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मैं विक्रांत 33 साल, मेरी पत्नी नैना 31 साल और मेरा बेटा (रिया) 6 साल के हैं.
मैं 5 साल से हर माह 2-3 दिन के लिए अपने बिजनेस के सिलसिले में भटिंडा जाता रहता था
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
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मेरे सगे मामा जी जितेंद्र (55 साल) और मामी जी लता (54) भटिंडा में ही रहते हैं.
उनके 2 बेटे हैं. एक का नाम भारत है, वो 34 साल का है और दूसरा हितेश 32 साल का है.
भारत की बीवी अमृता 32 साल की और हितेश की बीवी सोनल 30 साल की है.
अमृता और सोनल दोनों सगी बहनें हैं.
सोनल के बच्चे लकी और किशी हैं.
मैं जब भी भटिंडा जाता था तो अपने मामाजी के घर में ही रुकता था.
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इस बार मैं अपनी बीवी को साथ लेकर गया था.
उसी समय जैसे ही जनता कर्फ्यू की घोषणा हुई, मैंने विचार बना लिया कि अपने घर वापस चले जाते हैं. लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था.
मेरे काम की वजह से मुझे रुकना पड़ा और उसी के बाद लॉकडाउन लगा दिया गया तो हम दोनों वहीं फंस गए.
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जैसे कि मैं वहां जाता रहता था, तो मेरी सोनल के साथ सैटिंग पहले से ही चल रही थी.
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मेरी पत्नी को इस सैटिंग का कोई अंदाजा नहीं था.
सोनल मेरे रुकने से बहुत खुश थी लेकिन मुझे दो टेंशन हो गई थीं कि एक तो लॉकडाउन में सब घर में होते हैं तो सोनल की कैसे लूंगा और दूसरी टेंशन ये कि कहीं नैना को पता न लग जाए.
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खैर … ये तो तय हो ही गया था कि मैं अब अनलॉक होने पर ही वापस जा सकूँगा.
मैं सोनल से छत पर मिला और उसके साथ मस्ती करना शुरू कर दी.
मैंने सोनल के मम्मों पर हाथ फेरते हुए कहा- सब घर पर ही हैं, कैसे क्या होगा. मेरी तो कुछ समझ ही नहीं आ रहा है.
सोनल बोली- क्यों न हम सबको इस खेल में मिला लें!
मैंने कहा- तुम पागल हो गई हो क्या?
वो बोली- मुझे तुम्हारे साथ सेक्स करना है बस … ट्राई करते हैं. मैं अपने पति हितेश को और बहन अमृता से बात करके सैटिंग कर लूंगी. तुम अपनी नैना को पटा लो बस.
मेरी समझ में नहीं आ रहा था कि सोनल कैसे अपनी बहन से बात करेगी, क्या इन दोनों में सब कुछ खुला है!
फिर भी मुझे कुछ मजा आया कि नई चूत का स्वाद मिल सकता है तो मैं सोनल की बात से सहमत हो गया.
ये बात खत्म हुई तो हम दोनों छत पर ही लग गए.
मैंने सोनल की टांग उठा कर लंड पेलना चाहा मगर तभी कुछ आवाज से हुई और सोनल मुझसे अलग हो गई.
अब हम दोनों अपने मिशन पर लग गए.
मैंने अपनी पत्नी नैना से उस रात बात की तो वो बोली- तुम पागल हो गए हो क्या?
जब मैंने उसे सैट किया तो उसने ज्यादा विरोध नहीं किया.
मैंने उससे कहा- जरा सोच, तू, हितेश और भारत, सब एक साथ में होंगे और एक साथ में सेक्स का मजा होगा.
ये बात सुनकर नैना एकदम खामोश हो गई और गुम सी हो गई.
उसकी आंखों में मैंने सेक्स की तड़फ भांप ली थी और समझ गया था कि मेरी बीवी रांड बनने को तैयार है.
वो गर्म हो गई और मेरे साथ सेक्स करने लगी, चूत को मेरे लंड पर पटकती हुई बोली- ठीक है, तुम्हें जो करना है, करो. मैं तुम्हारे साथ हूं.
उसका ये जवाब मेरे लिए कुछ अलग सा था क्योंकि मैं नैना को पिछले कई साल से प्यार कर रहा था और आज तक मैं उसकी लंड बदलने की चाहत को नहीं समझ सका था.
