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“प्यार का झरना -2”
अब आगे………………
मेने नाश्ता ख़तम किया और वो पानी का गिलास ले कर मुझे देने ही जा रही थी की उसका हाथ मेरे हाथ से टकरा गया और पानी टेबल पर गिर कर सीधा मेरे पेंट के ऊपर से मेरे लंड को नहला दिया
वो तुरंत नेपकिन लेकर मेरे पेंट के ऊपर का पानी साफ़ करने लगी काजल का हाथ पेंट पर महसूस होते ही मेरा लंड ताव मे आ गया और उसके विकराल रूप मे आने लगा. काजल नै मेरे लंड को महसूस होते ही उसने हाथ हटा दिया और शर्मा कर दूसरी और भाग गई. में बहार आया तो वो मेरी आंख मै आंख नहीं मिला पा रही थी
मेरा साला और ससुरजी टिफिन लेकर फैक्ट्री के लिये निकल गये थे और दोनो माँ बेटी और काजल बेठ कर गप्पे मार रहे थे और में एकेला बैठा बैठा बोर हो कर टीवी देखने लगा.
दोपहर का खाना खा कर काजल और दोनों माँ बेटी नै बाजार मे जाकर शॉपिंग का प्लान बनाया पर काजल - मुझे तो कुछ लेना नहीं हे इसलिये आप दोनों ही चले जाओ
मेरी वाइफ और सासुजी बाजार जाने निकल गई. में और काजल टीवी देख रहे थे. थोड़ी देर बाद काजल उठी और बाहर से सूखे कपडे लेकर आए और मुस्कुराकर ऊपर चली गई.
मेरी आंख कब लग गई पता भी नहीं चला जब नींद खुली तो देखा की आधे घंटे से जयादा हो गया पर काजल अभी भी नीचे नहीं आई तो मेने ऊपर जाकर देखनै का सोचा.
में चुपचाप सीढ़ियों से ऊपर जाने लगा देखा तो रूम का दरवाजा थोड़ा खुला हुवा था मेने सोचा काजल सो गई होगी पर नजदीक जाकर देखा तो वो मोबाइल मे कुछ देख रही थी दूसरा हाथ उसकी लेंगिस के ऊपर था.
मेने थोड़ी देर रुक कर देखा तो उसकी आंखे बंद हो रही थी पर अभी भी वो मोबाइल मे कुछ देख रही थी. रूम का दरवाज़ा थोड़ा खोल कर मे सीधा उसके सामने खड़ा हो गया उसकी आंखे अभी भी बंद थी थोड़ी देर रुक कर मे काजल के नजदीक गया और मोबाइल मे देखने लगा तो कल रात मेरी जानू ने जो फोटो खींची थी वही दिख रही थी.
मेरे मुँह से एक कातिल मुस्कान निकल गई और मोबाइल उसके हाथ से ले लिया. मोबाइल हाथ में से जाते ही उसका ध्यान भंग हुवा. काजल बोल रही थी मोबाइल देने के लिये पर में उसको नहीं दे रहा था उसी खींचातानी मे वो मेरे ऊपर गिर गई और मेरे सामने उसका चेहरा आ गया.
में तो मोबाइल में उसके फोटो देखनै में ही व्यस्त था एक बार फिर उसने मोबाइल खींचने की कोशिश की पर नाकामयाब रही.
मेरे मुँह मे से निकल गया "क्या मस्त फिगर है" और वो शर्मा कर भागने लगी पर मेने उसका हाथ पकड़ लिया और वो वापस मेरे ऊपर आगई हम दोनों मेसै कोई कुछ नहीं बोल रहा था. बस एकदूसरे को देख रहे थे. थोड़ी देर बाद मेने मेरे होठ काजल के होठ के ऊपर लगा दिये और उसके होठो का रस पीने लगा
अब मुझसे बर्दास्त नहीं हो रहा था मेने काजल को मेरी बाहो मे भर लिया और उसकी नरम होठो को चूसने लगा. हमे किश करते हुई अभी दस मिनट से ज्यादा हो गया था पर काजल अभी भी मुझसे छूटने की कोशिश कर रही थी
धीरे धीरे काजल का विरोध भी काफी हद तक कम हो गया था. अब मेने आगे बढ़ने की सोची और फिर मेरा एक हाथ उसकी एक चूची पर रख दिया और धीरे धीरे उसकी चूची को सलवार के ऊपर से ही दबाने लगा.
मुझे काजल की गरम सांसे महसूस हो रही थी वो अब मेरा विरोध भी नहीं कर रही थी. थोड़ी देर बाद मेने काजल को साइड मे लिटा दिया. मेने उसकी कुर्ती के आगे के दो बटन खोल दिये और काजल के सिने पर मेरा हाथ फिराने लगा.
मे काजल के गले को चूम रहा था तो कभी उसके कान को चुम रहा था वो बार बार मना कर रही थी पर मे कहा रुकनेवाला था धीरे धीरे करके कुर्ती के बाकी बचे बटन भी खोल दिए अब मुझे काजल की ब्रा साफ़ दिख रही थी.
काजल ने अभी मेने जो ब्रा और पेंटी लाए थी वही पहनी हुई थी ये देख कर मेरा लंड भी फड़फड़ाने लगा और मेरी पेंट फाड्कर बहार आने के लिए मचलने लगा. काजल की दोनों चूची अभी भी ब्रा के अंदर थी, मेने उसकी कुर्ती का कोलर को साइड मे किया और दोनों चूची को ब्रा समेत बहार निकाल दिया. में उसकी चूची देख कर इतना ही बोल पाया "वूऊऊ क्या मस्त चूची है लगता है उपरवाले ने बहोत प्यार से इसे बनाया है"
इतना सुनते ही काजल की आंख शर्म से बंध हो गई और फिर वो बोली प्लीज ननदोईजी छोड़ दो मुझे. कोई देख लेगा तो बहोत बदनामी होगी हमारी पर में तो बेशर्मो की तरह काजल को देखता ही रहा.
मेने काजल को पूछा कैसी लगी मेरी चॉइस... वो शर्मा कर आँख बंध करके बोली आप बड़े बेशर्म हो मेरे वापस पूछने पर जवाब दिया आप अपनी मैडम से ही पूछ लेना.
मे बेशरम बनते हुई वापस बोला, मेरी लाए ब्रा तेरी ननद ने थोड़ी पहनी हे की मे उसे पुछू. जिसने पहनी हे उसी से ही पूछुंगा ना. इतना बोलकर में उसकी दोनों चूची के बीच की जगह पर चूमने लगा और वो वापस मना करने लगी पर इस बार मे चूमते चूमते एक हाथ से काजल की चूची को भी दबाने लगा और दूसरे हाथ से उसकी कमर को सहला रहा था.
काजल अभी भी मेरा साथ नहीं दे रही थी मेने वापस उसको पूछा मुझे जब तक जवाब नहीं मिले गा में ऐसे ही तुमको परेशांन करुगा तो फाइनली उसने जवाब दिया काश मेरा पति भी कभी मेरे लिये ऐसी ब्रा और पेंटी लाता. मेने बोला ऐसे नहीं तुमको खुलकर बताना पड़ेगा तो फिर उसने जवाब दिया की "आप का चॉइस एकदम परफेक्ट है आप की लाए ब्रा पेंटी पहननै के बाद में कल से कितनी बार आईने में देख कर अपने आप को एक मॉडल जैसा महसूस कर रही हु"
इतना बोल कर वो अपनी आंखे बंध कर लेती है मेरे लिये यही काफी था में वापस काजल के होठ चूस नै लगता हु. इस बार वो मेरा साथ दे रही थी और वो भी मुझे लीप किश कर रही थी
मेने एक हाथ लेजाकर उसकी एक चूची पर रख दिया और धीरे धीरे दबाने लगा. थोड़ी देर मे मुझे काजल की गरम सांसे महसूस हुई. अब मे निचे की साइड मे बढ़ने लगा. में काजल की गर्दन पर किश करा रहा था साथ में मेरा एक हाथ अब उसकी ब्रा के अंदर था और घुंडी को हाथ में लेकर मसल रहा था.
