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मेरा नाम राहुल है उम्र 22 साल ओर मेरी स्वीट दीदी पल्लवी की उम्र 24 साल और फिगर 34-30-34 है. हमारे घरवाले जब मेरे मामा जी के यहाँ दस दिन के लिये शादी मैं गये थे इस कारण हम दोनो भाई बहन घर मैं अकेले ही थे.मैं ओर दीदी खूब इन्जॉय कर रहे थे जब मेरा या दीदी का दिल करता तो हम एक दूसरे को बोल देते ओर हमारी चुदाई शुरू हो जाती ओर रात को तो हम नंगे ही एक दूसरे के साथ एक ही बेड पर होते ओर दीदी को चोदने के बाद मेरा लंड उनकी चूत मैं ही रहता ओर मेरा जब दिल करता मैं दुबारा झटके देना शुरू कर देता दीदी भी मुझे मना नही करती ओर मेरा पूरा साथ देती दीदी को मेरा लंड चूसने मैं बहुत मज़ा आता है ओर मुझे उनकी चूत का पानी चाटने मैं जब दीदी मेरा पूरा लंड अपने पिंक लिप्स से अपने मुँह मैं लेती तो इतना मज़ा आता की बस दीदी को मैं सिर से पकड़ लेता ओर लंड को बाहर निकालने का मेरा मन नहीं करता ओर दीदी भी यही चाहती थी की उसके भाई का लंड मुँह मैं ही रहे 6 दिन बीत चुके थे हमारी चुदाई को अगले दिन दीदी को अपनी पढाई के सिलसिले मैं 2 दिन के लिये जाना पड़ा.
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
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अब मैं घर मैं अकेला रह गया था वो 2 दिन बिताने मेरे लिये बहुत मुश्किल थे लेकिन मैं दीदी को कॉल करके उनके बारे मैं पूछता रहता वो 2 दिन हम दोनो भाई बहन ने बहुत मुश्किल से काटे. जब दीदी आई तो मैने डोर ओपन किया ओर दीदी ने अंदर आते ही डोर को लॉक कर मुझे वही लिप पर किस करने लगी मेने दीदी से कहा की दीदी थोड़ा आराम तो कर लो आप तो आते ही स्टार्ट हो गये तो दीदी ने कहा राहुल तू नही जानता मेरा क्या हाल हुआ है 2 दिन ओर तू आराम के लिये बोल रहा है तो मैं भी दीदी के मुँह को पकड़ कर उनके लिप पर किस करने लगा दीदी तो जेसे पहले से ही गर्म थी.
मैं अपनी जीभ को दीदी के मुँह मैं डालता ओर दीदी फिर मेरे मुँह मैं अपनी जीभ घुमाती मैं साथ मैं दीदी के बूब्स भी मसल रहा था तो दीदी बोली राहुल मेरी शर्ट उतार कर मसल ओर मैंने लिप पर किस करते हुये दीदी के बटन खोले ओर शर्ट उतार दी दीदी की पिंक ब्रा के उपर से ही मैं उनके बूब्स की निपल को चूसने लगा दीदी मेरे सिर मैं हाथ फेरती रही दीदी की ब्रा मेरे मुँह के पानी से गीली हो गई थी लेकिन मैं एक बूब्स को हाथ से मसलता ओर दूसरे को चूसता फिर दूसरे को चूसता ओर पहले को मसलता दीदी की गीली ब्रा से उनकी निपल दिखाई देने लगी दीदी ने अपने पीछे हाथ डाल कर अपनी ब्रा का हुक खोल दिया ओर हाथो को सीधा कर अपनी ब्रा उतारने के लिये बोला मेने बड़े प्यार से दीदी की ब्रा पकड़ी ओर उतार दिया.
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फिर अपनी दीदी को देखने लगा तो दीदी बोली राहुल पहले नही देखा क्या जो आज इतने प्यार से देख रहा है चल जल्दी कर मेरा हाल तो देख क्या है तो मेने कहा दीदी आपके हाल का तो पता नही पर मुझसे पूछो मेने कैसे 2 दिन काटे आपके बगैर ओर फिर से मैं दीदी की निपल को चूसने लगा दीदी मेरे मुँह को अपने बूब्स पर दबाने लगी ओर मुझे ओर अंदर ले राहुल आअहह मेरे भाई जितना अंदर ले सकता है लो आअहह तेरी दीदी दो दिन से प्यासी है मेरे भाई दीदी का दूध पी अच्छे से आअहह ऊओ बोलने लगी दीदी की ऐसी तड़प को देख कर मैं भी जितना अंदर ले सकता लेता रहा दीदी के बूब्स लाल हो गये थे फिर दीदी मेरे कपड़े उतारने लगी ओर सिर्फ़ मुझे अंडरवेयर मैं कर दिया ओर नीचे बेठ कर मेरे लंड को बाहर निकाला ओर मज़े से किस करने ओर चाटने लगी.
