27-06-2026, 01:31 PM
हा तो भाई लोगों, क्या हाल चाल, आप सब की शानदार सच्ची कहानिया पढ़ पढ़ कर आखिर आज मैंने भी आप सब के साथ अपने जीवन के शानदार अनुभव शेयर करने की सोची, यह मैरा पहला प्रयास हे, लेकिन उम्मीद हे आप लोग निराश नहीं होने।
तो सबसे पहले मै अपने और अपने परिवार के बारे मे बताता चलू, मै अश्विन अभी उम्र कोई 40 साल, कहने को तो अधेड़ अवस्था, लेकिन मन से सचमुच सदा जवान, कमीनात मैरे अंदर कूट कूट कर भरी हुई हे, लेकिन उसके बारे मे मुझसे ज्यादा कोई नहीं समझ सकता, बाकी दुनिया के लिए मै बहुत ही हेल्पफुल हूँ, सबकी मदद करना , महिलाओ की इज्जत करना, मतलब अपनी बाहरी छवि एक नंबर के शरीफ इंसान की हे, अब आगे, मैरी पत्नी निशा, उम्र 37 मै उसे प्यार से नीलू कहता हूँ, मुझ पर अंधा विश्वास करती हे, मैरी कही हर बात मानती हे ।
आज जीवन जितना सुलझा हुवा हे उतना शुरू से नहीं था, शादी के बाद सब सही चल रहा था, तीन साल बाद नीलू प्रेग्नन्ट हुई, मन मे बड़े अरमान जागे, लेकिन ना जाने किस की नजर लग गई, प्रेग्नन्सी के सातवे महीने मे नीलू के साथ अचनाक कुछ समस्या उत्पन्न हुई, शहर के सबसे बड़े डॉक्टर को दिखाया, पता चला की उसकी बचचेदानी के मुंह के वहा कोई समस्या हे, शुरू मे लगा सब सामान्य होगा, लेकिन बाद मे पता चला की कोई ट्यूब जिससे बच्चा बाहर आता हे, उसमे इन्फेक्शन के कारण सडाव हो गया हे, और आगे कही वह कैंसर के रूप मे ना बढ़ जावे, डॉक्टर ने सावधानी के लिए उसकी बच्चेदानी ही निकाल दी, इस सब मे हमारा बच्चा भी नहीं बचा, और भविष्य मे खुद का बच्चा होने की उम्मीद भी पूरी तरह खत्म हो गई ।
शुरू मे तीन साल नीलू बड़ी अप्सेट रही, लेकिन मैंने उसे कैसे भी समझाया, की यदि हमारी किस्मत मे बच्चा नहीं होगा तो हो भी जाता तो शायद हमे उसका सुख नहीं मिलता, खेर धीरे धीरे सब सामान्य हो गया, इस बिच जीवन आगे बढ़ता रहा, करोना के समय, मतलब आज से छह साल के लगभग पहले, जीवन मे सब सामान्य था, मै it हार्डवेयर लाइन का बंदा हूँ, लेकिन करोना मे नोकरी छोड़ कर खुद का फ्रीलैन्सर बिजनस शुरू कर दिया हे, और आज भगवान की दया से बहुत अच्छा बिजनस चल रहा हे, मै घर से ही ऑनलाइन ऑर्डर लेकर अपनी एक टीम द्वारा लोगों के घरों, ऑफिस और बिल्डिंग्स मे कमेरे वाईफाई, हिडन कैमरा आदि लगवाता हूँ, खुद उन सबका एक्सपर्ट हूँ, मैरे द्वारा लगाए हिडन कैमरा और माइक कोई ढूंढ नहीं सकता, इतना तो पकका हे । और आज तक मैंने जीतने हिडन कमेरे लगाए हे, उंन सभी का एक इक्सेस मैरे पास हमेशा रहता हे, जिसके बारे मे उस कस्टमर को कभी पता नहीं चलता, मै जब चाहे किसी भी कैमरा को ट्रैक कर सकता हूँ ।