खैर … अब हम दोनों को यहां भटिंडा में ग्रुप सेक्स का मौका रहा था.
अगले दिन सुबह मैंने सोनल को मोबाइल दिखाते हुए इशारा किया और उसके मोबाइल पर मैसेज किया कि दस बजे मिलो.
उसने जवाब दिया- 10:30 पर मेरे कमरे में आ जाओ.
उसके इस मैसेज का मतलब साफ़ समझौता हो गया, इसकी ओर इशारा कर रहा था.
नाश्ता करने के बाद मैं ऊपर उसके कमरे में चला गया.
मेरे मामाजी का घर 2 मंजिल का है, जिसमें 3 कमरे नीचे और 2 कमरे ऊपर बने थे.
मैंने देखा कि हितेश भाई तो अभी ऊपर ही है.
फिर भी मैं चला गया.
जैसे ही मैं रूम में गया, सोनल, हितेश और उनकी बेटी किशी रूम में थे.
मैं जाकर सोफे बैठ गया और टीवी देखने लगा.
टीवी पर न्यूज चल रही थी, मैं वो देखने लगा.
तभी एकदम से हितेश ने टीवी बंद किया और बोला- और सुना क्या चल रहा है?
मैंने जवाब दिया- कुछ नहीं भाई, लॉकडाउन में क्या चलेगा. अब जब तक यह चल रहा है, बस आराम ही करेंगे.
सोनल एकदम से उठी और अपनी बेटी से बोली- किशी चलो नीचे जाओ और ये बर्तन दादी मां को देकर आओ.
किशी बर्तन उठा कर चली गई.
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अब सोनल ने कहा- इधर उधर की बात छोड़ो. मुद्दे पर आते हैं. हितेश तैयार है लेकिन अभी अमृता दी ने कुछ जवाब नहीं दिया है.
ये सुनकर मैं खुश हो गया.
हितेश ने पूछा- नैना का क्या मूड है?
मैंने कहा- नैना भी तैयार है.
हितेश ने कहा- लेकिन मेरी एक शर्त है.
मैंने कहा- कैसी शर्त!
हितेश बोला- मैं नैना को चोदूंगा लेकिन अपने इस स्टाइल से!
मैंने कहा- मेरी बीवी को तुम जैसी मरजी चोदो, मुझे कोई समस्या नहीं है. बस उसे तुम अपनी बीवी समझ कर चोदना, फिर चाहे किसी भी पोजीशन में चोद लेना. वो कभी मना नहीं करेगी.
हितेश बोला- ठीक है.
ये सुन कर सोनल और हम सब हंसने लगे.
अब सोनल मेरे करीब आई और बोली- विक्रांत … मुझे तुम चाहिए.
ये सुनकर हितेश हंसते हुए बोला- सही है अपने मतलब का माल पकड़ लो.
मैं उठ कर हितेश के पास गया और बोला- आज ही रात में करें!
हितेश बोला- हां पक्का …. मस्ती करनी है, तो तुम ऊपर साथ वाले रूम में शिफ्ट हो जाओ.
मैंने कहा- ठीक है.
मैं नैना के पास नीचे गया और उससे बोला- हम लोग ऊपर वाले रूम में शिफ्ट कर लेते हैं, अगर मस्ती करना है तो ये ज्यादा जरूरी है.
मैंने नैना से ये जानबूझकर बोला था. इससे उसका सेक्स की मस्ती करने का उत्तर फिर से मिल जाता … अगर वो ना करती तो बात कुछ अलग होती.
मगर उस कुतिया को तो मुझसे ज्यादा आग लगी थी.
वो बोली- अभी करना है या थोड़ी देर बाद!
मैंने उसे किस किया और बोला- बस थोड़ी देर बाद करेंगे.
नैना ने पैकिंग कर ली और मैंने मामीजी से कहा- हम दोनों ऊपर हितेश भाई के साथ वाले रूम में शिफ्ट कर रहे हैं.
मामीजी बोलीं- क्यों क्या हुआ?
मैंने कहा- उसमें बालकनी है और खुली छत भी है, तो वहां मजा आएगा. अभी पता नहीं मामी जी, कितने दिन ये लॉकडाउन चलेगा!
मामी जी बोलीं- ठीक बेटा, जैसी तेरी मर्जी.