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अब मेरा लंड भी खड़ा होने लगा दीदी की चूत मैं तो जेसे पानी भरा था लगातार दीदी की चूत पानी बहा रही थी ओर मैं उस पानी को चाट रहा था दीदी आअहह ऊऊहह भाई करते रहो ओर मैं जितनी अपनी जीभ को चूत मैं ले जाता दीदी ओर उतनी तेज आवाज़े निकालती दीदी ने अपनी टांगो को मेरी पीठ पर फोल्ड किया ओर मेरे मुँह को चूत पर टिकाये रखा मैं लगातार चूत को चाट रहा था दीदी भी हल्के हल्के झटको से मेरे मुँह पर अपनी चूत उठाने लगी ओर बोली की राहुल मैं झड़ने वाली हूँ आआआहह राहुल ओर मैं भी चूत से निकला पानी पीना चाहता था तो चाटता ही रहा दीदी मेरे सिर को पकड़ कर चूत पर दबाने लगी ओर मैं जीभ चूत के ओर अंदर करने लगा.
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दीदी आआहह ओह राहुल हटना मत आआअहह मैं झड़ रही हूँ ओर मेरे मुँह पर चूत के झटके मारते हुये आआआहह ऊओह आअहह ऊओ राहुल पी जाओ आअहह ह्म्*म्म्म करते हुये झड़ गई मेने अपनी जीभ निकाल ली ओर चूत को चाटता रहा दीदी हमम्म मेरे भाई अच्छे से चाट कर पी जा दीदी की चूत का पानी आहह करते हुये मुझसे चूत को साफ करवाने लगी पर चूत से पानी अब भी नही रुका दीदी अब शांत हो गई थी. ओर मेरा लंड खड़ा हो चुका था. दीदी ने अपनी टांगो को खोला ओर ऐसे ही बेठ गई. फर्श पर भी दीदी की चूत का पानी लगा था. ओर टाँगे खोल कर बेठ गई अब मैं खड़ा हुआ ओर दीदी के मुँह के पास अपना लंड कर दिया दीदी थोड़ा आगे बड कर लंड को चूसने लगी 3 या 4 मिनिट तक लंड चुसवाने के बाद मेने दीदी को खड़ा किया ओर दीवार से दीदी को उल्टा खड़ा कर दिया ओर दीदी के साथ चिपक गया मेरा लंड दीदी के गांड के होल से लगने लगा
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दीदी ने कुछ नही कहा बिल्कुल सीधा खड़े रहे मैं दीदी के बालो को हटा कर गर्दन पर किस कर रहा था ओर एक हाथ से अपने लंड को दीदी के गांड के होल के उपर ही रग़ड रहा था दीदी बोली की राहुल तेरे इरादे ठीक नही हैं आज तो मेने कहा की क्या हुआ दीदी तो बोली अपने लंड को यहा से हटा तुझे पहले भी बोला है की ये गिफ्ट मैं तुझे तेरे बर्थ-डे पर दूँगी मेने कहा दीदी आप भी ना मैं तो उपर ही रग़ड रहा हूँ अंदर थोड़े ना डाल रहा हूँ आप चुप रहो प्लीज ओर फिर से स्टार्ट हो गया मैं दीदी की पीठ पर हाथ फेरता ओर किस करता रहा दीदी फिर से गर्म हो चुकी थी दीदी की पीठ को सहलाने मैं मुझे बहुत मज़ा आ रहा था जब मैं दीदी के बालो को साइड मैं करके अपनी जीभ दीदी की पीठ पर उपर से नीचे फेरता तो दीदी मचल उठती ओर फिर मैं दीदी को पास ही बनी एक खिड़की के पास ले गया ओर उन्हें दीवार के कॉर्नर को पकड़ कर घोड़ी बनने को बोला दीदी भी आराम से घोड़ी बन गई.