जैसे ही मेने काजल की घुंडी को मसला उसके मुँह मेसै मादक सिसकारी निकल... अह्ह्ह... शी... अह्ह्ह....
अब मेने देर न करते हुई उसकी एक चूची ब्रा मेंसे बहार निकाली. काजल की दोनों चूची एक छोटे हिमालय पर्वत की तरह लग रही थी... एकदम सुन्दर और भरी हुई.... दोनों चूची के ऊपर काले रंग की घुंडी... एकदम क़यामत लग रही थी.
काजल की सांसे धोकनी की तरह चल रहीथी जिसकी वजह से दोनों चूची बहोत तेज़ी से ऊपरनीचे हो रहीथी
अब मेरा मुँह उसकी एक चूची पर था और दुसरा हाथ दूसरी चूची पर. इस तरह का दो तरफ़ा हमला वो सह नहीं पा रही थी. मे अभी भी उसकी चूची पर सिर्फ किश कर रहा था उसकी घुंडी को अभी तक मेरे होंठ से छुवा भी नहीं था. में काजल को थोड़ा तड़पा कर और गरम कर के उसके मुँह से बुलवाना चाह रहा था
अब काजल ने उसके पैर पटकना चालू कर दिया और मादक सिसकारी भी निकाल रही थी पर में अभी भी उसकी चूची को एक हाथ से दबा रहा था और दूसरी चूची की घुन्डी के इर्द गिर्द चूम रहा था.
मुझे काजल को तड़पाने मे मज़ा आ रहा था. मेने अब आगे बढ़ते हुई काजल कि कुर्ती निकाल दी अब काजल ऊपर से सिर्फ ब्रा मै थी धीरे धीरे मेने उसकी दोनों चूची को छोड़कर उसके सपाट पेट पर चूमते चूमते मे आगे बढ़ा और फिर काजल की नाभि के अंदर मेरी जीभ घुसा कर उसकी नाभि की चुसाई की.
वो सिर्फ इतना ही बोल पायी ओह्ह्ह ननदोयजी प्लीज.... और उसके बाद तो उसके मुँह से एक और लम्बी सिसकी निकल गई.... अह्ह्ह्ह शह्ह्ह्ह.........ओह्हहूउउ......
मे उसकी नाभि के इर्द गिर्द मेरी जीभ घुमा रहा था और काजल अब आउट ऑफ़ कण्ट्रोल हो रही थी पर मे आगे बढ़ा और नीचे जाने लगा अब मै काजल की लेंगिस तक पहोच गया मेने आगे बढ़ कर उसकी लेंगिस की इलास्टिक मे ऊँगली फसाकर काजल की लेंगिस को धीरे धीरे निकाल दी.
अब काजल मेरे सामने सिर्फ ब्रा और पैंटी मै थी उसकी दोनों आंखे अभी भी बंध थी और वो हाफ रही थी. मेरे लाए नई ब्रा और पेंटी सेट पहनकर काजल आज एक अप्सरा से भी ज्यादा खुबशुरत और सेक्सी लग रही थी
अब मे काजल के ऊपर आ कर वापस उसके होंठ चूसने लगा और एक हाथ से काजल की चूची को मसलने लगा और दूसरे हाथ पेंटी के ऊपर से काजल की चूत को सहलाने लगा.
मेरे तीन तरफ़ा हमले से काजल की हालत ख्रराब हो गई... काजल भी अब पूरे जोश मै आ चुकी थी और इतनी तेज़ सिसकी निकाल रही थी की मेरी भी हालत ख़राब हो गई.
मैंने आखरी हमला किया, काजल के होंठ को छोड़ कर मै उसकी ब्रा निकल दी, अब काजल ऊपर से बिलकुल नंगी थी और उसकी तेज़ धड़कनो की वजह से दोनों चूची बहोत तेज़ी से ऊपर नीचे हो रही थी
आज मेरा ख्वाब पूरा होने जा रहा था जिस चूची को में खवाबो देखा करता था आज वो साक्षात् मेरे सामने थी.
काजल की एक चूची पर हाथ रखा और दूसरी की निप्पल को मुँह मै भर लिया, काजल की चूची इतनी बड़ी थी की मेरा पूरा मुँह भर गया...जैसे ही मेने घुण्डी को चूसना शरू किया, काजल के मुँह से एक तेज और मादक सिसकारी निकली. अह्हह्ह्ह्ह...................ओह्ह्ह्हह्हह...........शह्ह्ह्ह........
और वो इतनी तेज़ थी की अगर कोई नीचे होता तो आवाज़ सुनकर ऊपर आजाता.
मै एक चूची को छोड़कर दूसरी चूची पर टूट पड़ा और दूसरे हाथ से काजल की पेंटी को निकाली. अब काजल मेरे सामने मादरजात नंगी बेड पर पड़ी थी, मेरा हाथ अब काजल की चूत पर घूम रहा था और वो अब आउट ऑफ़ कण्ट्रोल हो रही थी. मै धीरे धीरे काजल की चूत की और बढ़ रहा था
मेने हल्के से काजल की चूत का दाना मसल दिया उसी के साथ उसके मुँह से और एक तेज़ सिसकी निकल गई......ओह्ह्ह्ह माआआ.... शह्ह्ह्हह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्हह्हह... ओह्ह्ह्हह्ह...........
मेरा ये खेल चालू किये अभी आधे घंटे से जायदा हो गया था... अब मेने देर ना करते हुई काजल की चूत के ऊपर ऊँगली घुमाने लगा. काजल की चूत बहोत ही पानी छोड़ रही थी,
काजल की चूत का पानी इतना ज्यादा था की उसकी जांघो से बह कर चद्दर को भी भिगो दिया काजल से अब रहा नहीं जा रहा था वो अपने हाथ पैर पटक रही थी तो कभी चद्दर को अपनी मुट्ठी में लेकर खींच रही थी. काजल की सिसकिया तो बढ़ती ही जा रहीथी.
थोड़ी देर बाद मेने एक ऊँगली उसकी चूत की फांको मै डाली और धीरे धीरे ऊँगली को अंदर बहार करने लगा. काजल कुछ बोल नहीं रही थी पर मुझे लग रहा था की अब टाइम आ गया है पर मै अभी भी वेट कर रहा था और मुझे काजल के मुँह से सुन ना था.
मेने काजल के पैर फैलाये और उस के बीच में आ गया फिर उसकी चूत पर मेरी जीभ रख दी और में काजल कि अमृतरस पीने लगा. मेरी जीभ से काजल के चूत के दाने को हलकी सी मसाज करनी लगा और थोड़ी देर बाद मेने दाने को मेरे मुँह में लिया और चूसने लगा.
अब मेरी जीभ से काजल की चूत की चुदाई करने लगा, जैसे ही मेरी जीभ चूत के अंदर गई सिसकिया तेज़ हो गई और उसके मुँह मेंसे अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह हीईई जैसी आवाज़े निकल रही थी.
अब काजल के दोनों हाथ मेरे सर के ऊपर थे और दोनों हाथो से मेरा सर दबा रही थी.
मे भी मेरी जीभ की नोक काजल की चूत मै और गहराई तक डालने लगा और दोनों हाथो से काजल की चूची को बेदर्दी से दबानै लगा. मेरा ऐसा करने से अब काजल नै दोनों पैर मेरे सर पर दबा दिये और एक तेज़ सिसकी निकली... अह्ह्ह्ह......शह्ह्ह्ह... ओह्ह्ह्हह... हीईईई......अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह.........करते हुई जड़ गई, और तब तक नहीं छोड़ा जब तक चूत कि पूरा रस निकल ना गया.....
काजल आंखे बंध करके अभी भी हाफ रही थी अब मेने अपने कपड़े निकाले और काजल के ऊपर आ गया. मेरा लंड अब काजल की चूत को छू रहा था....में तो चूत मै लंड डालने के लिये तड़प रहा था पर में काजल के मुँह से सुनना चाहता था....
