुम मुझे अंदर से एक तौलिया ला दो?
मैं तौलिया ले आया तो भाभी मुस्कुराते हुए बोली – समान हाथों में लटका कर लाने से मेरे हाथ दर्द करने लग गए हैं. इसलिए तुम मेरा एक छोटा सा काम करोगे?
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मैंने पूछा – क्या काम है?
भाभी बोली – जरा मेरे बालों से पानी सुखा दोगे?
मैंने कहा – क्यूँ नहीं!
भाभी सोफे पर बैठ गई. मैंने देखा बालों से पानी निकल कर उनके गोरे गालों पर बह रहा था.
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मैं भाभी के पीछे बैठ गया और उनको अपने पैरों के बीच में ले लिया और बालों को सुखाने लगा.
भाभी का गोरा और भीगने के बाद भी गर्म बदन मेरे पैरो में हलचल पैदा कर रहा था. बाल सुखाते हुए मैंने धीरे से उनके कंधे पर अपना हाथ रख दिया. भाभी ने कोई आपत्ति नहीं की. धीरे से मैंने उनकी कमर सहलानी शुरू कर दी.
तभी अचानक भाभी कहने लगी – मेरे बाल सूख गए हैं, अब में भीतर जा रही हूँ..
वो कमरे में चली गई पर मेरी साँस रुक गई, मैंने सोचा शायद कि भाभी को मेरे इरादे मालूम हो गए.
कमरे में जाकर भाभी ने अपने कपड़े बदलने शुरू कर दिए. जल्दी में भाभी ने दरवाजा बंद नहीं किया वो ड्रेसिंग मिरर के सामने खड़ी थी उन्होंने अपना एक एक कपड़ा उतार दिया.
मैंने अचानक देखा कि भाभी बड़ी गौर से अपने बदन को ऊपर से नीचे तक ताक रही थी. मेरा दिल अब और भी पागल हो रहा था और उस पर भी बारिश का मौसम. जैसे बाहर पड़ रही बूँदें मेरे तन बदन में आग लगा रही थी.
अबकी बार भाभी ने मुझे देख कर अनदेखा कर दिया. शायद यह मेरे लिए ग्रीन सिग्नल था.
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मैं कमरे में अन्दर चला गया, भाभी बोली – अरे सावन, मैंने अभी कपड़े नहीं पहने, तुम बाहर जाओ.
मैं बोला – भाभी, मैंने तुम्हें कपड़ो में हमेशा देखा लेकिन आज बिन कपड़ो के देखा है, अब तुम्हारी मर्ज़ी है तुम मेरे सामने ऐसे भी रह सकती हो.
और कहते हुए मैंने उनको बाहों में ले लिया.
उन्होंने थोडी सी न नुकर की लेकिन मैंने जयादा सोचने का टाइम नहीं दिया और बिंदास उनको किस करनी शुरू कर दी मैंने देखा की उसने आँखे बंद कर ली. इस में उनकी सहमति छुपी थी. मैं दस मिनट तक उसे किस करता रहा इस बीच गर्म होंट उसके गोरे बदन के ज़र्रे ज़र्रे को चूम गए.
अचानक भाभी ने मुझे जोर से धक्का दिया और में नीचे गिर गया एक बार को में फ़िर डर गया लेकिन अगले ही पल मैंने पाया के भाभी मेरे उपर आकर लेट गई थी और मेरे सारे कपड़े उतार दिए हम दोनों के बीच से कपड़ो की दिवार हट चुकी थी. मेरा लंड पूरी तरह तैनात खड़ा था.
तभी उसने मेरे उपर आकर मेरे लंड को अपने नर्म होंटो से छुआ और अपने मुँह में ले लिया. वो मेरे ऊपर इस तरह बैठी थी की उसकी चूत बिल्कुल मेरे होंठो पर आ टिकी थी मैंने चूत को बिंदास चाटना शुरू कर दिया.
उसके मुँह से मेरा लुंड आजाद हो गया था और आआह्छ…आआ… ऊऊ… ऊओफ्फ्फ्फ़. की आवाज उसके मुह से आने लगी थी और तभी उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया. ओर वो मुझ से बोली – ऊह मेरे सेक्सी सावन मेरी चूत तुम्हारे इस सुडोल लंड को लिए बिना नहीं रह सकती प्लीज सावन, अपने इस प्लेयर को मेरी चूत के प्ले ग्राउंड में उतार दो ताकि ये अपना चुदाई गेम खेल सके.
भाभी अब मेरे लंड को लेने के तड़पने लगी थी.
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मैंने भी उसी वक्त भाभी को बाहों में भरा और उठा कर बेड पर लिटा दिया. भाभी की चूत रसीली हो रखी थी. मैं भाभी के ऊपर लेट गया मेरा लंड भाभी के चूत के दरवाजे पर दस्तक दे रहा था. भाभी ने चूत को अपने दोनों हाथो से खोल दिया और मैंने धीरे से भाभी की चूत में अपना लंबा लंड डालना शुरू कर दिया.
काफी दिनों से भाभी की चुदाई नहीं हुयी थी इस लिए भाभी की चूत एक दम टाईट थी. मैंने जोर से झटका लगाया और लंड पूरी तरह चूत की आगोश में समां चुका था. भाभी के मुँह से आआह्ह्छ मार डाला की आवाज़ निकल गई और मुझे थोडी देर हिलने से मना कर दिया कुछ देर बाद वो नीचे से हलके हलके झटके लगाने लगी.
अब मुझे भी चूत का मजा आने लगा और मैंने भाभी की चुदाई शुरू कर दी जितनी में अपनी भाभी की चुदाई करता वो उतनी सेक्सी सेक्सी आवाज़ निकलने लगी- आह्ह… आःछ… ऊऊ… ईशहश… आआ… ऊऊओफ़ फफफ… ऊऊ फफफफ फ… अआआछ ह्ह्ह. धीरे धीरे चूत लूस होने लगी.
हम दोनों ने कम से कम आधे घंटे तक चुदाई की. आधे घंटे बाद अचानक भाभी मुझसे जोर से लिपट गई और उसकी चूत थोडी देर के लिए टाईट हो गई. कुछ और झटके लगाने के बाद मेरे लंड ने अपना वीर्य चूत में छोड़ दिया ओर भाभी फ़िर से मुझे लिपट गई. में इसी तरह दस मिनट तक भाभी के ऊपर लेता रहा.
उस दिन की बरसात से लेकर और अब तक ये आपका सेक्सी सेक्सी सावन अपनी भाभी के प्यासे बदन पर हर रोज़ बरसता रहा है और इतना ही नहीं उस दिन के बाद मेरी भाभी और ज्यादा सेक्सी और खूबबसूरत लगने लगी है. अब अपनी भाभी के अलावा आपका सेक्सी सावन बहुत सी फिमेल की प्यास मिटा चुका है.
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आज की बारिश की हार्दिक शुभकामनाएं
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