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मैं नीचे बेठा ओर पीछे से दीदी की चूत मैं जीभ फेरने लगा दीदी आआहह राहुल्ल्ल्ल बस कर मेरे भाई अब अपने लंड को दीदी की चूत मैं डालो ये बहुत तड़प रही है प्लीज सीधा खड़ा हो ज़ा ओर एक झटके मैं लंड को चूत की गहराई मैं उतार दे ओर मैं सीधा खड़ा हुआ ओर लंड के टॉप को दीदी की चूत पर उपर से नीचे ओर नीचे से उपर करने लगा मेरे ऐसा करने से दीदी की चूत का वो ही हिस्सा खुलता जहा से लंड का टॉप गुज़रता दीदी हमम्म्म करते हुये बोली अब खेलता रहेगा बहन की चूत से या अंदर भी डालेगा.
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एक बार अच्छे से चोद दे मुझे फिर बाद मैं जेसे मर्ज़ी हो करते रहना प्लीज अब डाल दीदी कुछ ज्यादा ही तड़प रही थी ओर मेने भी एक जोरदार धक्का मारा ओर लंड को चूत की गहराई मैं उतार दिया दीदी आअहह उूउउइ ऊओ करते हुये आगे को हुई जिससे लंड थोड़ा बाहर निकल गया मेने दीदी को जाँघो से पकड़ा ओर अपनी तरफ खींचा मेरा लंड फिर से दीदी की चूत मैं समा गया ओर मैं झटके मारने लगा दीदी की चूत थोड़ी टाइट लग रही थी क्योकि दो दिन से दीदी की चुदाई जो नही हुई थी दीदी आआहह ऊऊहह राहुल मी फुक चोद अपनी बहन की चूत को आअहह मेरे भाई अच्छी तरह से चोद अपनी दीदी को में ज़ोर से झटके मार रहा था आआहह राहुल आअहह मारो मुझे राहुल मारो अपनी दीदी की चूत आआहह करते रहो मैं भी पूरी तेज़ी से दीदी की चूत की चुदाई कर रहा था दीदी के बूब्स पूरी जोरो से हिल रहे थे.
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मेने एक हाथ से दीदी के बूब्स पकड़ लिये ओर मसलने लगा जब मेरा लंड दीदी की चूत मैं उतरता तो रूम मैं ताप ताप की आवाज़ आती ओर दीदी के मुँह से तो आअहह ऊऊहह की आवाज़े आ ही रही थी दीदी ओर मैं पूरी मधहोशी मैं चुदाई कर रहा था तभी मेरा ध्यान दीदी के गांड के होल पर गया मेने दीदी से बिना कुछ कहे एक उंगली दीदी के गांड के होल मैं डाल दी दीदी ज़ोर से चिल्लाई ओर आआहह उूउउइईईई ऊऊहह राहुल उंगली निकाल वहा से प्लीज आअहह निकाल्ल्ल दर्द हो रहा है मेरे भाई प्लीज ओर मेने उंगली निकाल दी दीदी की गांड सच मैं बहुत टाइट है ये सोच कर मेने भी दोबारा गांड की तरफ ध्यान नही दिया ओर चूत मारता रहा.
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मैं अब झड़ने के करीब था ओर मैने अपनी स्पीड ओर बड़ा दी कुछ दीदी की आवाज़े मुझे ओर उत्तेजित कर रही थी ओर मेने दीदी से कहा की मैं झड़ने वाला हूँ दीदी आअहह दीदी जल्दी बोलो कहा निकालु तो दीदी बोली राहुल मेरी चूत 2 दिन से प्यासी है तेरे पानी की एक भी बूँद मेरी चूत से बाहर ना निकले भर दे मेरी चूत को अपने पानी से आआअहह राहुल्ल मेरे भाई ऊओह प्लीज मिटा दे अपनी दीदी की चूत की प्यास आअहह राहुल ओर दीदी की ये अवाजे सुनते हुये मैं भी आआहह ऊओह दीदी मैं झड़ रहा हूँ आआअहह ऊऊहह दीदीईईईई आअहह पल्लवी मेरी प्यारी बहन आअहह करता हुआ दीदी की चूत मैं झड़ गया दीदी आआहह ऊऊहह राहुल भर दिया तूने अपनी बहन की चूत को आआअहह मेरे भाईईईई करते हुये मेरे पानी की गर्मी से झड़ गई.
