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Start kro bro. All the best
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मेरा नाम सबीना है ,
मैं 44 साल की एक मदमस्त, खूबसूरत और हॉट हूँ।
मेरा जिस्म बड़ा, गठीला रसीला और मनमोहक है।
मेरी आँखें बड़ी बड़ी हैं, मेरे स्तन इतने बड़े हैं कि किसी काभी ध्यान बरबसखींच ही लेते हैं! मेरे बाल लम्बे और काले हैं. मेरी बाहों की गोलाई तो बहुत ही सेक्सी हैं इसलिए मैं अक्सर स्लीवलेस कपड़े ही पहनती हूँ।
और मेरे। नितंब गज़ब ढाने वाले व आकर्षक है और मेरी चाल पर तो जाने कितने लोग अपनी जान देते हैं।
मैं जब चलती हूँ तो आगे से मेरे बूब्स हिलते हैं और पीछे से मेरे नितंब।
लोग मुझे देखकर अपना लण्ड सहलाते हैं।
कुछ लोग कमैंट्स पास करते हैं- वाह, क्या मस्त माल है यार! मन करता है कि इसके मुंह में लंड पेल दूँ! एक बार पकड़ ले मेरा तो मज़ा आ जाए. ज़रा पलट के देख मेरी जान! इसकी गांड तो बड़ी मस्त है यार! इसे चोदने में बड़ा मज़ा आएगा. मन करता है कि इसकी चूचियों में लण्ड पेल दूँ अभी!
यह सब सुनकर मैं एन्जॉय करती हूँ।
मुझे भी इन सबके लण्ड पकड़ने का मन करता है।
मेरा भी मन इनको अपना नंगा जिस्म दिखाने का हो जाता है।
अब ज़रा सोचो कि मेरी 44 साल की उम्र में लोग ऐसे कमैंट्स पास करते हैं तो जब मैं 20 / 30 की थी तो क्या क्या करते होंगे?
.
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
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Awesome
Keep it up
Waiting for update
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मैंने तौलिया लिया और बाथरूम का दरवाजा खोल दिया।
उसे मैंने एकदम नंगा देख लिया, उसका लटकता हुआ लण्ड देख लिया, लण्ड का सुपारा देख लिया।
मेरे मन में आया कि जब अभी इतना बड़ा लण्ड है तो खड़ा होकर तो और बड़ा हो जाएगा।
ऐसा ही हनीफ का भी लण्ड होगा।
वह नहा धोकर नाश्ता करके चला गया.
तभी अचानक हनीफ आ गया।
उस समय मैं एक तंग ब्रा पहने थी और नीचे एक पजामा।
मेरी बड़ी बड़ी चूचियाँ बाहर निकलने के लिए बेताब हो रही थीं।
हनीफ बड़े गौर से मेरे मम्मे देखने लगा।
आज मैं उसे बुरी नियत से देखने लगी, ललचाई नज़रों से देखने लगी।
मेरा मन हुआ कि मैं इसे अभी नंगा करके इसका लण्ड पकड़ लूँ?
मैंने पूछा- बेटा हनीफ़, तेरा दोस्त आदिल कहाँ गया होगा?
वह बोला- वह मेरी अम्मी के पास गया होगा आंटी। मेरी अम्मी उसे बहुत चाहती है। आदिल की बड़ी तारीफ़ करतीं हैं मेरी अम्मी जान!
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इसी बीच मैंने अपनी ब्रा खोल दी तो मेरी चूचियाँ हनीफ के आगे एकदम नंगी हो गईं।
मैं लण्ड मुंह में डाल कर चूसने लगी।
मुझे लण्ड चूसने का पूरा मज़ा आने लगा।
मैंने कहा- हनीफ, आज से तू मेरा नया यार है। मैं तेरे लण्ड की दीवानी हो गई हूँ।
वह भी मूड में आ गया और मेरे मम्मे मसलने लगा, बोला- आंटी, तेरे मम्मे बहुत बड़े बड़े हैं। मैं इनके बीच में लण्ड पेल दूँ अपना?