ये सुनकर अमृता भाभी, नैना के पास आईं और बोलीं- पक्का … बालकनी की वजह से जा रहे हैं, या कुछ मजे वजे लेने हैं!
नैना शर्मा गई और बोली- नहीं भाभी बस बालकनी …
तभी मैंने नैना की बता काटकर एकदम से कह दिया कि अमृता भाभी आप भी आ जाओ न ऊपर. सब मिल कर रहेंगे.
अमृता भाभी बोलीं- हम्म … मैं बात करती हूं तुम्हारे भाई से … अभी वो लैपटॉप से फ्री हो जाएं.
ये कह कर अमृता भाभी हंस दीं और किचन में चली गईं.
फिर हम लोग ऊपर वाले फ्लोर यानि सोनल और हितेश के साथ वाले कमरे में शिफ्ट कर गए.
जैसे ही मैं सामान लेकर ऊपर गया, हितेश भागा भागा आया और मेरी मदद करके उसने मेरा सामान सैट करवा दिया.
दोनों बच्चे वहीं खेल रहे थे.
नैना ने कहा- थैंक्स भैया.
हितेश बोला- वेलकम जी.
मैं अब रूम में आराम कर रहा था. नैना वॉशरूम में थी. अभी शाम के 5 बज रहे थे.
हितेश मेरे पास आया और बोला- चल छत पर चलते हैं. मुझे कुछ बात करनी है.
मैंने कहा- तू चल … मैं आता हूं.
दस मिनट बाद नैना वॉशरूम से बाहर आ गई.
मैंने उससे कहा- हितेश मुझे छत पर आने की बोल कर गया है. मैं उससे बात करके आता हूं. तुम चाहो तो आराम करो या सोनल के पास चली जाओ.
नैना बोली- ठीक है.
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मैं ये बोलकर हितेश के साथ ऊपर छत पर आ गया.
हितेश बोला- देख भाई मुझे नहीं पता कि रात में क्या होगा. अगर कुछ गलत हो जाए, तो हम बाद में बैठ कर उसे समझ लेंगे.
मैंने कहा- देख भाई, कोई टेंशन नहीं लेना. नैना एकदम तैयार है. मैंने उसे सब समझा दिया है. मजे देने और लेने हैं बस.
ये सुनकर हितेश खुश हो गया और मुझे गले लगा कर बोला- यार सच बताऊं?
मैंने कहा- हां सिर्फ सच ही बोल!
हितेश बोला- देख भाई, मैं तेरी नैना को न जाने कब से चोदना चाहता था लेकिन कभी बोल नहीं पाया. तुम बुरा मत मानना.
मैंने कहा- नहीं भाई, इसमें बुरा क्या मानना. तुम अपना दिल और लंड खोल कर उसको पेलो, मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है.
ये सुनकर वो और ज्यादा उत्तेजित हो गया और बोला- तुम सोनल की गांड मार लो, चूत मार लो. मुझे भी कोई दिक्क्त नहीं है … आई लव यू भाई.
फिर मैंने कहा- तो अब देर किस बात की है.
हम दोनों जल्दी से नीचे वापस आ गए.
दोनों हितेश के कमरे में घुसे तो देखा कि नैना और सोनल आपस में बात कर रही थीं.
बेड पर 4-5 सेक्सी सेक्सी सी नाइटी पड़ी थीं.
सोनल ने हम दोनों को देखा तो वो लगभग चिल्ला कर बोली- अभी बाहर जाओ. बाद में आना.
उसने हम दोनों को बाहर निकाल कर दरवाजा लॉक कर लिया.
हम दोनों बाहर बच्चों के साथ खेलने लगे.
फिर हम दोनों ने ये तय किया कि रात के खाने के बाद हम दोनों बच्चों को सुला देंगे और अपनी अपनी बीवियां बदल कर अपने अपने कमरे में रहेंगे या हम लोग कमरा बदल लेंगे.
रात को करीब 9 बजे जैसा फैसला हुआ था, डिनर करके हम लोग ऊपर आ गए और बच्चों को सुलाने लगे.
करीब साढ़े दस तक दोनों बच्चे सो गए.
मैंने नैना के माथे पर किस किया और उससे कहा- नैना, आज अपनी रात का मजा ले लो … तुम भूल जाना कि वो मेरा कजिन है. तुम बस उसे एक मर्द या अपने बीएफ की तरह समझो और एन्जॉय करो. सेक्स करने के बाद हम दोनों एक दूसरे के साथ हुए अनुभव शेयर करेंगे.
वो बोली- हां पक्का.
फिर मैं सोनल के पास चला गया और हितेश भी नैना के पास जाने के लिए तैयार था.
बस वो दोनों मेरे आने का इंतजार कर रहे थे.
मैं सोनल के कमरे में गया और हितेश मुझे बेस्ट ऑफ़ लक कह कर नैना के पास मेरे कमरे में चला गया.
मैंने रूम लॉक किया और बच्चों की तरफ देखा.
नैना के बच्चे अलग सोफा वाले बेड पर सो रहे थे.
मैंने सोनल को अपनी बांहों में जकड़ा और उसे किस किया. वो भी मेरे किस का मजा लेने लगी. हम दोनों ने होंठों को जोड़ दिए और लम्बा चुम्बन करना शुरू कर दिया.
आआह … मुझे तो मानो तरन्नुम आ गई थी.
दो मिनट के बाद सोनल बोली- आज हमारी मस्ती भरी रात है. हम दोनों को किसी बात का डर नहीं है.
मैंने उसे जोर से चूमा और कहा- हां जान … आज न मुझे अपनी बीवी का डर है और न तुझे अपने पति का.
हम दोनों हंसने लगे.
सोनल बोली- मैं एक मिनट में आती हूं.
वो बाथरूम में चली गई और मैं बिस्तर पर लेट गया.
रूम में जीरो वाट लाल रंग का बल्ब जल रहा था, उसकी डिम लाइट थी.
वो बाथरूम से बाहर आई, तो मैं उसे देख कर पगला गया. क्योंकि मैं उसको इस रूप में पहली बार देख रहा था.
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रूम में जीरो वाट लाल रंग का बल्ब जल रहा था, उसकी डिम लाइट थी.
वो बाथरूम से बाहर आई, तो मैं उसे देख कर पगला गया क्योंकि मैं उसको इस रूप में पहली बार देख रहा था.
आज की रात सोनल की चूत चुदाई की मस्त रात होने वाली थी.
सोनल बाथरूम से बाहर आई तो मैं उसके मदमस्त रूप को देख एकदम से बौरा गया.
मेरे सामने एक सेक्सी सी कुड़ी 5 फुट 1 इंच की … उसकी 36सी-30-38 की फिगर क़यामत ढा रही थी.
सोनल ने एक छोटी सी फ्रॉकनुमा मरून रंग की नाइटी पहनी हुई जो सिर्फ उसकी चूत तक आ रही थी.
नाइटी के नीचे से उसकी थोंग चड्डी उसकी चूत को ढके हुई थी.
जब वो मेरे करीब आई तो मैं और मदहोश और पागल हो गया.
उसकी ये नाइटी एकदम पारदर्शी थी; उसमें से आर-पार का सब दिख रहा था.
उसने ब्रा नहीं पहनी थी जिस वजह से उसके निप्पल वासना से एकदम अकड़े हुए थे.
ये देख कर मैं बिस्तर से उठा और उसे अपने गले से लगा लिया.
मैं उसे ऊपर से लेकर बूब्स तक चूमने लगा- आह जान आंह … तुमने तो मुझे एक भूखा शेर बना दिया है … आह मेरी जान सोनल डार्लिंग … बहुत ही हॉट माल लग रही हो.
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सोनल बोली- आज से पहले हमने जितनी बार भी सेक्स किया, वो छिप छिप कर किया, आज मैं अपने पति को बता कर तुमसे चुद रही हूं. आज मुझे इतना चोदो इतना चोदो कि रात भी कम पड़ जाए. मैं तुम्हारे लंड की भूखी हूँ विक्रांत … मुझे अब हितेश का लंड पुराना सा लगता है. प्लीज़ विक्रांत, आज तुम जल्दी से मेरी चूत चोद दो.
मैंने कहा- हां मेरी जान, आज हम सब कुछ मस्ती से करेंगे … लेकिन जल्दबाजी का काम अच्छा नहीं है. हम दोनों आराम से मजा लेंगे. आज कोई जल्दी भी नहीं है और किसी का डर भी नहीं है.