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मैं फिर भी दीदी की चूत मैं झटके मारता रहा जब मेरा लंड छोटा होने लगा तो दीदी की चूत का ओर मेरा पानी दीदी की टांगो से होता हुआ नीचे बहने लगा फिर मेने अपना लंड दीदी की चूत से बाहर निकाला ओर दीदी को सीधा करके उनके लिप पर किस करने लगा दीदी ने भी मुझे किस की ओर आइ लव यू भाई बोल कर बाथरूम मैं नंगी ही जाने लगी दीदी के बूब्स एकदम लाल हो गये थे ओर चूत गीली थी मैं भी दीदी के पीछे बाथरूम मैं गया ओर साथ में ही बाथ लिया फिर मैं दीदी को उठा कर बेड पर ले आया तब दीदी ओर मेने अपने दूसरे कपड़े पहने ओर आराम करने लगे
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तो उन्होंने मुझे बताया कि जीजू से भी वो बहुत संतुष्ट हैं और जीजू भी बिल्कुल मेरी तरह ही दीदी की चोदते हैं और दीदी ने बताया कि मेरे जीजू का लंड मेरे लंड से एक इंच बड़ा है और मोटा भी है। तो दीदी की यह सब बातें सुनते सुनते मेरा लंड खड़ा हो गया और दीदी ने मेरा अंडरवियर देखकर कहा कि राहुल अब इंतजार क्यों कर रहा है? कितने दिन से में तेरा लंड लेने के लिए तड़प रही हूँ और तू आज अपनी दीदी को फिर से वैसे ही चोद जैसे कई बार पहले चोदा था। तो मैंने कहा कि दीदी मैंने कब मना किया है यह देखो ना मेरा लंड तो कब से तनकर खड़ा है और जीजू की चुदाई की बातें सुनकर यह मुझे आपको चोदने के लिए कह रहा है। फिर दीदी ने मेरे अंडरवियर के ऊपर से ही मेरा लंड सहलाना शुरू किया और में दीदी के बूब्स सहलाने लगा.. दीदी बोली कि राहुल तेरा लंड आज मुझे छोटा लग रहा है.. लेकिन चुदाई का जो मज़ा तू मुझे देता है तेरे जीजू नहीं देते। तो मैंने कहा कि वो कैसे?
तो दीदी ने बताया कि में तेरे जीजू का लंड नहीं चूसती और ना ही वो मेरी चूत चाटते.. वो बस मेरे बूब्स सक करते हैं और अपना लंड मेरी चूत में डाल देते हैं और ना ही मैंने उनका लंड अपनी गांड में लिया.. लेकिन में उन्हें ऐसा करने को बोलूं तो जाने वो मेरे बारे क्या समझेंगे? लेकिन आज रात मुझे तू वो पहले जैसा मज़ा दे ताकि में अपनी सेक्स लाईफ से पूरी तरह संतुष्ट रहूँ और फिर दीदी ने मेरी अंडरवियर में हाथ डालकर मेरा लंड पकड़ लिया। तो मैंने कहा कि दीदी इसे पूरी उतार दो ना.. फिर आराम से पकड़ लेना और तब दीदी ने मेरी अंडरवियर उतारी और मुझे नंगा कर दिया और मैंने दीदी की टी-शर्ट उतारी। दीदी ने क्रीम कलर की ब्रा पहनी हुई थी। तो में दीदी के 36 साईज़ के बूब्स को ब्रा के ऊपर से ही मसलने लगा और उनको किस करने लगा और मेरा लंड दीदी के लोवर के ऊपर से चूत को छू रहा था। फिर दीदी ने अपना एक हाथ आगे बड़ाकर मेरा लंड पकड़ा और चूत पर रगड़ने लगी। तो मैंने दीदी की पीठ के नीचे हाथ डाला और ब्रा की हुक को खोल दिया और दीदी के बूब्स को आज़ाद कर दिया.. लेकिन दीदी की भूरी निप्पल को देखकर तो कोई भी पागल हो जाता है और मैंने दीदी के बूब्स हाथ में लिए और निचोड़ने लगा और दीदी की एक निप्पल को मुहं में ले लिया और ज़ोर ज़ोर से दबातें हुए चूसने लगा। तभी दीदी बोली कि प्लीज़ भाई आराम से कर मुझे बहुत दर्द होता है .