हम दोनों हज़्बन्ड वाइफ बहुत फ़्रेंडली और हेल्पफुल हे, इधर मैरी बीबी बड़ी बिंदास हे, बच्चे नहीं होने का दुख अब नहीं रहा था उसे, उसने इस सब को अपनी नियति मान लिया था । अब हम अपने घर बाहर बहुत खुल कर सेक्स का मज़ा लेते थे, उसका गर्भाशय ना होने के कारण ना तो वह पिरियड्स से होती थी ना बच्चा ठहरने का कोई डर था, हम दोनों का शुक्र गृह बहुत बलवान था, इसलिए हम सेक्स से पीड़ित थे, बहुत मजे करते, मेरी पत्नी ने मुझे हमारी शादी के कुछ साल बाद ही बताया था की, शादी से पहले वह उसकी एक लेडिज फ्रेंड के साथ मस्ती करती थी, वो दोनो होमोसेक्शवल थी, क्योंकि हमारी शादी से पहले उसे सेक्स का कोई अनुभव नहीं था तो वो उसी मे संतुषट थी, लेकिन जब उसे पति पत्नी के संबंध से जो मज़ा मिला, उसके आगे अपनी सहेली की उंगली फालतु लगी, उन दिनों से उसकी एक खवाहिश थी की वो एक आधी बार अपने पति के साथ थ्रीसम करेगी, मतलब दो लेडिज एक जेन्ट्स, और मै उसे अभी तक छेड़ता रहता हूँ की चल बुला तेरी कोई सहेली या किसी महिला रिश्तेदार को, तुम दोनों के जाले साफ कर दूंगा। मै उससे मज़ाक मे कहता की यदि तु मुझे किसि और का मज़ा दिलवा दे तो मै भी तुझे किसि दूसरे लंड का स्वाद चखने दूंगा, लेकिन मैरे ऐसे बोलते ही मुझे मारने दोड़ती और नाराज हो जाती ।
मैरी बीबी का फिगर कुछ खास नहीं था, उसके बूब्स 32 के थे और गाँड 30 की दुबली पतली थी, मुझे उसके छोटे छोटे बूब्स मे मज़ा नहीं आता था, मेरी पसंद थी भारी कसे कसे कडक बूब्स और हिप्स, जो की मैरी किस्मत मे नहीं थे, यह बात मेरी वाइफ को अच्छी तरह से मालूम थी, एसलिए यदि हमारे कोई भी परिवार या मिलने जुलने वाली महिला मिलती जिसके स्तन और गाँड के उभार भारी या बड़े होते तो मैरी बीबी मुझे बोलती लो सेक लो अपनी आंखे, अच्छे से ताड़ लो लेकिन खालि मैरे मे ही होना बस। हम दोनों जब भी यानि लगभग रोज ही सेक्स करते, तो मैरी वाइफ को रोज कुछ अलग चाहिए होता, वह कभी नर्स बनती या टीचर, कभी काम वाली तो कभी डॉक्टर, और उसी की तरह बात करते हुवे सेक्स करती, इसमें उसे ज्यादा मज़ा आता, कई बार उसकी बहनों भाभियों और यहा तक की मैरे भी महिला रिश्तेदारो के नाम से चुदवाती । कहती आशु भैया हमको चोद दो, जियाजी मुझे चोद दो, इसमें हम दोनो को खूब मज़ा आता था ।
मै बाते चाहे जितनी कर लूँ, लेकिन घर के बाहर यानि अपनी पत्नी के अलावा कभी बाहर मुंह नहीं मारा था, लेकिन मैरे बिजनस के कारण मतलब मैरे हिडन केमरो की वजह से जमाने के रियल फुटेज मेरे पास रोज आते थे, कई सेकड़ों रियल महिलाओ लड़कियों, पति पत्नी को सेक्स करते मे देख सकता था, क्योंकि क्यों लोगों ने हमसे अपने घर मे हिडन केमरे लगवा रखे थे।
करोना के थोड़ा पहले ही हमने एक आधे घर को खरीदा था, जमीन के मकान के दोनों भाग बराबर बने थे, मतलब इक समान आधे भाग मे वह रहते थे, आधे मे हम । उनके घर मे उनकी पत्नी के अलावा एक बेटी थी, जो की तब * साल की होगी, उनकी वाइफ बड़ी मस्त थी, सावली थी लेकिन उसके आकर्षक नैन नक्श थे, 36 के बूब्स 38 की गाँड होगी, मस्त माल थी।
जब हम यहा रहने आए तभी से मैरी पत्नी और उनकी पत्नी की अच्छी बातचीत हो गई, हम दोनों के घर के पिछवाड़े एक समान ओपन स्पेस यानि वाश एरिया था, जो की बिच से लोहे की जाली से बटा हुवा था, दोनों महिलाये वही दिन भर बातचित करती रहती, थोड़ा जोर से बोलती तो किचन से भी काम करते करते बातचित हो जाया करती थी, भाभी जी तो कभी कभार ही हमारे घर आती थी, लेकिन उनकी छोटी बच्ची हमारे घर दिन भर आती जाती रहती थी ।