थोड़ी देर मेने लंड से चूत के ऊपर घिसाई की पर लंड पर चूत मै नहीं डाला.... काजल से बर्दाश्त नहीं हो रहा था पर फिर भी अपने दोनों होंठ भींच कर अपने आप को कण्ट्रोल कर रही थी और मै सुकून से मज़ा ले रहा था.
मेने लंड काजल की चूत पर से हटा दिया और जैसे की किसी नै उसका प्यारा खिलौना ले लिया. और चीखते हुई बोली डाल दो ना अब... में अब भी कुछ नहीं कर रहा था. मै काजल से पूछा क्या डालू. तो वो फिर से बोली प्लीज डाल दो ना मज़ाक मत करो. मै फिर से पूछा क्या डाल दू... गुस्से में आकर बोली तुम्हरा लंड मेरी चूत मै डाल दो……..
काजल इतना ही बोल पाई और चूत पर लंड सेट कर के मेने एक तेज़ शॉट मारा. मेरा ६ इंच कि लंड सीधा काजल की चूत मै सरक कर सीधा बच्चेदानी पर जा कर टकराया.
काजल के मुँह से और एक तेज़ सिसकी निकली... अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह शह्ह्ह्ह.... अब काजल मुझे मेरे नाम से बुला रही थी और बोल रही ओह्ह्ह्ह माआअ... मार डाला ओह्ह मेरे राजा अब चोद तेरी रानी को और तेज़ और तेज़... अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह शह्ह्ह्ह........
काजल की चूत मै मेने तेज़ तेज़ धके मरना चालू किया और उसी के साथ काजल की सिसकिया पूरे रूम मै गूंज नै लगी... मै काजल को बहोत बेदर्दी से चोद रहा था और उसकी दोनों चूची को भी मसल रहा था
काजल पसीने से पुरी भीग चुकी थी और उसकी सासे धोकनी की तरह चल रही थी... अब मेरे दिमाग मै एक खुराफाती आईडिया आया. अचानक मेने धके मरना बंध कर दिया... काजल की आंखे अभी भी बंध थी और बोल रही थी प्लीज चोदो ना मुझे....
तुम मेरी आँखों में आंखे डाल कर मेरा साथ दोगी तो ही मै चोदुँगा. मेरी बात सुन कर काजल नै ना में सर हिलाया. में भी अभी मेरा लंड ऐसे ही उसकी चूत मै डाल कर पड़ा था मै कुछ नहीं कर रहा था.
थोड़ी देर बाद काजल आँख खोल कर मुझे बोलती है जानू प्लीज चोदो ना अब नहीं सहा जाता... वो मेरी आँखों में देख रही थी और मेने वापस तेज़ी से काजल की चूत में धके मार ना चालू किया.
अब काजल उसकी नशीली आँखों से उसकी चुदाई होते दिख रही थी और उसके मूह से तेज़ सिसकी निकाल रही थी... अह्ह्ह....... ओह्ह्ह्ह मेरे राजा........ चोद तेरी रानी को....... अह्ह्ह्हह ओह्ह्ह्हह शह्ह्ह्ह..... और तेज़ मार..... तेरी रानी की चूत.... अह्ह्ह्ह निकल दे तेरी रानी कि पूरा पानी......
काजल की चूत मारते अभी १५ मिनट से जयादा टाइम हो चूका था अब फिर काजल के मुँह के एक्सप्रेशन बदल रहे थे... दस पन्द्र धक्को के बाद काजल फिर से चिल्लाई और मुझे कस कर अपने बाहो मै भर लिया.
अब मै भी तेज़ तेज़ धके मार रहा था और काजल भी मेरे साथ चीख रही थी. कुछ १५-२० तेज़ धक्को से काजल की हालत पतली हो गई.... मेरा भी अभी निकल नै वाला था... मेने काजल को पूछा कहा निकालू तो बोली मेरी चूत मै ही निकालो... मै तुम्हारे बच्चे की माँ बनना चाहती हु...
काजल के इतना बोलते ही मै एक ज़ोरदार शॉट मारा और चूत मै मेरा वीर्य निकलने लगा.. काजल की चूत मेरे वीर्य से भर गई... और उसके साथ ही काजल भी और एक बार मेरे साथ ही जड़ गई...
हम दोनों एक दूसरे आंख नहीं मिला पा रहे थे... काजल की आँखों मै देखा तो वो रो रही थी पर मेरे पूछने पर बोली कुछ नहीं आज पता चला मेरी ननद कितनी नसीब वाली है की आपके जैसा पति मिला है....आपके साथ बिताया ये एक एक पल में जिंदगी भर याद रखूगी....
में काजल के पास गया और वापस उसकी एक चूची को मुँह में लेकर चूसने लगा. काजल मना कर रही थी पर में कहा मान नै वाला थाकाजल बोली छोड़ो मुझे कोई आ जायेगा पर जैसे के मुझे कुछ सुनाई ही नहीं दे रहा था.
अचानक काजल ने मुझे धक्का मारा और में उसकी साइड में बेड पर गिर गया अब वो मेरे ऊपर आ गयी और मेरे ऊपर चढ़ गई
मुझे कुछ समज में नहीं आया की अचानक काजल को क्या हो गया.....
वो मुझे घुर रही थी काजल ने मेरी छाती पर चुम रही थी और फिर अचानक एक भूखी शेरनी की तरह वो सीधे मेरे लंड पर टूट पड़ी मेरे लंड को हाथ में लेकर ज़ोर से दबाया और फिर लंड के ऊपर ३-४ किस की उतना करते ही मेरे मुँह से हलकी सी सिसकी निकल गई...
फिर काजल ने मेरे लंड को मुँह में ले लिया और ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी मेरी तो हालत ख़राब हो रही थी
मेरी तो बोलती ही बंध हो गई थी ... में तो न कुछ बोल नहीं पा रहा था सिर्फ काजल की चुसाई का मज़ा ले रहा था
करीब पांच मिनट की चुसाई के बाद मेने काजल का सर पकड़ा और मेरे लंड को उसके गले की गहराई तक पहुचाने लगा...मेने एक जोरदार सिसकी लेकर काजल के मुँह में ही जड़ने लगा. जब तक मेरा पूरा वीर्य काजल के गले के नीचे नहीं उतरा तब तक मेने मेरा लंड काजल के मुँह से बहार नहीं निकला.
काजल मेरा पूरा वीर्य पि गई और गीली जीभ से लंड को चाट चाट के पूरा साफ़ कर दिया. अब वो बाथरूम में गई और फिर कपड़े पहन कर नीचे चली गई.
करीब आधे घंटे बाद मेरी वाइफ और सासुजी भी मार्किट से वापस लौट आये.
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जल्दी जल्दी आप सब लोग अपने गंदे विचार मुझे रिप्लाय करो और आप सब को किसकी चुदाई करनी हे वो मुझे बताओ... और मेरी कहानी पढ़ने के बाद कितनो का पानी निकला येभी बताओ.
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(This post was last modified: 13-05-2019, 09:09 PM by
james5078. Edited 1 time in total.)
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“प्यार का झरना -3”
अब आगे....
इधर उधर की बाते करते करते शाम हो गई. मेरा साला और ससुर भी फैक्ट्री से वापस आ गए. सब ने खाना खाया और फिर हॉल में बैठ कर गप्पे मर रहे थे...
मने मौका देख कर वाइफ को बोला आज रात तुम्हारी बगल में खाली जगह रखना... आज रात तुम्हारी चूची को पीना है....तो मुझे जवाब मिला नहीं हो सकता मेरी बाजु में काजल सोइ होगी अगर वो जाग जाएगी तो क्या सोचिगी. मेने बोला कुछ नहीं सोचेगी बस तेरी चुदाई को देख कर खुद भी गरम होगी और फिर अपना ही हाथ उसकी चूत में डाल कर खुद को शांत करगी या फिर तेरे भाई के ऊपर चढ़ कर उसकी घोड़ेसवारी करेगी. मेने बात आगे बढ़ाते हुई मेरी जानू को पूछा केसी लगी मेरी चॉइस तो जानू बोली मुझे नहीं पता खुद ही पूछ लेना काजल को...