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तो मैंने कहा कि दीदी आज मुझे मत रोको प्लीज़.. में कितने दिन से रुका हूँ आपको चोदे बिना मेरा लंड नहीं रह सकता। मुझे आज आपके जिस्म से पूरा मज़ा लेना है और फिर निप्पल को अपने दातों से काटने लगा।तो दीदी आहह उह्ह्ह राहुल मेरे भाई अह्ह्ह करते हुए बोली कि ओह भाई कर ले जो करना है.. तेरे लिए में सब दर्द सह लूँगी और मुझे जल्दी से नंगा कर दे आहह उह्ह्ह। दोस्तों मैंने दीदी के निप्पल को बहुत देर तक ज़ोर से सक किया और थोड़ा नीचे होकर दीदी के पेट पर अपनी नुकीली जीभ फेरने लगा और मेरे ऐसा करने से दीदी का पेट काँपने लगा और में दीदी की नाभि के आस पास अपनी जीभ घुमाता रहा।तो दीदी पूरी मस्ती में आ चुकी थी और मेरे बालों में हाथ फेरते हुए आअहह भाई आअहह कितना मज़ा देता है.. आअहह अब जल्दी से मुझे नंगी कर दे मुझसे और सहन नहीं होता और दीदी अब बहुत ज़ोर ज़ोर से अपने बूब्स को मसलने लगी। फिर में थोड़ा और नीचे हुआ और दीदी का लोवर उतारने लगा.. में जैसे जैसे दीदी का लोवर उतार रहा था वैसे वैसे में अपनी जीभ फेर रहा था और दीदी ने अपनी चूत को बिल्कुल साफ किया था।
में दीदी की चूत के ऊपर जीभ घुमाता रहा और जीभ घुमाते घुमाते मैंने दीदी के लोवर को उनके घुटनो तक कर दिया था.. तब दीदी ने खुद अपने पैरों से लोवर को उतार दिया। तो मैंने पूछा कि दीदी आपने पेंटी क्यों नहीं पहनी? तो वो बोली कि मुझे तेरा लंड अपनी चूत में लेने की बड़ी जल्दी है इसलिए और अगर में पेंटी पहन लेती तो तुम उसे उतारने में और भी टाईम खराब करते। तो मैंने दीदी के दोनों पैरों को खोल दिया और दीदी की चूत के होंठो पर अपनी उंगली फेरने लगा और बोला कि दीदी जीजू ने आपकी चूत को खोल दिया है देखो यह पहले से कितनी खुल गई है ना। तो दीदी बोली कि हाँ भाई तेरे जीजू का लंड तुझसे मोटा जो है और अब ज्यादा बातें मत कर जल्दी से चाट मेरी चूत को.. कितने दिन से तेरी बहन की चूत जीभ से चटवाने को तरस रही है और दीदी के इतना कहते ही मैंने जीभ को दीदी की चूत के होंठ पर लगा दिया और ऊपर से नीचे घुमाने लगा।तो दीदी मेरे बालों में हाथ घुमाते हुए बोली कि आअहह भैया आहह राहुल मेरे भाई हाँ मेरी चूत में जीभ डाल दे अपनी ऊओह मुझे और मत तडपा आअहह.. तेरी बहन की चूत की खुजली तो तेरी जीभ से ही ख़त्म होती है अह्ह्ह अब डाल दे और मैंने दीदी की चूत की पंखुड़ियों को अपनी उंगलियों से फैलाया और जीभ को चूत में डाल दिया और फिर दीदी पूरी तड़प उठी और आअहह ऊऊहह आअहह भाई आअहह और अंदर डाल आआहह बड़ा मज़ा आ रहा है.. तो में दीदी की चूत में अपनी जीभ हिलाने लगाऔर मैंने दीदी की चूत के फुदकते हुए दाने को अपने मुहं में ले लिया और एक उंगली चूत में डालकर अंदर बाहर करने लगा।
दीदी की चूत पूरी गीली हो चुकी थी और में जितनी देर में दीदी की चूत का पानी चाटता उनकी चूत और पानी छोड़ देती और दीदी अपने बूब्स को पूरे जोश से मसलते हुए अपनी गांड को उठाकर चूत को मेरे मुहं पर दबाने लगी थी। तो में भी चूत में उंगली डाल डालकर चूत चोद रहा था दीदी आअहह ऊऊहह किए जा रही थी और शायद दीदी अब झड़ने वाली थी.. लेकिन में दीदी की चूत को लगातार चाटता रहा और मेरी पूरी जीभ दीदी की चूत में थी और मेरे होंठ दीदी की चूत के होंठ से मिले थे। फिर दीदी ने मेरे सर पर हाथ रखा और आहह उईई भाई में झड़ने वाली हूँ आअहह उह्ह्ह कहते हुए मेरे मुहं को चूत पर दबाने लगी और में भी पूरी तेज़ी से दीदी की चूत को चूसता रहा और दीदी की चूत का पानी मुझे बहुत टेस्टी लगता है इसलिए में भी जल्दी में था कि दीदी कब झड़े।