यह कह कर मैंने उसकी चूत के साथ खेलना शुरू कर दिया.
नाइटी के ऊपर से ही मैं उसके स्तनों को चूसने लगा.
मेरे चूची चूसते ही नैना मादक आवाजें निकालने लगी- आह विकु … प्लीज़ फक मी … पहले एक बार तुम मुझे जल्दी से चोद दो … आह मेरी चूत में बड़ी आग लगी है आह!
सोनल की मदभरी आवाजें सुनकर मैं और भी तेजी से उसकी चूची चूसने लगा.
कुछ मिनट बाद वो बोली- विकु मेरी चूत पूरी गीली है … आंह लंड पेलो न!
मैंने उसके कान में धीरे से कहा- गीली चूत को चाटने का तो मजा ही अलग है.
वो कामुक हो उठी और मुझसे छूट कर बिस्तर पर टांगें फैला कर लेट गई.
मैंने उसके ऊपर आकर उसके स्तनों को चूमा और अपनी एक उंगली में थूक लगा कर उसके मुँह में दे दी.
वो भी मेरी उंगली को चूसने लगी.
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अब मैंने उसकी नाइटी को उतारना शुरू कर दिया.
अगले ही पल वो मेरे सामने सिर्फ पैंटी में थी.
उसका गोरा और शानदार जिस्म मुझे और भी ज्यादा पागल बना रहा था.
वो भी मेरे कपड़े उतारने लगी. मैं भी सिर्फ कच्छे में रह गया था.
उसने मुझे धक्का देकर बिस्तर पर गिरा दिया और मेरे जिस्म को चूमने चाटने लगी.
वो मुझे मेरी गर्दन से लेकर मेरी जांघों तक चाट रही थी.
उसके ऐसा करते समय उसकी चूचियां मेरे जिस्म को रगड़ रही थीं जिससे मेरा लंड और भी ज्यादा खूंखार होता जा रहा था.
मुझसे रहा न गया और मैंने उसे खींच कर लिटा दिया और उसके जिस्म के हर हिस्से को अपनी जीभ से चाटने लगा.
कुछ ही देर में मैंने उसकी पैंटी को उतार दिया.
हाय … उसका वो नंगा बदन और वो करीने से कटे हुए बालों से सजी हुई चूत मेरे सामने थी.
वो सीन सोच कर आज भी मेरा लंड खड़ा हो जाता है.
फिर मैंने अपने होंठ उसकी रसीली चूत पर रख दिए और चूत को चाटने चूमने लगा.
कुछ ही सेकंड बाद वो वासना से लबरेज आवाजें निकालने लगी.
मैंने उसे काफी गर्म कर दिया था. उससे रहा नहीं जा रहा था. वो एकदम से उठी और मेरे लंड को चूसने लगी.
कुछ ही समय बाद वो मुझे गिरा कर मेरे लौड़े पर अपनी चूत सैट करके बैठ गई.
आह … सोनल की गर्म चूत किसी भट्टी की मानिंद तप रही थी.
अगले कुछ पल बाद वो मेरे लंड पर दौड़ने लगी. उसकी भरी हुई चूचियां मेरे सामने डिस्को कर रही थीं.
मैंने उसे अपनी तरफ खींचा, तो वो समझ गई और उसने अपनी एक चूची मेरे मुँह में लगा दी.
आह … मस्त मजा आ रहा था.
मैं अपने भाई की बीवी की धकापेल चुदाई कर रहा था और उधर भाई, मेरे कमरे में मेरी बीवी को रगड़ रहा होगा.
ये अहसास मुझे और भी ज्यादा गर्म कर रहा था.
कोई दस मिनट बाद सोनल मेरे सीने पर गिर कर हांफने लगी.
अब मैंने अपने होंठ सोनल की रसीली चूत पर रख दिए थे और उसकी चूत को चाटने चूसने लगा था.
कुछ सेकंड बाद सोनल कसमसाती हुई मादक आवाज निकालने लगी- आंह आंह विकु मर गई … आह साले चाट ले आह!
सोनल की सांसें बढ़ने लगी थीं.
मैं समझ गया कि इसका काम तमाम होने वाला है. मैं उसकी चूत में और अन्दर तक जीभ डाल कर चूसने लगा.