में भी पीछे हटने वालो मेसे नहीं था मेने भी बोल दिया ठीक है में खुद ही पूछ लेता हु. मेरा जवाब सुनकर गुस्से में आकर एक घुसा मेरे पेट में मरती है. मेने बोला ठीक हे आज रात के लिये तैयार रहना, इतना बोलकर में बहार हॉल में आ गया और सब के साथ गप्पे लगाने लगा.
रात के करीब ११ बज रहे थे सब एक के बाद एक सोने जा रहे थे... मेरे साले को पता था हम तीनो जल्दी नहीं सोते इसलिए वो उठा और बोला में ऊपर के कमरे में सोनेजा रहा हु आप तीनो निचे सो जाना.
मेरा साला, ससुरजी और सासुमा ऊपर की मंजिल पर चले गए. काजल और मेरी जानू निचे के रूम में चली गई. और मेरी जानू को बोला थोड़ी देर टीवी देख कर आता हु तेरी खबर लेने तैयार रहना....
करीब १ घंटे तक में टीवी देखता रहा और फिर में उसके बाद कपडे बदल कर अंदर रूम में गया. रूम में पूरा अँधेरा था मुझे कुछ पता नहीं चल रहा था की मेरी जानू कहा पर सोइ हे. मैंने खाली जगह देखि और वही पर लेट गया, सोचा की शायद मेरी जानू ने मेरे लिए जगह बना कर राखी होगी.
मेरी जानू सो रही थी, आज उसने ऊपर टॉप और निचे पायजामी पहनी थी. मेने उसकी टॉप को थोड़ा ऊपर किया और हाथ अंदर डाल दिया. मेरा हाथ सीधा मेरी जानू की चूची तक पहोच गया बिना किसी रूकावट के..... मुझे समझते देर नहीं लगी की आज उसने ब्रा नहीं पहनी. उसकी एक चूची के ऊपर हाथ घुमाने लगा. मुझे कुछ दिख नहीं पा रहा था पर मज़ा बहोत आ रहा था.
में एकदम उसके नज़दीक सरक गया अब मेरा भी लंड धेरी धेरी कड़क होने लगा और सीधा कपडे के ऊपर से उसकी गांड की दरार में जा घुसा. मेंने दूसरा हाथ उसकी पायजामी में डाल दिया. मेरी जानू ने निचे पेंटी भी नहीं पहनी थी. मेरी तो जैसे लॉटरी निकल पड़ी...
वो भी मेरा साथ देने लगी उसका हाथ मेरे लंड पर चला जाता हे और मेरे लंड से खेलने लगती हे. मेरा एक हाथ अभी भी उसकी टॉप के अंदर था और में उसकी दोनों चूची को बारी बारी मसल रहा था
मेने टॉप को ऊपर कर दिया अब उसकी खुली पीठ मेरी आँखों के सामने थी मेने उसकी पीठ चूमने लगा. थोड़ी देर की चूमा चाटी के बाद वो कसमसाने लगी पर में कहा उसे छोड़ने वाला था.
उसकी पीठ को चूमते वक़्त मेने उसकी पायजामी को निचे सरका दिया फिर मेरा एक हाथ लेजाकर चूत पर रख दिया और हलके हाथ से चूत की मालिश करने लगा. वो इस तरह का दो तरफ़ा हमला सह नहीं पारहि थी.
बहार बहोत तेज़ बारिश हो रही थी और मौसम पूरा ठंडा हो गया था पर मेरी जानू तो पसीने से लथबथ थी और बदन पूरा भट्टी की तरह तप रहा था.
मेने आगे बढ़ कर कहा क्या हुवा... मज़ा नहीं आ रहा क्या तो वो कुछ बोली नहीं सिर्फ ना में सर हिलाया. में आगे बढ़ा और एक ऊँगली मेरी जानू की चूत में डालदी और धीरे धीरे उसे अंदर बहार करने लगा. वो मेरा हाथ पकड़ कर रोकने की कोशिश कर रही थी पर नाकाम रही. दूसरे हाथ से उसकी एक चूची पकड़ कर मसलने लगा, अब चूची की घुंडी को भी मसल ना चालू किया थी की मेरी जानू के मुँह से हलकी हलकी सिसकारी निकलने लगी
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“प्यार का झरना -4”
मेरी जानू को तेज़ सिसकी लेने की आदत हे पर बाजु में काजल सो रही थी तो वो जायदा आवाज़ भी नहीं निकाल पा रही थी. में अभी भी मेरी जानू की चूत को ऊँगली से चोद रहा था...
आज मुझे बहोत अजीब लग रहा था क्योकि उसकी चूत बहोत पानी छोड़ रही थी. इतना पानी उसने आज से पहले कभी नहीं छोड़ा. मेने उस बात पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया और वापस ऊँगली करने लगा अब मेने मेरी स्पीड बढ़ा दी तो उसके मुँह से तेज़ सिसकी निकलने लगी.
मेने चूत मेसे ऊँगली निकली और आगे बढ़ते हुई मेरा पायजामा निकाल कर लंड को चूत की फांको पर रगड़ने लगा और दोनों हाथो से उसकी चूची को मसलने लगा. मेरा इतना ही किया था की और एक दबी हुई सिसकी सुनाई दी.
अब वो खुद पीछे होकर मेरा लंड चूत पर रगड़ रही थी और लंड को चूत अंदर लेनेकी कोशिश कर रही थी पर जैसे ही वो आगे बढ़ती में लंड को पीछे कर लेता था. अब मेरी जानू से बर्दास्त नहीं हो रहा था पर में और तड़पा कर मजे ले रहा था.
मेरी जानू के मुँह से और एक तेज़ सिसकी निकली... और वो इतनी तेज़ थी की कोई अगर गहरी नींद में नहीं होता तो सून लेता और हमारी चोरी पकड़ी जाती.
में अभी भी मेरी जानू की चूची के साथ खेल रहा था... मेने जानू के कान में कहा शायद काजल जाग गई हे और वो हमारी चुदाई देख रही हे पर फिर भी वो कुछ नहीं बोली...
थोड़ी देर बाद मेने वापस मेरी जानू की दोनों चूची को मसलने लगा और आगे बढ़ते हुई मेरी लंड को चूत के ऊपर रगड़ने लगा. साथ साथ में उसकी गर्दन पर भी मेरी होंठ घुमा रहा था अब मेरी जानू आउट ऑफ़ कण्ट्रोल हो रही थी...
में आगे बढ़ने का अभी सोच ही रहा था की मेरी जानू की चूची पर दूसरा हाथ मेहसूस हुवा. ये देखकर मुझे झटका लगा और मेरा दिमाग थोड़ी देर सुन होगया.
मेरी जानू सातवे आसमान परथी, उसके दोनों चूची अभी काजल के कण्ट्रोल में थी और निचे का मोर्चा मेने संभाल कर रखा था. मेरी जानू पुरे मज़े से हमारा साथ दी रही थी.
अभी झटका लगने की बारी मेरी थी जब मेरी जानू के मुँह में से निकला ओह्ह्ह्हह्ह अह्ह्ह्ह शहहह अह्ह्ह्ह एहहहह.... काजल बोली - ननदजी मुझे जाने दो अभी बहोत शर्म आ रही हे
ये सुनकर तो में सीधा आसमान से जमीन पर आ गया. में जिसे मेरी जानू समझता था वो तो काजल निकली और मेरी जानू तो काजल के बगल में सो रही थी और चूची दबा रही थी. मेरी जानू बोली क्यों क्या हुवा अभी तक तो मज़े से चूची दबवा रहीथी और चूत में ऊँगली डलवा रही थी तब शर्म नहीं आयी.
इतना बोलकर मेरी जानू ने काजल की दोनों चूची की घुंडी को मसल डाला. अब बारी काजल की थी... काजल के मुँह से एक तेज़ कामुक सिसकी निकली और उसका सीधा असर उसकी चूत पर हुवा... काजल ने मेरे लंड को उसकी चूत पर दबा दिया....