मैंने कहा- हां बिल्कुल पेल ड़े लण्ड। खूब मस्ती से चोद मेरे मम्मे!
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इसी बीच मैंने अपनी ब्रा खोल दी तो मेरी चूचियाँ हनीफ के आगे एकदम नंगी हो गईं।
मैं लण्ड मुंह में डाल कर चूसने लगी।
मुझे लण्ड चूसने का पूरा मज़ा आने लगा।
मैंने कहा- हनीफ, आज से तू मेरा नया यार है। मैं तेरे लण्ड की दीवानी हो गई हूँ।
वह भी मूड में आ गया और मेरे मम्मे मसलने लगा, बोला- आंटी, तेरे मम्मे बहुत बड़े बड़े हैं। मैं इनके बीच में लण्ड पेल दूँ अपना?
मैंने कहा- हां बिल्कुल पेल ड़े लण्ड। खूब मस्ती से चोद मेरे मम्मे!
मैं नंगी सोफा पर बैठ गयी और उसने खड़े होकर लण्ड मेरी दोनों चूचियों के बीच में घुसेड़ दिया।
मैंने भी अपने दोनों हाथों से बूब्स दबाकर लण्ड के लिए सुरंग बना दी।
फिर क्या … वह बार बार इसी सुरंग में लंड पेलने लगा और मैं हर बार उसका सुपारा चाटने लगी।
मुझे अपने बूब्स चुदवाने का पूरा मज़ा मिलने लगा।
मैं बहुत खुश थी क्योंकि मैं जो चाहती थी, वही हो रहा था।
कुछ देर में ही वह झड़ गया.
और तब मैंने पहली बार उसका झड़ता हुआ लण्ड चाटा तो उसे बहुत अच्छा लगा।
मैंने कहा- यार, तेरा लण्ड बड़ा स्वादिष्ट है हनीफ! अब अगली बार आना तो पेलना मेरी चूत में लण्ड और चोदना अपने दोस्त की माँ का भोसड़ा!
वह चला गया और मैं चुदाई का प्लान बनाने लगी।
फिर मैंने हनीफ की अम्मी सकीरा से बात की और दोपहर में उसके घर पहुँच गयी।
सकीरा मेरी पुरानी सहेली है।
उसने मुझे बड़े प्यार और अदब से बैठाया।
फिर हम दोनों बातें करने लगीं।
बातों बातों वह बोली- यार सबीना, तेरे बेटे आदिल का लण्ड तो बहुत बड़ा है.
मैंने पूछा- तूने क्या पकड़ कर देखा है उसका लण्ड?
उसने कहा- हां पकड़ कर देखा है, तभी तो बता रही हूँ।
!
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मैंने पूछा- तूने क्या पकड़ कर देखा है उसका लण्ड?
उसने कहा- हां पकड़ कर देखा है, तभी तो बता रही हूँ।
वह बताने लगी:
हुआ यह कि उस दिन पानी बरस रहा था।
जब वह मेरे घर आया तो बिल्कुल भीगा हुआ था।
मैंने कहा- बेटा अपना पजामा खोल डालो और लुंगी पहन लो.
जैसे ही उसने पजामा खोला और अपने दोनों हाथों से लुंगी पकड़ी वैसे ही मैंने उसका नंगा लटकता हुआ लण्ड देख लिया।
लण्ड के टोपा पर नज़र पड़ी तो मेरे बदन में आग लग गयी।
टोपा बड़ा खूबसूरत था।
मैंने फ़ौरन एक हाथ से उसकी लुंगी छीन ली और दूसरे हाथ से उसका लण्ड पकड़ लिया।
मेरे मुंह से निकला- हायल्ला इतना बड़ा लण्ड? इतना मोटा लण्ड? इतना शानदार लण्ड? तेरा लण्ड तो एक 40 / 45 साल के आदमी के लण्ड जैसा है बेटा आदिल! बड़ा मस्त भोसड़ा चोदने वाला है तेरा लण्ड.