तो सबसे पहले मै अपने और अपने परिवार के बारे मे बताता चलू, मै अश्विन अभी उम्र कोई 40 साल, कहने को तो अधेड़ अवस्था, लेकिन मन से सचमुच सदा जवान, कमीनात मैरे अंदर कूट कूट कर भरी हुई हे, लेकिन उसके बारे मे मुझसे ज्यादा कोई नहीं समझ सकता, बाकी दुनिया के लिए मै बहुत ही हेल्पफुल हूँ, सबकी मदद करना , महिलाओ की इज्जत करना, मतलब अपनी बाहरी छवि एक नंबर के शरीफ इंसान की हे, अब आगे, मैरी पत्नी निशा, उम्र 37 मै उसे प्यार से नीलू कहता हूँ, मुझ पर अंधा विश्वास करती हे, मैरी कही हर बात मानती हे ।
आज जीवन जितना सुलझा हुवा हे उतना शुरू से नहीं था, शादी के बाद सब सही चल रहा था, तीन साल बाद नीलू प्रेग्नन्ट हुई, मन मे बड़े अरमान जागे, लेकिन ना जाने किस की नजर लग गई, प्रेग्नन्सी के सातवे महीने मे नीलू के साथ अचनाक कुछ समस्या उत्पन्न हुई, शहर के सबसे बड़े डॉक्टर को दिखाया, पता चला की उसकी बचचेदानी के मुंह के वहा कोई समस्या हे, शुरू मे लगा सब सामान्य होगा, लेकिन बाद मे पता चला की कोई ट्यूब जिससे बच्चा बाहर आता हे, उसमे इन्फेक्शन के कारण सडाव हो गया हे, और आगे कही वह कैंसर के रूप मे ना बढ़ जावे, डॉक्टर ने सावधानी के लिए उसकी बच्चेदानी ही निकाल दी, इस सब मे हमारा बच्चा भी नहीं बचा, और भविष्य मे खुद का बच्चा होने की उम्मीद भी पूरी तरह खत्म हो गई ।
शुरू मे तीन साल नीलू बड़ी अप्सेट रही, लेकिन मैंने उसे कैसे भी समझाया, की यदि हमारी किस्मत मे बच्चा नहीं होगा तो हो भी जाता तो शायद हमे उसका सुख नहीं मिलता, खेर धीरे धीरे सब सामान्य हो गया, इस बिच जीवन आगे बढ़ता रहा, करोना के समय, मतलब आज से छह साल के लगभग पहले, जीवन मे सब सामान्य था, मै it हार्डवेयर लाइन का बंदा हूँ, लेकिन करोना मे नोकरी छोड़ कर खुद का फ्रीलैन्सर बिजनस शुरू कर दिया हे, और आज भगवान की दया से बहुत अच्छा बिजनस चल रहा हे, मै घर से ही ऑनलाइन ऑर्डर लेकर अपनी एक टीम द्वारा लोगों के घरों, ऑफिस और बिल्डिंग्स मे कमेरे वाईफाई, हिडन कैमरा आदि लगवाता हूँ, खुद उन सबका एक्सपर्ट हूँ, मैरे द्वारा लगाए हिडन कैमरा और माइक कोई ढूंढ नहीं सकता, इतना तो पकका हे । और आज तक मैंने जीतने हिडन कमेरे लगाए हे, उंन सभी का एक इक्सेस मैरे पास हमेशा रहता हे, जिसके बारे मे उस कस्टमर को कभी पता नहीं चलता, मै जब चाहे किसी भी कैमरा को ट्रैक कर सकता हूँ ।
हम दोनों हज़्बन्ड वाइफ बहुत फ़्रेंडली और हेल्पफुल हे, इधर मैरी बीबी बड़ी बिंदास हे, बच्चे नहीं होने का दुख अब नहीं रहा था उसे, उसने इस सब को अपनी नियति मान लिया था । अब हम अपने घर बाहर बहुत खुल कर सेक्स का मज़ा लेते थे, उसका गर्भाशय ना होने के कारण ना तो वह पिरियड्स से होती थी ना बच्चा ठहरने का कोई डर था, हम दोनों का शुक्र गृह बहुत बलवान था, इसलिए हम सेक्स से पीड़ित थे, बहुत मजे करते, मेरी पत्नी ने मुझे हमारी शादी के कुछ साल बाद ही बताया था की, शादी से पहले वह उसकी एक लेडिज फ्रेंड के साथ मस्ती करती थी, वो दोनो होमोसेक्शवल थी, क्योंकि हमारी शादी से पहले उसे सेक्स का कोई अनुभव नहीं था तो वो उसी मे संतुषट थी, लेकिन जब उसे पति पत्नी के संबंध से जो मज़ा मिला, उसके आगे अपनी सहेली की उंगली फालतु लगी, उन दिनों से उसकी एक खवाहिश थी की वो एक आधी बार अपने पति के साथ थ्रीसम करेगी, मतलब दो लेडिज एक जेन्ट्स, और मै उसे अभी तक छेड़ता रहता हूँ की चल बुला तेरी कोई सहेली या किसी महिला रिश्तेदार को, तुम दोनों के जाले साफ कर दूंगा। मै उससे मज़ाक मे कहता की यदि तु मुझे किसि और का मज़ा दिलवा दे तो मै भी तुझे किसि दूसरे लंड का स्वाद चखने दूंगा, लेकिन मैरे ऐसे बोलते ही मुझे मारने दोड़ती और नाराज हो जाती ।
मैरी बीबी का फिगर कुछ खास नहीं था, उसके बूब्स 32 के थे और गाँड 30 की दुबली पतली थी, मुझे उसके छोटे छोटे बूब्स मे मज़ा नहीं आता था, मेरी पसंद थी भारी कसे कसे कडक बूब्स और हिप्स, जो की मैरी किस्मत मे नहीं थे, यह बात मेरी वाइफ को अच्छी तरह से मालूम थी, एसलिए यदि हमारे कोई भी परिवार या मिलने जुलने वाली महिला मिलती जिसके स्तन और गाँड के उभार भारी या बड़े होते तो मैरी बीबी मुझे बोलती लो सेक लो अपनी आंखे, अच्छे से ताड़ लो लेकिन खालि मैरे मे ही होना बस। हम दोनों जब भी यानि लगभग रोज ही सेक्स करते, तो मैरी वाइफ को रोज कुछ अलग चाहिए होता, वह कभी नर्स बनती या टीचर, कभी काम वाली तो कभी डॉक्टर, और उसी की तरह बात करते हुवे सेक्स करती, इसमें उसे ज्यादा मज़ा आता, कई बार उसकी बहनों भाभियों और यहा तक की मैरे भी महिला रिश्तेदारो के नाम से चुदवाती । कहती आशु भैया हमको चोद दो, जियाजी मुझे चोद दो, इसमें हम दोनो को खूब मज़ा आता था ।
मै बाते चाहे जितनी कर लूँ, लेकिन घर के बाहर यानि अपनी पत्नी के अलावा कभी बाहर मुंह नहीं मारा था, लेकिन मैरे बिजनस के कारण मतलब मैरे हिडन केमरो की वजह से जमाने के रियल फुटेज मेरे पास रोज आते थे, कई सेकड़ों रियल महिलाओ लड़कियों, पति पत्नी को सेक्स करते मे देख सकता था, क्योंकि क्यों लोगों ने हमसे अपने घर मे हिडन केमरे लगवा रखे थे।
करोना के थोड़ा पहले ही हमने एक आधे घर को खरीदा था, जमीन के मकान के दोनों भाग बराबर बने थे, मतलब इक समान आधे भाग मे वह रहते थे, आधे मे हम । उनके घर मे उनकी पत्नी के अलावा एक बेटी थी, जो की तब * साल की होगी, उनकी वाइफ बड़ी मस्त थी, सावली थी लेकिन उसके आकर्षक नैन नक्श थे, 36 के बूब्स 38 की गाँड होगी, मस्त माल थी।
जब हम यहा रहने आए तभी से मैरी पत्नी और उनकी पत्नी की अच्छी बातचीत हो गई, हम दोनों के घर के पिछवाड़े एक समान ओपन स्पेस यानि वाश एरिया था, जो की बिच से लोहे की जाली से बटा हुवा था, दोनों महिलाये वही दिन भर बातचित करती रहती, थोड़ा जोर से बोलती तो किचन से भी काम करते करते बातचित हो जाया करती थी, भाभी जी तो कभी कभार ही हमारे घर आती थी, लेकिन उनकी छोटी बच्ची हमारे घर दिन भर आती जाती रहती थी ।