अब मेरी जानू ने मोर्चा संभाला... मेरे हाथ पकड़कर सीधा काजल की चूत से हटाकर उसकी चूची पर ले गई. मेरी जानू भी ऊपर से नंगी थी अब सीन ये था की मेरी दोनों हाथ जानू की दोनों चूची पर थे और मेरे लंड काजल की चूत पर था.
काजल आगे बढ़ी और मेरी जानू की एक चूची को मुँह में लिया और एक हाथ सीधा मेरी जानू की लेंगी के अंदर डाल दिया और काजल का दूसरा हाथ मेरी लंड पर था. मेरी जानू भी आगे बढ़ी और काजल की दोनों चूची बारी बारी मसलने लगी...
अब पुरे रूम में काजल और मेरी जानू की मादक सिसकारी सुनाई दी रही थी. आह्ह्ह्हह ओह्ह्ह्हह सीईईइइइइइइ.... अह्ह्ह्ह... उम्म्म... अह्ह्ह्ह ....दोनों की सिसकारियां बढ़ने लगी. दोनों की चूत की खुशबु मेरी अंदर की कामुकता को और बढ़ने लगी.
काजल बोली रही थी - बस करो अभी... मार डालोगे क्या आज... अह्हह्ह्ह्ह उह्ह्ह शीइइइइइइ.
मेने कहा काजल अभी तो शुरू किया हे. थोड़ी देर मेरी लंड की रगड़ और मेरी जानू के चूची दबाने सेही काजल अकड़ने लगी और बहोत ही कामुक सिसकिया निकाल रही थी और चूत तो एक झरने की तरह बह रही थी. मगर ये कहा अभी शांत होने वाली थी... अब हम थ्रीसम वाली पोजीशन में आगए.
मेने काजल के पुरे कपडे निकाल दिए और फिर उसको बेड पर लेटा दिया अब सीन ये था की मेरी जानू काजल के मुँह पर उसकी चूत दबा कर बैठ गई और दोनों हाथो से काजल की चूची दबाने लगी.
मेने काजल के दोनों पैर फैलाकर बिच में आगया और मेरे लंड को चूत पर सेट किया. दूसरी और मेने जानू की चूची को दोनों हाथो से पकड़ कर दबा रहा था और मेरी होंठ मेरी जानू को चुम रहे थे.
मेने अब मोर्चा सँभालते हुई एक करारा धक्का मारा और सीधा काजल की चूत में समां गया. काजल मेरी इस हमले से पूरी तरह लड़खड़ा गई और उसके मुँह से एक तेज़ चीख नीकल गई...... पर मेरी जानू काजल के मुँह पर बैठी थी इसलिए आवाज़ नहीं नीकल पाई.
मेंने काजल को चोदना शरू किया, अब पुरे कमरे में मादक सिसकारियां गूंजने लगी. में पुरे जोश में काजल की चूत में दनादन धक्के मार रहा था.
अब काजल के मुँह से एईई..... अह्ह्ह्हह ुह्ह्हह्ह आह्ह्ह्ह जैसी आवाज़ निकाल रही थी. हम तीनो के बदन कामुकता की आग में ऐसे मिल गए, जैसे की एक ही बदन हो.
सिर्फ पांच मिनट ही हुई थी काजल की चुदाई करते करते उसी दौरान उसका बदन अकड़ा और एक तेज़ सिसकारी ली.... अह्ह्ह्हह ओह्ह्ह्हह शह्ह्ह्ह एईई........ और फिर बोली अह्ह्ह ओह्ह्ह सीई ननदोईजी में तो गई... फिर काजल का पूरा शरीर अकड़ जाता हे और वो जड़ने लगती है
काजल ने मेरी जानू की चूची को बेरहमी से मसल डाला और मुझे दोनों पैर के बिच जकड़ लिया... करीब दो मिनट तक ऐसे ही जड़ती रही और फिर निढाल होकर हाफने लगी....
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अब काजल के मुँह से एईई..... अह्ह्ह्हह ुह्ह्हह्ह आह्ह्ह्ह जैसी आवाज़ निकाल रही थी. हम तीनो के बदन कामुकता की आग में ऐसे मिल गए, जैसे की एक ही बदन हो.
सिर्फ पांच मिनट ही हुई थी काजल की चुदाई करते करते उसी दौरान उसका बदन अकड़ा और एक तेज़ सिसकारी ली.... अह्ह्ह्हह ओह्ह्ह्हह शह्ह्ह्ह एईई........ और फिर बोली अह्ह्ह ओह्ह्ह सीई ननदोईजी में तो गई... फिर काजल का पूरा शरीर अकड़ जाता हे और वो जड़ने लगती है
काजल ने मेरी जानू की चूची को बेरहमी से मसल डाला और मुझे दोनों पैर के बिच जकड़ लिया... करीब दो मिनट तक ऐसे ही जड़ती रही और फिर निढाल होकर हाफने लगी....
अब आगे....
मेरे पानी अभी तक निकला नहीं था.... अब मेरी जानू की बारी थी... मेने काजल की चूत मेंसे लंड निकला और जानू को बोला तुम डॉगी स्टाइल में काजल के ऊपर आ जाओ….
मेरी जानू काजल के ऊपर डॉगी स्टाइल में आ गई... में उसके पीछे आ गया और मेरी जानू की चूत को सहलाने लगा... अब काजल थोड़ी नार्मल गई थी, उसने मेरी जानू की एक चूची को मुँह में लेली और दूसरी चूची को हाथ में लेकर मसलने लगी...
अब मेरी जानू की बारी थी...उसके मुँह से एक कामुक सिसकी नीकल गई.... अह्ह्ह्हह..... ओह्ह्ह्हह्ह.... शह्ह्ह्ह... अह्ह्ह भाभी......आजतक कोई लड़की ने मेरी चूची ने छुवा तक नहीं और आज आप ने मुँह में लेकर मुझे तृप्त कर दिया... ज़ोर से चुसो इसे बहोत मज़ा आ रहा हे...
मेने पीछे से मेरी जानू की गांड की दरार पर मेरी लंड की घिसाई करने लगा... इससे उसका मज़ा दोगुना हो गया और फिर से तेज़ सिसकारी नीकल गई उसके मुँह से.....
मेरी जानू बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी और बोली जान प्लीज डाल दोना तुम्हारा लुंड मेरी चूत में अब नहीं रहा जाता. पर में अभी भी उसकी गांड के छेद पर मेरे लंड रगड़ रहा था और मेरी जानू को तड़पा रहा था...
अब मेरी जानू खुद पीछे होकर लंड अपनी चूत में डालने का प्रयास करने लगी पर जैसे ही वो पीछे होती मेभी पीछे होजाता. अब वो पागल जैसी होगई और मुझे गालिया देने लगी.
मेने देर नहीं की और लंड को चूत के ऊपर सेट करके एक ज़ोरदार धक्का मारा मेरी जानू की चूत में.... मेरे लंड चूत की चिकनाई की वजह से शरररर करता हुवा सीधा मेरी जानू की चूत में जा घुसा और बच्चेदानी से टकराया. में अब तेज़ तेज़ धक्के मार रहा था और उसके मुँह मेंसे सिसकारी नीकल रही थी... अह्ह्ह्ह.........ओह्ह्ह्हह....... सीईई.... उईईईईई.... उम्मम्मम.........
मेरी जानू की दोनों चूची पर में और काजल दोनों कब्ज़ा करके बैठे थे... काजल और मेरी जानू एकदूसरे के होंठ चूस रही थी. मेने एक चूची को पकड़ कर काजल के मुँह में डाल दिया था और दूसरी को हमदोनों मिल कर मसल रहे थे.
मेरे तेज़ धक्को से मेरी जानू की चूत काजल की चूत से रगड़ रही थी जिससे दोनों की चूत का दाना आपस में रगड़ रहा था जिसे दोनों को बहोत मज़ा आ रहा था और दोनों के मुँह से सिसकारी नीकल रही थी....अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह आइईईईई उम्मम्मम अह्ह्ह्ह….