बस मैंने लण्ड का सुपारा बड़े प्यार से चाटा और फिर पूरा लण्ड मुंह में घुसेड़ कर चूसने लगी।
मैं लण्ड तब तक चूसती रही जब तक कि वह मेरे मुंह में झड़ नहीं गया।
वह आगे बोली- तेरे बेटे का झड़ता हुआ लण्ड बड़ा टेस्टी है यार सबीना!
मैंने कहा- यार क्या इत्तिफाक है! कल मैंने भी तेरे बेटे हनीफ का लण्ड चूसा और वह भी मुझे बड़ा टेस्टी लगा। वह भी मेरे मुंह में झड़ गया था। एक बात है कि न तेरा बेटा मुझे चोद पाया और न मेरा बेटा तुझे चोद पाया।
वह बोली- यार सबीना, ऐसा कुछ करो कि मेरा बेटा मेरे सामने तुझे चोदे और तेरा बेटा तेरे सामने मुझे चोदे। हम दोनों एक ही बेड पर एक दूसरे के बेटे से चुदवाकर कर मज़ा लें।
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मैंने कहा- हां यार, यही मैं भी सोंच रही हूँ। तो फिर आज रात को 9 बजे तुम अपने बेटे के साथ मेरे घर आ जाना। मैं इतना जानती हूँ कि तेरा बेटा मुझसे चोदना चाहता है।
वह बोली- और तेरा बेटा मुझे चोदना चाहता है। तो फिर दोनों की चाहत पूरी कर दी जाए क्योंकि हम दोनों एक दूसरे के बेटे के लण्ड को बेहद पसंद करती हैं। वैसे भी हम दोनों बड़ी बेशरम चुदक्कड़ औरतें हैं।
वह बड़े प्यार से मजाक करती हुई बोली- तब तो मेरा बेटा चोदेगा तेरे बेटे की माँ का भोसड़ा, सबीना!
मैंने भी मस्ती से जबाब दिया- मेरा भी बेटा चोदेगा तेरे बेटे की माँ की चूत सकीरा! तब आएगा असली मज़ा!
फिर हम दोनों खिलखिलाकर हंसने लगीं।
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रात को सही समय पर सकीरा अपने बेटे हनीफ के साथ आ गयी।
मैंने हनीफ को देखा तो मेरे बदन में सुरसुरी होने लगी।
उसने भी मेरे बेटे आदिल को हसरत भरी निगाहों से देखा तो उसकी भी चूत गर्म हो गई।
हम चारों लोग एक दूसरे से अच्छी तरह परिचित थे।
इसलिए किसी को कोई न शर्म थी और न किसी तरह का डर.
हम सब खुल कर बातें करने लगे।
बेटों के आगे गन्दी गन्दी बातें करने लगे तो उनको भी मज़ा आने लगा.
सकीरा और मैंने गाउन पहना था नीचे हम दोनों भोसड़ी वाली नंगी थीं।
लड़कों ने कुर्ता और पजामा पहन रखा था।
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उधर सकीरा भी मेरे बेटे का लण्ड अंदर ही अंदर सहला रही थी।
मैंने थोड़ी बेशर्मी दिखाई और अपना गाउन खोल डाला.
मैं सबके आगे नंगी हो गयी।
सकीरा भी चूत चोदी नंगी हो गयी।
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उसने जब गच्च से लण्ड घुसेड़ा मेरी चूत में … तो मुझे ज़न्नत का मज़ा आया.