‘आह्ह्स्स्स् … आह्ह … जान मैं गई आह विकु … मेरा पानी उम्मन आआह …’
वो झड़ने को हो गई थी, मगर उसी समय मैं उसकी चूत से हट गया.
अब वो पगला गई थी.
वो बोली- आंह क्यों हट गए … मुझे और चूसो न विक्रांत … प्लीज़ … और तेज!
मैंने उससे कहा- आवाज धीरे निकाल सोनू … किशी उठ जाएगी.
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फिर 5-7 मिनट तक मैं उसकी गीली चूत चाटता रहा और उसकी आवाज़ भी कुछ ज्यादा भारी होने लगी.
चूत के पानी की वजह से पूरा छेद गीला हो गया था.
मैं सीधा उसके होंठों के पास गया और उसके होंठों को चूमने लगा.
हम दोनों फिर से स्मूच करने लगे.
स्मूच करते-करते उसे अपना हाथ मेरे कच्छे के अन्दर डाल कर अचानक से मेरे लंड पर एक चूंटी काट दी.
मेरी एक तेज आवाज निकली- आह … साली क्या कर रही है!
वो मेरे कान में कहने लगी- अब बताओ मेरी जान … मेरी चूत मारोगे या हितेश को बुलाऊं?
मैंने उससे कहा- उसको बुलाने की जरूरत नहीं है. वो इस समय मेरी बीवी को चोद रहा होगा.
अब सोनल ने मेरे कच्छे को उतारा और बोली- जब वो तेरी बीवी को चोद रहा होगा, तो तेरे लंड में कौन से कांटे लगे हैं साले … तू भी तो मुझे चोद ना!
ये कहते हुए उसने मेरे नंगे हो चुके लंड को पकड़ लिया और उसके साथ खेलती हुई उसको चूमने लगी.
मेरा लंड तन गया और पूरी औकात में आ गया.
मेरे तने हुए लंड की लम्बाई सात इंच हो गई थी, जिसे देख कर सोनल मचल उठी.
मैंने कहा- अब इसे चूसो बेबी. ये भी थोड़ा खुश हो जाएगा और तुम्हारी चूत भी अच्छे से चोदेगा.
ये कह कर मैं बेड से उठ कर कुर्सी पर बैठ गया.
सोनल मेरे सामने खड़ी हो गई और अगले ही पल वो घुटनों के बल बैठ कर मेरे लंड पर अपने होंठ फिराने लगी, लंड को चूसने लगी.
आह क्या मस्त नजारा था … कमरे की लाल डिम लाईट और सामने सोनल का नंगा बदन … मुझे मजा आ गया था.
कोई पांच मिनट तक लंड चूसने के बाद मैंने उससे कहा- अब आ जाओ मेरी जान … मेरे लंड को चूत की भूख लग आई है.
मैंने साइड की टेबल पर रखा कंडोम का पैकेट उठाया और अपने लौड़े पर चढ़ा लिया.
एक बार मैंने फिर से अपने कंडोम चढ़े लंड को सोनल के मुँह में दिया और उस पर कुछ ज्यादा सा थूक लगवा लिया.
सोनल भी अपनी चूत खोल कर लेट गई.
मैंने उसके ऊपर चढ़ कर लंड चूत की फांकों में सैट किया और उसके होंठों पर अपने होंठ जमा दिए.
सोनल से रहा नहीं जा रहा था, उसने अपनी गांड उठानी शुरू कर दी और मैंने धीरे धीरे करके अपना लंड उसकी चूत में पेल दिया.
उसकी मीठी आह निकलनी शुरू हो गई.
मैंने उसके मुँह से अपने होंठों को हटाया तो उसकी आवाज बाहर निकलने लगी- उफ़ आंह विकु आह …धीरे धीर पेलो … आह मजा आ रहा है.
मैंने कहा- अब बता साली कि हितेश और नैना की क्या बात बताना चाह रही थी.
सोनल बोली- अभी जाने दे अभी सिर्फ मुझे चोद दे राजा, मैं बहुत प्यासी हूं. हितेश तो मुझे चोदना पसंद ही नहीं करता. उसे तो और लोगों की बीवियां चोदना पसंद है. आज उसे मौका मिल गया है, वो तुम्हारी बीवी को हचक कर पेल रहा होगा.
ये सुनकर मैंने झटके से लंड अन्दर पेल दिया.