पिछले दस मिनट् से में मेरी जानू की चुदाई कर रहा था...और तेज़ तेज़ धक्के मार रहा था. जिसकी वजह से पुरे कमरे में फच फच फच की आवाज़ गूंज रही थी...
अब मेरी जानू का शरीर अकड़ने लगा... और एक तेज़ चीख के साथ जड़ने लगी. मेरी जानू की चूत का पानी उसकी जांघो से बहकर निचे चद्दर को भिगो रहा था. में अभी भी तेज़ तेज़ शॉट मार रहा था पर अब मेरी जानू निढाल होकर पड़ीथी काजल के ऊपर...
मेरे भी अभी पानी नीकल ने वाला था... मेने जानू को पूछा कहा निकालू तो उसने जवाब दिया. मुझे नहला दो... इतना सुनने के बाद मेने झटके से लंड चूत मेसे निकला.
मेरी जानू काजल के बाजु में लेट गई और में खड़ा होकर लंड तेज़ी से हिलाने लगा और तेज़ तेज़ हाथो से मूठ मारने लगा...
करीब तीन- चार बार ही किया था की वीर्य की एक तेज़ पिचकारी मेरे लंड से नीकलकर सीधा मेरी जानू और काजल की चूची पर गई, दूसरी पिचकारी दोनों के मुँह पर डाल दी... और बाकि बचा हुवा वीर्य मेने दोनों को मेरे लंड से पिलाने लगा.
एक भूखी शेरनी की तरह मेरे लंड पर झपटी और मेरे वीर्य का एक एक कतरा दोनों ने मिलकर चूस लिया और फिर एकदूसरे की चूची के ऊपर से चाट चाट कर पी गई.
अब दोनों मेरे सामने देख रही थी... काजल तो नजरे झुकाये हुई बेड पर बेठी और में मेरी जानू की और देख रहा था. रूम में एकदम सन्नाटा सा छा गया और कोई कुछ नहीं बोल रहा था.
थोड़ी देर बाद तीनो खड़े हुए और बाथरूम में जाकर फ्रेश होकर, नंगे ही तीनो एकदूसरे को लिपट कर सो गई.
तो येथी मेरी पहली कहानी... आप सब को कैसे लगी ये मुझे मेल कर के जरूर बताए..
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“प्यार का झरना-5”
कहानी को अब आगे बढ़ाते हे...
रक्षाबंधन मना कर हम लोग सोमवार सुबह वापस बड़ोदा लौट गई.
अहमदाबाद से निकले करीब आधा घंटा हो गया था पर हम दोनों मेसे कोई कुछ नहीं बोल रहा था. अब मेने बात करना शुरू किया. आप सब को बता दू की मेरी जानू का नाम क्रुपा हे. मेने क्रुपा को पूछा क्या हुवा क्या पर वो कुछ नहीं बोला और चुप रही.
फिर भी कुछ जवाब नहीं मिला, मेने दोबारा पूछा तो मेरे सामने देखकर हलकी सी मुस्कुराई और दूसरी और मुँह कर लिया.
मेने वापस पूछा क्या हुवा. कुछ तो बोलो.अकेली अकेली मुस्कुरा रही हो और मुझे जवाब भी नहीं दे रही. तो बोली कुछ नहीं मुझे काजल और तुम्हारी चुदाई याद आगई यही सोच रही थी में और कुछ नहीं था.
अब में पीछे हटने वाला नहीं था. मेने हाथ आगे बढ़ाके सीधा चूची को पकड़ लिया और हलके हलके दबाने लगा. फिर पूछा क्या सोच रही, काजल से चूची चुसवाने का मन कर रहा हे क्या...
इतना सुनते ही मेरे सामने देख कर शर्माकर दूसरी और मुँह घुमा लेती हे.
मेने देर नकरते हुए पूछा देखो बारिश भी बहोत हो रही हे और ऐसे मौसम मेंतो मौके का फायदा उठाना चाहिए. एक काम करते हे आज कुछ नया ट्राई करते हे उतना बोल कर मेने गाड़ी साइड में पार्क करदी बिलकुल रोड के निचे जहा पर किसी की नज़र हम पर नपड़े.
मेरी जानू के मन में बहोत सवाल थे और वो हैरान होकर मुझे घूर रही थी. मेने जेब मेसे मोबाइल निकाल कर काजल को वीडियो कॉल किया. थोड़ी देर में काजल ने फ़ोन रिसीव क्या और मोबाइल के स्क्रीन के सामने आ गई.
मेरे सामने आते ही वो भी शर्मा गई. मेने बात आगे बढ़ाते हुई काजल को कहा तुम्हारी ननद को आपकी याद आ रही हे.
एक जरुरी बात करनी हे एक काम करो तुम ऊपर जाओ और दरवाजा बंध करदो फिर में बताता हु. काजल ने ऊपर रूम में जाकर दरवाजा बंध करदिया और फिर बोली अब बताओ क्या बात है. मेने काजल को कहा कुछ नहीं बस तुमको देखना था इसलिये तुमको ऊपर जाने को बोला.
काजल मुझपे गुस्सा हो गई और और फ़ोन काट दिया, मेने वापस वीडियो कॉल किया फिरसे में काजल से बात करने लगा और सॉरी बोला.
में बेशर्मो की तरह बात आगे बढ़ाते हुई काजल को कहा यार, तुम्हारी ननद की चूत में खुजली हो रही हे और वो चाहती हे की तुम खुजली मिटाने में उसकी मदद करो.
मेरी बात सुनकर हैरान थी अपनी बड़ी बड़ी आँखों से हमदोनो को देख रही थी.
आज काजल ने साडी पहनी थी. मेने सीधा पॉइंट पर आकर बोला तुम्हारी साडी निकाल दो, मेरी जानू को तुम्हारी चूची देखनी हे पर वो कहा सीधे तरीके से मानने वाली थी. मेरे एक हाथ मोबाइल था और दूसरा हाथ मेरी जानू की साडी ऊपर करने में व्यस्त था. अब वो भी तिरछी नज़रो से मोबाइल को देख रहीथी पर बोला कुछ नहीं.
मेने बहोत कहा लेकिन काजल मान ही नहीं रही थी. जब मेने उसको कसम खिलाई तब जाकर मानी पर उसने भी शर्त रखी अगर में साडी निकालू गई तो क्रुपा दीदी कोभी साडी निकाल नी पड़ेगी.
मेने कहा मंजूर हे.
अब मेने मोबाइल को गाड़ी के डैशबोर्ड पर सेट किया और में क्रुपा की सीट को थोड़ा पीछे कर दिया. सीट थोड़ी पीछे खिसका कर मेरे जानू को सूला दिया, मेने आगे बढ़ते हुई क्रुपा की साडी को निकालना शुरू किया पर वो दोनों हाथो से दबाकर बैठी थी और मुझे मना कर रहीथी.
क्रमश:
तो मेरे प्यारे भाइयो और भाभियो कैसा लगा मेरी कहानी का भाग.
आशा करता हु... मेरी ये कहानी पढ़ कर. आप सब के लंड और चूत से पानी निकला होगा
कृपया अपने अपने गंदे सुझाव ज़रूर भेजे मुझे...ताकि में बहोत जल्द एक हॉट और चूत फाडू अपडेट के साथ हाजिर हो शकू.
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“प्यार का झरना-6”
अब आगे....
मे क्रुपा को मनाने लगा थोड़ी ना नुकुर के बाद वो बोली कोई आ जाएगा तो बहोत बदनामी होगी. मेने बोला देखो गाड़ी घनी झाड़ियो के बिच खड़ी की हे इसलिए किस की नज़र में आना मुश्किल हे. और वैसे भी इस तेज़ बारिश में कौन इस जगह आएगा तो तुम चिंता मत करो और मज़े करो.
इतना बोलकर वापस में क्रुपा की साडी को निकालने लगा थोड़ी दिक्कत के बाद साडी को अलग किया, अब क्रुपा मेरे सामने गुलाबी ब्लाउज और पेटीकोट में मेरे सामने सोइ हुई थी
आज काजल ने काले कलर की साडी पहनी हुई थी, मेने काजल को साडी उतारने को कहा दिया, थोड़ी देर में वोभी हमारे सामने काले ब्लाउज और पेटीकोट में खड़ी थी.