फिर मैं बिंदास एक रंडी की तरह अपने बेटे के सामने सकीरा के बेटे से चुदवाने लगी।
मेरा बेटा आदिल मेरी चूत चुदती हुई चूत बड़े गौर से देखने लगा।
फिर उसे भी ताव आ गया तो उसने अपना लण्ड हनीफ़ की माँ सकीरा चूत में भक्क से घुसा दिया।
मेरा बेटा मेरे सामने हनीफ़ की माँ चोदने लगा।
वह जिस तरह से चोद रहा था उससे मुझे लगा कि मेरा बेटा कई चूत पहले ही चोद चुका है। उसे चूत चोदने का तज़ुर्बा है।
मेरे बेटे का लण्ड फूलता जा रहा था।
इधर मेरे मुंह से निकला- बेटा हनीफ़, तुम भी अच्छी तरह चोद रहे हो मेरी चूत! मुझे खूब चोदो। मुझे मेरे बेटे के सामने खूब घपाघप चोदो, फाड़ डालो मेरा भोसड़ा, मुझे बड़ा अच्छा लग रहा है। आज मुझे कोई मस्त चोदने वाला बहुत दिनों के बाद मिला है। पूरा लौड़ा घुसेड़ दो अंदर। तुम मुझे हर रोज़ चोदा करो।
उधर सकीरा भी जोश में बोल रही थी- बेटा आदिल, तेरा लण्ड मुझे बड़ा मज़ा दे रहा है। तुम अपनी माँ के सामने मुझे बिंदास चोदो। चीर डालो मेरा भोसड़ा। धज्जियाँ उड़ा दो मेरी चूत की। तेरे लण्ड में बड़ी ताकत है। तेरा मरदाना लण्ड मेरी चूत में छक्के छुड़ा देगा। हाय रब्बा … बड़ा मज़ा आ रहा है हूँ ओ हो हां ऊँ ऊँ ओ … हाय रे तूने मुझे पहले क्यों नहीं चोदा? भोसड़ी के आदिल तेरा लण्ड बड़ा प्यारा है यार! अच्छा बता तूने कितनी चूत में अपना लण्ड पेला है?
वह बोला- कॉलेज की एक लड़की की चूत में पेला और अपनी फूफी का भोसड़ा भी चोदा है मैंने! एक दिन फूफी ने मुझसे अपनी बेटी की चूत भी चुदवाई थी।
आदिल के मुंह से यह सुनकर मेरी चूत की आग और ज्यादा भड़क गयी।
मैंने कहा- हायल्ला, मेरी ननद चूत चोदी मेरे बेटे से चुदवाती है और अपनी बिटिया की चूत में भी लण्ड पेलवाती है। सब लोग मेरे बेटे के लण्ड का मज़ा लूटती हैं तो फिर मैं भी अपने बेटे के लण्ड का मज़ा क्यों न लूँ? अपने बेटे का लण्ड अपनी चूत में क्यों न पेलूं? मैं तो पेलूँगी। मैं झांट किसी की परवाह नहीं करती!
ऐसा सोचते ही मेरी चूत खलास हो गई।
उधर मेरे बेटे ने भी सकीरा की चूत का पानी निकाल लिया।
उसकी भी चूत ढीली हो गयी।
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फिर मैं उसके बेटे हनीफ का झड़ता हुआ लण्ड चाटने लगी और वह मेरे बेटे आदिल का झड़ता हुआ लण्ड चाटने लगी।
उसके बाद फिर हम दोनों बाथ रूम गईं.
वहां सकीरा बोली- सबीना, तेरे बेटे का लण्ड बड़ा सॉलिड है यार … उसने मेरी चूत फाड़ दी।
मैंने कहा- तेरे के बेटे के लण्ड ने मेरी भी चूत फाड़ दी।
वह बोली- अब तो मैं अपने बेटे का लण्ड पेलूँगी अपनी चूत में!
मैंने कहा- यार तूने मेरे मन की बात कह दी। मैं भी अपने बेटे का लण्ड अपनी चूत में पेलूँगी। यार इतना बढ़िया लण्ड मैं कैसे छोड़ सकती हूँ। मैं तो अपने बेटे से चुदवाऊंगी।
इस तरह हम दोनों ने एक ही बेड पर अपने अपने बेटे से चुदवाने का मन बना लिया।
मैं जब बाथरूम से आई तो देखा कि मेरे बेटे आदिल का लण्ड खड़ा है तो मैंने उसे लपक कर पकड़ लिया।
सकीरा ने भी अपने बेटे का लण्ड पकड़ लिया और बोली- बेटा हनीफ, अब तुम मेरी चूत में अपना लण्ड पेल कर चोदो मुझे! अब मैं अपने बेटे के लण्ड का मज़ा लूंगी।
उधर मैंने तो गप्प से पेलवा लिया अपने बेटे आदिल का लण्ड अपनी चूत में!
मैं भकाभक चुदवाने लगी।
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