तभी दीदी आहह उह्ह्ह की जोरदार आवाज़ से साथ झड़ने लगी और अपनी गांड को उठाकर मेरे मुहं पर अपनी चूत को दबाने लगी और में दीदी की चूत का पानी पीता रहा और दीदी आअहह ऑश आहह करते हुए एकदम से ढीली पड़ गई और निढाल सी लेटी रही.. लेकिन में फिर भी दीदी की चूत का पानी चाटता रहा। फिर दीदी की चूत को मैंने चाट चाटकर पूरा साफ कर दिया और ऊपर होकर दीदी के पास लेट गया और दीदी से बोला कि कैसा लगा दीदी? तो वो कुछ नहीं बोली और में दीदी के बूब्स को फिर से चूसने लगा और दीदी का एक हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रख दिया और ऊपर नीचे करने लगा।तो दीदी ने कहा कि भाई बस दो मिनट रुक जा में अभी सब करती हूँऔर मुझे भी तो तेरा वीर्य पीना है और मैंने उनका हाथ छोड़ दिया और बूब्स को धीरे धीरे मसलतेहुए सक करने लगा। फिर मैंने एक हाथ को आगे की तरफ बढ़ाकर दीदी की चूत पर रख दियाऔर सहलाने लगा और मैंने महसूस किया कि दीदी की चूत अंदर से एकदम गीली थी..तो मैंने अपनी एक उंगली चूत में डाल दी और अंदर बाहर करने लगा और दीदी के साथऐसे करने से वो फिर से गरम होने लगी। फिर वो कहने लगी कि अह्ह्ह आअहह भाई रुक भी जा ऊ ओह तू मेरी चूत में फिर से आग लगा रहा है.. चल अब मुझे तेरा लंड चूसना है
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और में खड़ा हो गया। तो दीदी उठी और घुटनों पर बैठ गईऔर मेरा लंड पकड़ कर अपने मुहं पर रगड़ने लगी। मेरा लंड तो कब से इसी इंतजारमें खड़ा था और बहुत गीला भी हो गया था और फिर दीदी ने मेरे टोपे पर किस कियाऔर जीभ घुमाने लगी तो में दीदी की आखों में देख रहा था दीदी मेरे टोपे को चूसने लगी।मैंने दीदी का चेहरा अपने हाथों में ले लिया और उनके मुहं में लंड डालने लगा.दीदी धीरे धीरे मेरे लंड को सक करने लगी। मुझे अब पूरी मस्ती चड़ गई और मेंजोश में आकर दीदी का मुहं चोदने लगा और मेरे मुहं से आअहह दीदीई ऊऊहहजैसी आवाज़े निकलने लगी। फिर मैंने ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर दीदी के मुहं मेंअपना पूरा लंड डाल दिया और 10 सेकेंड ऐसे ही रखा और मैंने देखा कि दीदीकी आँखो में पानी आ गया और जब मैंने लंड मुहं से बाहर निकाला तो दीदी खांसनेलगी और मेरा लंड पूरा चमक गया था।दीदी ने फिर से मेरा लंड मुहं में ले लिया और चूसते हुए खुद अपना मुहं चुदवाने लगी में आअहह ऊओह आआहह कर रहा था और में भी दीदी के बाल पकड़कर पूरे जोश से उनके मुहं को चोदने लगा। फिर दीदी का मुहं चोदते हुए मुझे बड़ा मज़ा रहा था और आअहह दीदी आअहह दीदी और तेज करो अहह में झड़ने वाला हूँ आअहह करते हुए में उनके मुहं में ही झड़ गया और मेरे लंड से ढेर सारा वीर्य निकला जिसे दीदी बड़े प्यार से पी गई और में बेड पर लेट गया। दीदी मेरा लंड चाट रही और उन्होंने तब तक चाटा जब तक लंड बैठ ना गया। उसके बाद दीदी मुझे बाहों में लेकर मेरे साथ लेट गई
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