मेरे मन में तो लडडू फुट रहे थे. मेने आगे बढ़ते हुई क्रुपा का हाथ पकड़कर मेरे ऊपर खींचा और उसकी दोनों गालो पर चूमो की बारिश करदी. उधर काजल भी बेड पर सोगई और आराम से हमें देख रही थी.
मेने जानू को घुमाया और उसका मुँह कैमरे के सामने करदिया. अब दोनों एकदूसरे को देखकर शर्मा रही थी पर बोल कुछ नहीं रही थी.
मेने जानू की ब्लाउज के बटन खोलने लगा और उधर काजल ने भी ब्लाउज के बटन खोलना शरू किया. ये देख कर मेरे लंड भी खड़ा होने लगा. मेने सिर्फ दोही बटन खोले और फिर मेरा हाथ क्रुपा के ब्लाउज के अंदर डाल दिया.
मेरा हाथ सीधा ब्रा के ऊपर जा पंहुचा और धीरे धीरे चूची को दबनी लगा, मेरी इस हरकत से मेरी जानू की आंखे बंध हो गई और मुँह से हलकी हलकी सिसकी निकालने लगी.
ये देखकर उधर काजल भी ब्लाउज में हाथ डालकर खुद ही दोनों चूची को धीरे धीरे मसलने लगी. मेरी जानू के कान में मोबाइल पर देखने की लिए बोला, मेरी जानू ये देख कर और जोश में आगई. मेंने ब्लाउज के बाकि तीनो बटन भी खोल दिए और ब्लाउज को उतर फेंका.
मेरी जानू ने आज नीले कलर पैडेड और फ्रंट हुक वाली ब्रा पहनी थी, उसमे तो स्वर्गलोक की अप्सरा दिख रहीथी. मेरी नज़र मोबाइल स्क्रीन पर गई, अब काजल भी ब्लाउज उतार कर सिर्फ ब्रा और पेटीकोट मेंथी.
आज काजल ने मेरी लाई हुई लाल कलर की नेट वाली ब्रा पहनी हुई थी. लाल ब्रा में काजल एक क़यामत लग रही थी, ब्रा के उपरसे चूची और घुंडी साफ़ नज़र आ रही थी, ये देखकर मेरा लंड भी पूरा कड़क होकर मेरी जानू की गांड की दरार में घुस रहा था.
आगे बढ़ते हुई मेने पेटीकोट का नाडा खींचकर निकाल दिया अब मेरी जानू सिर्फ ब्रा और पेंटी में थी. मेरा हाथ अब जानू की चूची पर और दूसरा हाथ सीधा पेंटी के ऊपर लेगया फिर चूत को मसलने लगा ये देख कर काजल ने भी वही किया.
आग दोनों साइड लगी थी पर काजल करभी क्या सकती थी. अब दोनों के मुँह से तेज़ सिसकीया सुनाई दे रही थी. इधर मेरा भी बुरा हाल था. मेने देर ना करते हुई मेरी जानू की पेंटी को साइड में किया और मेरा हाथ सीधा चूत की फांको के ऊपर घूमाने लगा.
मेरी इस हरकत से क्रुपा के मुँह से एक तेज शिशकी निकली और अह्ह्ह्ह..... शह्ह्ह्ह..... ओह्ह्ह्ह.... उम्म्ममम....करने लगी. फिर मेने जानू को साइड में बिठाया और बाहर आ गया. उसने पूछा क्या हुवा पर मेने कुछ जवाब नहीं दिया और छाता खोलकर मोबाइल को कार के बोनेट पर सेट किया.
और मेने देखा काजल भी एक ऊँगली चूत में डाल कर अंदर बाहर कर रही थी और तेज़ तेज़ शिशकीया निकाल रही थी... उम्म्म.... ओह्ह्ह्हह.... अह्ह्ह्ह शह्ह्ह्ह........ अह्हह्ह्ह्ह....... इस्स्स्सस्स्स्स.......उईईईईई
क्रमश:
तो मेरे प्यारे भाइयो और भाभियो कैसा लगा मेरी कहानी का भाग.
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“प्यार का झरना-7”
अब आगे....
अब बारिश भी बहोत तेज़ हो रही थी, मेने जानू को पकड़ के बाहर लाया अब हमदोनों बारिश में भीग रहे थे. मेने जानू को मेरी आगोश मेंले लिया और मेरे होठ मेरी जानू के होंठ पर रखकर एकदूसरे को पागलो की तरह चूमने लगे.
उधर काजल हमें देख रही थी और अपने ही हाथो से चूची और चूत को मसल रही थी. मेने आगे बढ़ते हुई जानू की ब्रा निकाल दी और घुमाकर दोनों चूची सीधी कैमरा के सामने कर दिया. अब बारिश की बुँदे सीधी मेरी जानू की नंगी चूची पर गिर रही थी.
मेने पीछे से जकड लिया और फिर दोनों चूची को मसलने लगा. एक तो बारिश का असर और दुशरा मेरे दोनों हाथ चूची के ऊपर जाते ही क्रुपा के मुँह से एक तेज़ शिस्कारी निकाली ओह्ह्ह्हह.......मुह्हह्ह्ह्हह....... अह्हह्ह्ह्ह....... इस्स्स्सस्स्स्स.......उईईईईई.......
अब क्रुपा से रहा नहीं जा रहा था मेने वापस उसे मेरी और घुमाया फिर एक चूची को मुँह में लेकर चूसने लगा. बारिश की तेज़ बुँदे आग में घी डालने का काम कर रहीथी.
मेने एक हाथ लेजाकर पेंटी के अंदर डाल दिया और चूत की फांको के ऊपर घूमाने लगा... फिर से मेरी जानू के मुँह से एक तेज़ शिशकी निकली शह्ह्ह्हह्ह...... आइइइइइ.... .... अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह.....आममममम....उईईई...
और मेरे सर को उसकी चूची पर बुरी तरीके से दबा दिया... अब उससे सही से खड़ा भी नहीं रहा था
इधर में पुरे जोश में उसकी चूची और चूत का मज़ा ले रहा था. थोड़ी देर बाद मेने वापस उसको कैमरे के सामने घुमा दिया और पेंटी की इलास्टिक में हाथ डालकर उसको निचे कर दिया.
अब बारिश का ठंडा पानी सीधा चूत की फांको परसे निचे गिर रहा था....
काजल भी पूरी नंगी होकर एक हाथ से चूची और दूसरे से चूत की खातिरदारी में लगी हुई थी. मेने जैसे ही पेंटी निचे की काजल ने दोनों हाथो को होंठ की बिच लेकर एक सिटी मारी... और फिर वापस वो चूत में ऊँगली करने लगी.
मेरी जानू को खुले आसमान के निचे बरसती बारिश में चोदने की इच्छा थी जोकि वो आज पूरी होने जा रही थी. आज मेरी बरसो की ख्वाहिश पूरी होने वाली थी. ये सोचते ही मेरे शरीर से रोमांच की एक लहर निकली....
अब मेरा हाथ मेरी जानू की चूत पर था, मेने एक ऊँगली चूत के दाने पर रखकर उसकी मालिश करने लगा... ये उसका बहोत ही सेन्सिटिव भाग हे...
में अभी भी एक चूची की घुंडी को मसल रहा था और दूसरे हाथ से चूत के दाने को रगड़ रहा था. और मेरी जानू तेज़ तेज़ सिसकारियां निकाल रही थी और मुझसे बोल रहीथी प्लीज डार्लिंग अब रहा नहीं जा रहा डाल दोना तुम्हारा लंड मेरी चूत में.
में अभी भी उसको तड़पाना चाहता था, अब मेने वापस घुमाया और एक चूची को मुँह में भरलिया और एक ऊँगली सीधी चूत के अंदर डाल दी और तेज़ी से अंदर बाहर करने लगा...