वो सिसकारी भरी आवाज में बोली- अह मर गई.
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बता न मेरी जान!”
“उफ्फ … क्या बताऊं राजा … हितेश तेरी बीवी नैना के लिए भी बड़ी रसीली बातें करता है.”
मैं उससे बोला- तो बता ना साली … हितेश मेरी बीवी की कौन सी रंगीली बातें करता था, वो उसके साथ क्या क्या करना चाहता था साला.
वो कुछ नहीं बोल रही थी, बस मेरे लंड से चुदने का मजा ले रही थी.
मैंने फिर से कहा- कुछ तो बता साली, जब तक नहीं बताएगी, मैं तुझे नहीं चोदूंगा.
वो बोली- तो सुन, मैं ज्यादा नहीं बताऊंगी, बस इतना बता रही हूँ कि अगर हितेश को नैना पसंद है, तो नैना को भी हितेश पसंद है.
मैंने कहा- मतलब?
“मतलब ये कि हितेश और नैना आपस में काफी पहले से एक दूसरे को पसंद करते थे और वो दोनों एक दूसरे से वीडियो कॉल पर बात करते थे.”
“ये तुझे कैसे मालूम था?”
“मैंने एक दिन हितेश को नंगा देखा था वो वीडियो कॉल पर नैना से बात कर रहा था.”
ये सुनकर मेरे दिमाग में सब साफ़ हो गया कि नैना ने एकदम से हितेश के साथ सेक्स करने की बात मान ली थी.
अब तक मैंने सोनल को काफी गर्म कर दिया था. उससे रहा नहीं जा रहा था.
वो एकदम से उठी और मेरे लंड को चूसने लगी.
कुछ ही समय बाद वो मुझे गिरा कर मेरे लौड़े पर अपनी चूत सैट करके बैठ गई.
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आह … सोनल की गर्म चूत किसी भट्टी की तरह तप रही थी.
अगले कुछ पल बाद वो मेरे लंड पर दौड़ने लगी. उसकी भरी हुई चूचियां मेरे सामने मस्त हिल रही थीं.
मैंने उसे अपनी तरफ खींचा, तो वो समझ गई और उसने अपनी एक चूची मेरे मुँह में लगा दी.
कोई दस मिनट बाद सोनल झड़ गई और मेरे सीने पर गिर कर हांफने लगी.
मैंने उसे अपने लंड के नीचे ले लिया और धकापेल चुदाई शुरू कर दी.
कोई पांच मिनट बाद मैंने अपने लंड का पानी अपने भाई की बीवी की चूत में निकाल दिया.
हम दोनों थक कर चूर हो गए थे इसलिए चिपक कर लेट गए.
फिर सोनल मुझे बाथरूम में ले गई और हम दोनों एक दूसरे के अंगों को साबुन लगा कर मसलने लगे और उसी दौरान फिर से गर्मा गए.
सोनल ने मेरे लंड को फिर से चूसना शुरू कर दिया था.
जल्दी ही वो कुतिया बन गई और मैंने उसे पीछे से चोदना शुरू कर दिया.
दस मिनट बाद सोनल झड़ गई और उसने मेरे लंड को चूत से निकाला और चूसने लगी.
मुझसे भी नहीं रहा गया और मेरे लंड से वीर्य उगलना शुरू कर दिया.
वो मेरे लंड का माल चूसने लगी और मजा लेने लगी.
हम दोनों ने ऊपर उठ कर एक दूसरे के होंठों को चूसना शुरू कर दिया.
मुझे मेरे वीर्य का नमकीन स्वाद मिलने लगा.
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
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वो इठला कर बोली- अपने माल का टेस्ट कैसा लगा?
मैंने उसके मुँह में वापस अपना रस छोड़ा और हंसते हुए कहा- मस्त स्वाद है.
हम दोनों कुछ देर बाद नहा कर बाहर आ गए और बिस्तर पर लेट कर आराम करने लगे.
करीब आधा घंटा बाद सोनल उठी और अलमारी से रेड वाइन की बोतल ले आई.
हम दोनों वाइन का मजा लेने लगे और हितेश व नैना की चुदाई की बातें करने लगे.
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करीब आधा घंटा बाद सोनल उठी और अलमारी से रेड वाइन की बोतल ले आई.
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