मेरे इस दो तरफे हमले से अनजान थी...अब वो तेज़ तेज़ सिसकिया ले रही थी और बड़बड़ा रही थी.... अह्हह्ह्ह्ह उईईईईई..... अह्ह्ह्ह शह्ह्ह्हिई उम्म्ममममम..... प्लीसीएएएएए..... आआआअब....
ऑररररररररर मत तड़पाओ ऊऊऊओ.... अह्हह्ह्ह्ह.... ओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह.... शीइइइइइ.... अह्ह्ह्हहम्म्म्म....
वो बार बार चोदने को कह रही थी पर में अभी भी उसकी चूत में ऊँगली कर रहा था.
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“प्यार का झरना-8”
अब आगे....
वो ठीक से खड़ी भी नही रह पाती हे. बारिश अभी भी हो रहीथी अब मेने उसकी पेंटी पूरी निकाल दी साथ में भी पूरा नंगा हो गया वापस कृपा कैमरे के सामने खड़ा किया. में उसकी गर्दन और पीठ को चूमने लगा साथ साथ दोनों चूची को बेदर्दी से मसल रहा था और लंड को दोनों जांघो के बिच लेकर चूत की फांको पर रगड़ने लगा....
क्रुपा ये तीन तरफ़ा हमला सह नहीं पाई और चंद पलो मेही मेरे लंड को पकड़ कर अपनी चूत पर रगड़ने लगी और फिर एक तेज़ चीख निकली उसकी मुँह से और झड़ने लगी.... और फिर क्रुपा की चूत से गरम पानी का एक झरना बहने लगा.... करीब दो मिनट तक वो मुझे पकड़ कर खड़ी रही...
मेने मोबाइल की स्क्रीन पर देखा तो काजल भी अपनी आंखे बंध करके बहोत तेज़ी से ऊँगली अंदर भर कर रही थी... थोड़ी देर में वो भी तेज़ सिसकारी निकाल कर झड़ने लगी....
बारिश अभी भी हो रही थी, हमें करीब आधा घंटा होगया था बारिश में भीगते हुई... मेने अभी देर न करते हुई... मेरी जानू का एक पर हवा में उठा कर कार के आगे के बम्पर पर रख दिया. अब काजल के सामने मेरी जानू की चूत थी जो बारिश के पानी और चूत के पानी से चमक रही थी...
में पीछे से लंड को क्रुपा की चूत पर सेट किया और उसकी फांको पर रगड़ने लगा... मेरी जानू वापस गरम होने लगी और मेरे होंठ के ऊपर चूमने लगी. मेने जायदा टाइम नहीं लिया और एक तेज़ धक्का मारा मेरे लंड को... वो सीधा चूत की दीवारों को चीरता हुवा अंदर समां गया....
मेरी जानू के मुँह से आनंद की एक तेज़ किलकारी निकाल गई और बोली अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह मेरे राजा...... उईईईईई...... ओह्ह्ह्हह्ह.... चोद तेरी रंडी रानी को.... उईईईईई... अह्ह्ह्हह ... फाड डाल तेरी इस निगोड़ी को आज...
अह्ह्ह्हह..... ओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह.... शह्ह्ह्हह्ह... उईईईईई......
बाहर मौसम इतना ठंडा था फिर भी मेरी जानू की चूत अंदर काफी गरम थी. मेरी जानू का एक पैर पकड़ कर हवा में उठा लिया फिर में पीछे से उसकी चूत में तेज़ तेज़ धक्के मारने लगा.
मेरे हर धक्के पर वो चिल्ला रही थी और कामुक सिसकारियां निकाल रही थी.... ओह्ह्ह्हह्ह..... अह्हह्ह्ह्ह..... शहहहहह.... अऊऊऊऊ..... अम्म्मम्म्म्म..... अहूऊओ.....
और तेज़ ऑरररर तेज़ज़्ज़ज़्ज़.... ओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह.... अह्हह्ह्ह्ह.... शह्ह्ह….. निकाल दो इस छिनाल का पूरा पानी अह्ह्ह्हह्हह..... आईएईए..... ुह्ह्हह्ह्ह्ह..... कीईई.... माआआआ....
करीब दस मिनट हो गए थे, कभी में तेज़ तो कभी धीरे से उसकी चूत में लंड डाल कर चोद रहा था. अब मेने पोजीशन चेंज करदी. मेरी जानू की दोनों हाथ बोनेट पर रख कर डोगी स्टाइल में खड़ा करदिया एकदम मोबाइल की स्क्रीन के सामने.
अब मेने पीछे से लंड चूत के अंदर डाल दिया, इस पोजीशन में क्रुपा की चूत को चोद भी रहा था और दोनों हाथो से दोनों चूची को मसल भी रहा था. अब मेरी जानू कुछ बोल नहीं रही थी बस मेरी चुदाई का मज़ा ले रही थी.
मेने एक हाथ लेजाकर सीधा जानू की गांड के छेद पर रख दिया और एक ऊँगली के नाख़ून से उसे कुरेदने लगा... वो और ज़्यादा जोश में आकर वो खुद गांड आगे पीछे करने लगी. बारिश अभी भी हो रही थी... मेरी ऊँगली के साथ बारिश के पानी के स्पर्श से वो बहोत ही उत्तेजीत हो गई थी.
मेरा ध्यान मोबाइल स्क्रीन पर गया, काजल सबकुछ छोड़कर हमारी चुदाई देख रही थी. अब मेरी जानू बोल रही थी डार्लिंग प्लीज अब और मत तड़पाओ... और तेज़ी से पेलो लंड मेरी चूत में निकाल दो सारा पानी तेरी रंडी रानी का.... अह्हह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह्ह ममममम ...... शहहहहह......आईएईए......उईईईई........ और तेज़ और तेज़....... इतना ही बोल पाए....
मेरी तेज़ चुदाई से अब जानू की चूत से फच फच फच जैसी आवाज़ निकाल रही थी... इसी दौरान मेरी जानू का पूरा बदन अकड़ा और बुरी तरह हफ्ते हुई झड़ने लगी....
अब मेने भी देर न करते हुई.... १५-२० तेज़ तेज़ धक्के लगाये और फिर में भी चीखता हुवा चूत को मेरे वीर्य से पूरा भर दिया... करीब २ मिनट दोनों ऐसे ही खड़े रहे... हमारी चुदाई से निकला हुवा मिलन रस मेरी जानू की जांघो से बह कर निचे जा रहा था...
मेरा लंड अब चूत से बाहर आ गया था. मेरी जानू को मेरी बाहों में भर लिया. मेने फ़ोन हाथ में लिया और फिर काजल को पूछा तुम्हारा क्या हाल हे तो जवाब मिला की " आप दोनों की चुदाई देखकर मेरा भी दो बार पानी निकाल गया हे और फिर बोली कास में आप दोनों के साथ होती.
में भी खुले आसमान के निचे बरसती बरसात में आप का बड़ा लंड मेरी चूत में डालकर मेरी चूत की गर्मी निकाल पाती. मैंने उत्तर दिया कोई बात नहीं... तुम्हारा भी नंबर आएगा बहोत जल्द....
मेरा ये पप्पू बहोत जल्द तुम्हारी चूत में होगा. चलो अब में फ़ोन रखता हु...." इतना बोलकर काजल ने कॉल काट दिया.
फिर हमने कपडे पहने और वहा से निकाल कर सीधे घर पहुंच गए.
तो ये थी मेरी पहली कहानी, अभी तो ये शुरुवात हे... आगे आगे देखिए होता हे किया. बहोत जल्द ही आपके सामने एक नए कहानी लेकर जल्दी पेश करुगा....
क्रमश:
तो मेरे प्यारे भाइयो और भाभियो कैसा लगा मेरी कहानी का भाग.
आशा करता हु... मेरी ये कहानी पढ़ कर. आप सब के लंड और चूत से पानी निकला होगा
कृपया अपने अपने गंदे सुझाव ज़रूर भेजे मुझे...ताकि में बहोत जल्द एक हॉट और चूत फाडू अपडेट के साथ हाजिर हो शकू.
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मस्त कहानी है। आगे के भाग को जल्दी प्रकाशित करें।